स्वदेशी जागरण मंच ने सरकार को दी चेतावनी, कहा- हेल्थ इंश्योरेंस में विदेशी कंपनी न हो शामिल

एसजेएम के सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने कहा कि यह खुशी की बात है कि सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की घोषणा की है जिसमें 50 करोड़ लोगों को बीमारियों के लिए पांच लाख रुपये का बीमा दिया जाएगा.

स्वदेशी जागरण मंच ने सरकार को दी चेतावनी, कहा- हेल्थ इंश्योरेंस में विदेशी कंपनी न हो शामिल
एसजेएम ने कहा कि विदेशी बीमा कंपनियों को शामिल नहीं करना चाहिए ताकि देश के कीमती संसाधनों को भारत में ही बरकरार रखा जा सके.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने केंद्रीय बजट में घोषित एक अहम कार्यक्रम के तहत गरीबों को स्वास्थ्य बीमा देने के लिए विदेशी बीमा कंपनियों को शामिल करने के खिलाफ सरकार को चेताया है. एसजेएम के सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने कहा कि यह खुशी की बात है कि सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की घोषणा की है जिसमें 50 करोड़ लोगों को बीमारियों के लिए पांच लाख रुपये का बीमा दिया जाएगा.

उन्होंने एक बयान में कहा,‘‘एसजेएम सरकार को चेताना चाहती है कि इस योजना को लागू करते हुए विदेशी बीमा कंपनियों को शामिल नहीं करना चाहिए ताकि देश के कीमती संसाधनों को भारत में ही बरकरार रखा जा सके.’एसजेएम ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और गरीबों के कल्याण पर केंद्रित बजट का स्वागत किया. उन्होंने बजट में लघु, छोटे और मंझोले उद्यमों को बढ़ावा दिए जाने की भी प्रशंसा की. 

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विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में देश में 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना-आयुष्मान भारत शुरू करने की घोषणा की और कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य देखरेख कार्यक्रम होगा. यह यूनिवर्सल हेल्थस्कीम की ओर भारत का पहला कदम है. इस योजना के तहत 5 लाख का बीमा कवर गरीब परिवार को मिलेगा. 

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यह योजना कैशलैस होगी और मौजूदा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) को नई योजना का रूप दिया जाएगा. उन्होंने इस योजना की शुरूआत की तारीख तो नहीं बताई लेकिन कहा कि एक अप्रैल, 2018 से सरकार के पास इसके लिए 2000 करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे. सरकार ने 24 नए मेडिकल खोलने या जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की भी घोषणा की है. इसका मतलब है कि प्रत्येक तीन लोकसभा क्षेत्रों में संयुक्त रूप से एक मेडिकल कॉलेज होगा. 

जेटली ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की नींव के रूप में स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों की परिकल्पना की गई है. डेढ़ लाख केंद्र स्वास्थ्य पूरे भारत में भारत आयुष्मान प्रोग्राम के तहत बनाए जाएंगे. उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए इस बजट में 1200 करोड़ रुपये का प्रावधान करने की वचनबद्धता जताई. इसके लिए उन्होंने निजी क्षेत्र को भी योगदान के लिए आमंत्रित किया. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘हम सब जानते हैं कि हमारे देश में लाखों परिवारों को अस्पतालों में इलाज कराने के लिए उधार लेना पड़ता है या संपत्तियां बेचनी पड़ती हैं. सरकार निर्धन और कमजोर परिवारों की इस स्थिति को लेकर अत्यधिक चिंतित है.’’

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