VIDEO: हाजी साहब ने लगाया 'जय श्रीराम' का नारा, मजबूरन मांगनी पड़ी मस्जिद में माफी

हाजी सईद अहमद कुछ माह पूर्व अयोध्या के तपस्वी छावनी में आयोजित राम मंदिर निर्माण के लिए किए गए हवन पूजन में मुस्लिम महिलाओं के साथ शामिल हुए थे.

VIDEO: हाजी साहब ने लगाया 'जय श्रीराम' का नारा, मजबूरन मांगनी पड़ी मस्जिद में माफी
हाजी सईद अहमद का कहना है कि उनको कट्टरपंथी मुसलमानों से जान का खतरा है और उनको सरकार सुरक्षा मुहैया कराई जाए.

अयोध्या: सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड दिसंबर के पहले हफ्ते में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा. इन सबके बीच अयोध्या का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो में एक शख्स मस्जिद में सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए दिख रहा है. माफी मांगने वाले शख्स का नाम हाजी सईद अहमद हैं. बताया जा रहा है कि इनकी गलती सिर्फ इतनी है कि इन्होंने जय श्रीराम के नारे लगाए थे.

दरअसल, अयोध्या के तपस्वी छावनी में आयोजित राम मंदिर निर्माण के लिए हुए हवन में हाजी सईद अहमद भी शामिल हुए थे. उन्होंने सबके साथ सार्वजनिक रूप से जय श्रीराम के नारे लगाए थे. इस घटना के बाद से हाजी सईद का इस कदर उत्पीड़न शुरू हुआ कि उनको जान बचाने के लाले पड़ गए. घर छोड़कर कुछ समय तक बाहर रहने के लिए मजबूर हुए. उसके बाद भी बात नहीं बनी तो, मस्जिद में नमाज के बाद मुस्लिम समाज के सामने जय श्री राम के नारे लगाने के लिए माफी मांगनी पड़ी. अब हाजी सईद अहमद अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.

यहां देखें वीडियो

इस मामले में दो अलग-अलग वीडियो सामने आए हैं. इसमें पहले वीडियो में हाजी सईद अहमद तपस्वी छावनी मंदिर में आयोजित राम मंदिर निर्माण के लिए हवन पूजन के दौरान मुस्लिम महिलाओं के साथ जय श्रीराम के नारे लगाते दिख रहे हैं. वहीं, दूसरे वीडियो में हाजी सईद अहमद मस्जिद के अंदर मुफ्ती साहब के साथ मुस्लिम समाज के सामने जय श्रीराम के नारे लगाने को बुरा मानते हुए माफी मांगते दिख रहे हैं. 

बताया जा रहा है कि हाजी सईद अहमद 2005 में सऊदी अरब में रहने के दौरान हज कर चुके हैं. उसके बाद वह अयोध्या जिले में आकर रोजगार कर रहे हैं. हाजी सईद अहमद देशभक्त सौहार्दपूर्ण वातावरण की चाह रखने वाले व्यक्ति हैं. जो चाहते हैं कि देश में अमन-चैन कायम रहे और अयोध्या विवाद के समाप्त होने से देश में बदलाव की दिशा नजर आए. 

हाजी सईद अहमद कुछ माह पूर्व अयोध्या के तपस्वी छावनी में आयोजित राम मंदिर निर्माण के लिए किए गए हवन पूजन में मुस्लिम महिलाओं के साथ शामिल हुए थे. जहां उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के साथ सार्वजनिक रूप से जय श्रीराम के नारे लगाए थे. इस खबर के बाद से हाजी सईद अहमद के बुरे दिन शुरू हो गए. घर, परिवार, समाज में उनको काफिर की नजर से देखा जाने लगा. आरोप है कि भद्दी-भद्दी गालियां तक दी गईं. मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका गया. यही नहीं जान से मार डालने तक की धमकी दी गई.

कुछ समय के लिए सईद अहमद अपना घर छोड़कर अयोध्या से बाहर रहने के लिए मजबूर हो गए. इन सबके बावजूद भी जब जमात को तसल्ली नहीं हुई तो, अपनी जान को बचाने के लिए सईद अहमद ने मस्जिद के अंदर मुफ्ती साहब के साथ मुस्लिम समाज के बीच में जय श्रीराम के नारे को गुनाह मानते हुए अपनी गलती के लिए माफी मांगी. 

हाजी सईद अहमद का कहना है कि उनको कट्टरपंथी मुसलमानों से जान का खतरा है और उनको सरकार सुरक्षा मुहैया कराई जाए. उनका यह भी कहना है कि देश में सभी धर्मों को आदर किया जाना चाहिए. ऐसे में उन्होंने जय श्रीराम के नारे एक तरह से सम्मान के दृष्टिकोण से लगाए थे, जिसको लेकर लोगों को बुरा नहीं मानना चाहिए.