दिल्ली हिंसा: दंगों के नाम पर किसने की देश से 'दगाबाजी'?

दिल्ली में दंगों के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पदयात्रा कर रही हैं. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों पर बेहद सख्त टिप्पणी भी की है कि कोर्ट दोबारा दिल्ली में 1984 नहीं दोहराने देगी. 

दिल्ली हिंसा: दंगों के नाम पर किसने की देश से 'दगाबाजी'?

नई दिल्ली: दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है. इन 24 लोगों के खून से दंगाईयों के अलावा उन लोगों के हाथ भी रंगे हैं जिन्होंने हिंसा भड़काने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ अफवाहें फैलाईं. मुस्लिम समुदाय को भड़काया गया कि उनकी नागरिकता छिन जाएगी. जब दंगा भड़क गया 2 दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, हिंसा प्रभावित इलाकों में करोड़ों का नुकसान हो गया तब शांति पाठ का नाटक शुरू हुआ है. दिल्ली में दंगों के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पदयात्रा कर रही हैं. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों पर बेहद सख्त टिप्पणी भी की है कि कोर्ट दोबारा दिल्ली में 1984 नहीं दोहराने देगी.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा की वारदातों के बाद आज माहौल कुछ शांत है. यहां एक महीने (24 फरवरी से 24 मार्च) के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है. जाफराबाद के स्थानीय निवासी ने कहा कि कुछ बाहरी लोग आए थे जिन्होंने जाफराबाद में तोड़फोड़ की. उसके बाद धीरे-धीरे सभी जगह हिंसा फैल गई. अब तक ये पता नहीं चल सका है कि वो लोग कौन थे, क्या थे?

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने कहा कि अभी की स्थिति बिल्कुल नॉर्मल है. लोग काफी सड़क पर आ गए हैं. काफी रोड खुल भी गए हैं.

दंगों को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है. राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रही हैं. कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली की मौजूदा स्थिति के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी लेते हुए गृह मंत्री को अपना इस्तीफा देना चाहिए.

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि एक बड़ी पार्टी जिसने 50 साल देश पर राज किया है उसके अध्यक्ष को जब शांति और सद्भाव की पहल करनी चाहिए उस समय भी राजनीति ही सूझी है. वहीं, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि हिंसा का राजनीतिकरण करना ये गलत रास्ता है. यही कांग्रेस की नीति होती है.

दंगों के दौरान चुुप्पी साधे रखने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अब लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं. आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि कृपा करके दिल्ली को बर्बाद होने से बचाइये, ये सब मत कीजिए. दंगों के घाव दिलों पर सालों-साल रहते हैं. 

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