पूर्वांचल विश्वविद्यालय मार्कशीट मामला: छात्र को 'कांग्रेस' नंबर देने पर कुलसचिव ने दी सफाई, कहा-'सारी फॉल्ट गूगल की है'

इस दौरान बीए तृतीय वर्ष के छात्र शुभम तिवारी के रिजल्ट में गड़बड़ी सामने आई. शुभम ने बताया कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जब विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर रिजल्ट देखा तो वहां अंकों की जगह कांग्रेस लिखा हुआ था. 

पूर्वांचल विश्वविद्यालय मार्कशीट मामला: छात्र को 'कांग्रेस' नंबर देने पर कुलसचिव ने दी सफाई, कहा-'सारी फॉल्ट गूगल की है'
फाइल फोटो.

जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा घोषित किये परीक्षा परिणाम में भारी खामियां सामने आ रही हैं. जिसका खामियाजा सीधे छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. छात्रों को आगे की कक्षाओं में प्रवेश लेने से वंचित होने की संभावना हो गयी है. इससे भी गंभीर खामियां राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय सिंगरामऊ के मार्कशीट में सामने आयी हैं. दरअसल, यहां एक छात्र शुभम तिवारी को 'कांग्रेस' अंक मिला. यह अजब-गजब मार्कशीट देखकर शुभम हैरान और परेशान हैं. वहीं, शनिवार को कुलपति कुलसचिव महेंद्र कुमार ने अंकपत्र में गलती को लेकर सफाई दी है. 

क्या है मामला?
मामला वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से संबद्ध राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय का है. 19 सितंबर को रिजल्ट जारी किया गया था. इस दौरान बीए तृतीय वर्ष के छात्र शुभम तिवारी के रिजल्ट में गड़बड़ी सामने आई. शुभम ने बताया कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जब विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर रिजल्ट देखा तो वहां अंकों की जगह कांग्रेस लिखा हुआ था. जिसके बाद शुक्रवार को महाविद्यालय में जाकर शुभम ने अपनी समस्या बताई थी. जिस पर महाविद्यालय ने विश्वविद्यालय से संपर्क कर जल्द मार्कशीट ठीक कराने का आश्वासन दिया. विश्वविद्यालय के इस कारनामे से लोग चकित हैं. लोगों में यह अंकपत्र चर्चा का विषय बना हुआ है. 

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कुलसचिव महेंद्र कुमार ने दी सफाई
वहीं, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अंकपत्र में हुई त्रुटि के संबंध में जब कुलसचिव महेंद्र कुमार से बात हुई तो उन्होंने बताया,"जिन्होंने आईएनसी का ट्रांसलेट करके कांग्रेस बताया है, वह सभी गूगल से ट्रांसलेट करके बता रहे हैं. आईएनसी का मतलब होता है इनकंप्लीट रिजल्ट. उस पर जो आईएनसी लिखा रहता है. उसका फुल फॉर्म लिखा रहता है. एक ही वर्ड को गूगल कई तरह से पढ़ता है. इसीलिए भ्रम की स्थिति पैदा होती है. हमारी कोई फॉल्ट नहीं है. यह सारी फॉल्ट गूगल की है. लोगों ने गूगल से पढ़ा है, इसलिए गलती समझ में आ रही. हमारे यहां सारी चीजें सही हैं. हमारे यहां कोई गलती नहीं है. कोई चाहे तो देख सकता है."

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