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संतों ने सरकार को चेताया, '25 जनवरी तक बने राम मंदिर का फॉर्मूला, वरना होगा आंदोलन'

महंत सुरेश दास ने कहा है कि कुंभ में ही साधु-संत राम मंदिर निर्माण की तारीख तय करेंगे. उन्‍होंने कहा कि अगर कोर्ट और सरकार कुछ नहीं करती है तो जनता की कोर्ट के माध्यम से राम मंदिर बनेगा.

संतों ने सरकार को चेताया, '25 जनवरी तक बने राम मंदिर का फॉर्मूला, वरना होगा आंदोलन'
(फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली : अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों ने एक बार फिर केंद्र सरकार को चेतावनी दी है. इस बार दिगंबर अखाड़े के प्रमुख महंत सुरेश दास ने इस मुद्दे पर सरकार को अल्‍टीमेटम देते हुए कहा कि सरकार राम मंदिर का फॉर्मूला 25 जनवरी तक तैयार करे. अगर ऐसा  नहीं होता है तो इसके लिए आंदोलन किया जाएगा.

महंत सुरेश दास ने कहा है कि कुंभ में ही साधु-संत राम मंदिर निर्माण की तारीख तय करेंगे. उन्‍होंने कहा कि अगर कोर्ट और सरकार कुछ नहीं करती है तो जनता की कोर्ट के माध्यम से राम मंदिर बनेगा.

बता दें कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद (अयोध्‍या विवाद) को लेकर दायर अपीलों पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 10 जनवरी के लिए टाल दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले के लिए नई बेंच का गठन किया जाएगा. 3 जजों की यह नई बेंच तय करेगी कि अयोध्‍या विवाद की रोजाना सुनवाई हो या नहीं.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई इस नई बेंच का गठन करेंगे.  साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील की ओर से दायर की गई उस जनहित याचिका को भी खारिज कर दिया है, जिसमें अयोध्‍या विवाद की रोजाना और जल्‍द सुनवाई की मांग की गई थी.

बता दें कि रविवार को ही राम मंदिर के मसले पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता अश्विनी कुमार चौबे का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण देश के लिए स्वाभिमान और सम्मान की बात है. इसलिए रामलला का मंदिर वहीं बनेगा, जहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था.

उन्होंने कहा था कि भले ही अलग-अलग राजनीतिक पार्टियां ऊपर से कुछ कहे, लेकिन सभी की भगवान राम में आस्था है. सभी यही चाहते हैं कि जल्द से जल्द यह समस्या सुलझ जाए और राम मंदिर बनने का मार्ग साफ हो जाए. चौबे ने कहा था कि हमारी सरकार भी इस पर गंभीर है. उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हैं कि जल्द से जल्द इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करे, क्योंकि राम सबके रोम-रोम में बसे हुए हैं और उनमें सभी की आस्था है.

राम मंदिर पर कब-कब अल्टीमेटम?

5 अक्टूबर, 2018
संतों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिला, कानून लाकर मंदिर निर्माण की मांग की.

5 अक्टूबर 2018
VHP ने मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पास किया.

31 अक्टूबर 2018
मुंबई में RSS की बैठक हुई. अमित शाह और मोहन भागवत की मुलाकात में राम मंदिर पर बातचीत हुई.

2 नवंबर 2018
RSS ने कहा, जरूरत पड़ी तो राम मंदिर के लिए 1992 की तरह आंदोलन करेंगे.

3 नवंबर 2018
अखिल भारतीय संत समिति ने चुनाव से पहले मंदिर निर्माण का अल्टीमेटम दिया.

25 नवंबर 2018
अयोध्या में VHP की धर्मसभा, संघ का समर्थन, आंदोलन जारी रखने का ऐलान. 

9 दिसंबर 2018
दिल्ली के रामलीला मैदान विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा, मंदिर निर्माण की रूपरेखा.

6 जनवरी 2018
प्रयागराज में कुंभ में संतों ने राम मंदिर पर सरकार को 25 जनवरी तक अल्टीमेटम दिया.