ब्लड कैंसर से जूझ रहे IIT छात्र को इलाज के लिए चाहिए थे 10 लाख, CM योगी ने बढ़ाए मदद के हाथ

पिता के सरकारी सेवा में होने और पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिलने के चलते आशीष को सरकारी आर्थिक मदद मिलने में अड़चन थी. लेकिन सीएम योगी ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए छात्र की मदद की.

ब्लड कैंसर से जूझ रहे IIT छात्र को इलाज के लिए चाहिए थे 10 लाख, CM योगी ने बढ़ाए मदद के हाथ
लखनऊ एसजी पीजीआई में भर्ती आईआईटी रुड़की के पीएडी छात्र आशीष कुमार दीक्षित (R).

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर मदद की गुहार लगाने वाले एक जरूरतमंद की आवाज फिर से सुनी है. सीएम शुक्रवार को एक तरफ मेरठ मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने में व्यस्त थे, वहीं दूसरी ओर उनकी नजर अपने सोशल मीडिया हैंडल्स की ओर भी थी. ट्विटर से उन्हें पता चला कि आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) का एक शोध छात्र आशीष कुमार दीक्षित ब्लड कैंसर (Blood Cancer) की बीमारी से जूझ रहे हैं. उन्होंने मानवीय पहल करते हुए आशीष के परिजनों से खुद संपर्क किया और छात्र के इलाज के लिए 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद मुहैया कराई.

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नियम बन रहे थे अड़चन,​ फिर सीएम योगी ने की आर्थिक मदद
साथ ही सीएम ने लखनऊ एसजी पीजीआई के डॉक्टारों को आशीष का हरसंभव बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए. शोध छात्र आशीष दीक्षित की मदद के लिए आईआईटी रुड़की के छात्रों ने सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया था. इस कैंपेन की जानकारी मिलते ही सीएम योगी ने छात्र के इलाज का खर्चा उठाने का फैसला किया. आशीष के पिता अशोक दीक्षित लखीमपुर खीरी में वनकर्मी के पद पर तैनात हैं. पिता के सरकारी सेवा में होने और पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिलने के चलते आशीष को सरकारी आर्थिक मदद मिलने में अड़चन थी. लेकिन सीएम योगी ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए छात्र की मदद की.

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आईआईटी रुड़की से मैथ्स में पीएचडी कर रहे हैं आशीष दीक्षित
आपको बता दें कि आशीष दीक्षित आईआईटी रुड़की के डिपार्टमेंट ऑफ मैथमैटिक्स में पीएचडी स्कॉलर हैं. वह पढ़ाई के साथ ही खेलकूद में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं. इसी साल उन्हें ब्लड कैंसर होने का पता चला. तब से उनका इलाज लखनऊ के एसजी पीजीआई में चल रहा है. शुरुआत में डॉक्टरों ने उनके इलाज में करीब 10 लाख रुपए का खर्च बताया था. लेकिन बाद में ब्लड क्लॉटिंग इत्यादि के कारण इलाज का खर्च बढ़कर करीब 22 लाख रुपए हो गया. आशीष के परिवार ने अपने बेटे के इलाज में अब तक आर्थिक अड़चन नहीं आने दी थी. लेकिन खर्च दोगुना हो जाने के कारण उन्हें आर्थिक मदद की दरकार थी. अब योगी सरकार ने दीक्षित परिवार को 10 लाख रुपए की मदद मुहैया कराई है. 

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