उत्तराखंड: सर्वे के आधार पर बीजेपी बांटेगी टिकट, पार्टी कार्यकर्ताओं से लिया जाएगा फीडबैक

उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर फिर से कमल खिलाने की कवायद में जुटी बीजेपी सर्वे के आधार पर लोकसभा चुनाव के टिकट बांटेगी.

उत्तराखंड: सर्वे के आधार पर बीजेपी बांटेगी टिकट, पार्टी कार्यकर्ताओं से लिया जाएगा फीडबैक

देहरादून: प्रदेश की पांचों लोकसभा सीटों पर फिर से कमल खिलाने की कवायद में जुटी बीजेपी सर्वे के आधार पर लोकसभा चुनाव के टिकट बांटेगी. इसके लिए पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश की पांचों लोकसभा सीटों पर सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है. सर्वे का आधार सांसद की अपने क्षेत्र में सक्रियता, लोकप्रियता और अपने क्षेत्र में करवाए गए कामकाज को रखा गया है. मौजूदा वक्त में सभी सीटों पर बीजेपी का कब्जा है. बीजेपी अपनी जीत को दोहराना चाहती है. मौजूदा वक्त में एक-एक सीट पार्टी के लिए बेहद अहम है. लिहाजा पार्टी ने युद्ध स्तर पर इस पर होमवर्क शुरू कर दिया है. हर लोकसभा क्षेत्र में सर्वे करवाए जा रहे हैं. अपने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जा रहा है और इसी फीडबैक के आधार पर बीजेपी शीर्ष नेतृत्व लोकसभा के टिकटों का बंटवारा करेगा.

दरअसल, इस बार पार्टी नेतृत्व किसभी भी प्रकार का जोखिम उठाने की स्थिती में नहीं है. पिछली बार मोदी लहर में राज्य की पांचों लोकसभा सीटों पर बडे अंतर से बीजेपी ने जीत दर्ज की थी और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हुआ था. बीजेपी की सबसे उपयुक्त उम्मीदवार को ही चुनाव मैदान में उतारने की योजना है. देहरादून पहुंचे बीजेपी के लोकसभा चुनाव प्रभारी थावरचंद गहलोत ने कहा पार्टी जीतने वाले उम्मीदवार को ही टिकट देगी और इसके लिए पार्टी  ने अपनी कवायद शुरू कर दी है.

जिताऊ पर ही दांव खेलेगी बीजेपी
इस बार बीजेपी सिटिंग-गेटिंग फॉर्मूले पर काम करने के मूड में नहीं नजर आ रही है. लिहाजा सभी सिटिंग सांसदों को टिकट मिले और सभी पार्टी के सर्वे में खरे उतर पाएं, फिलहाल यह कह पाना मुश्किल है. यानी अब सभी सिटिंग सांसदों को भी टिकट के लिए बडी जद्दोजहद करनी पड़ सकती है. बात पौड़ी लोकसभा सीट की बात करें तो इस सीट से पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूडी सांसद हैं लेकिन उनके स्वास्थ्य के चलते अब इस सीट पर किसी नए चेहरे की तलाश की जा रही है. बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ रावत इस सीट से तैयारी कर रहे हैं तो वहीं शौर्य डोभाल की सक्रियता ने भी पौड़ी सीट का चुनावी पारा गरमाया हुआ है. 

नैनिताल सीट से सांसद भगत सिंह कोश्यारी भी चुनाव लड़ने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं. इस सीट पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की भी दावेदारी मानी जा रही है. हालांकि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कोई दावेदारी नहीं जताई है. बीजेपी के पूर्व सांसद बलराज पासी भी इस सीट पर तैयारी कर रहे हैं. बात टिहरी लोकसभा सीट की करें तो मौजूदा वक्त में टिहरी सीट से सांसद रानी राज्यलक्ष्मी शाह सांसद हैं और वह फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. रानी इस बात को साफ कर चुकी है कि इस सीट पर उनका दावा पहला है लेकिन पूर्व सीएम विजय बहुगुणा की सक्रियता ओर दावत ने बीजेपी कि अंदरुनी सियासत को भी गरमा दिया है. 

बहुगुणा टिहरी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. बात हरिद्वार लोकसभा सीट की करें तो पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक यहां से सांसद हैं और फिर से तैयारी भी कर रहे हैं लेकिन कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की दावेदारी भी किसी से छुपी नहीं है. बात अल्मोडा सीट की करें तो केन्द्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा इस सीट से प्रबल दावेदार हैं, लेकिन राज्य की महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्य इस सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं और उन्होंने अपनी दावेदारी भी पार्टी नेतृत्व के सामने रख दी है. ऐसे में अब बीजेपी सर्वे व पार्टी कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर ही टिकट देने की बात कर रही है. लिहाजा सिटिंग सांसदों की भी टेंशन बढ़ना लाज़मी है.