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ZEE जानकारी: नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में ममता बनर्जी नहीं होंगी शामिल

ममता बनर्जी को ये जानकारी मिली कि शपथ ग्रहण में उन बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को भी बुलाया गया है, जो चुनावी हिंसा में मारे गए, तब उन्होंने शपथ ग्रहण में शामिल होने से इनकार कर दिया . 

ZEE जानकारी: नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में ममता बनर्जी नहीं होंगी शामिल

ममता बनर्जी को नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया था. पहले ममता बनर्जी ने इसे स्वीकार कर लिया था. लेकिन जब उनको ये जानकारी मिली कि शपथ ग्रहण में उन बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को भी बुलाया गया है, जो चुनावी हिंसा में मारे गए, तब उन्होंने शपथ ग्रहण में शामिल होने से इनकार कर दिया . 

ममता बनर्जी ने Tweet किया है कि राजनीतिक हिंसा में बीजेपी के 54 कार्यकर्ताओं के मारे जाने का दावा पूरी तरह झूठा है. बंगाल में कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुई है. इन 54 लोगों की हत्या निजी दुश्मनी, पारिवारिक झगड़े और दूसरे विवादों की वजह से हुई है. उन्होंने आगे लिखा कि इस तरह के झूठे दावों की वजह से मैं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होने के लिए मजबूर हूं.

ममता बनर्जी के अपने दावे हैं. लेकिन, सच्चाई ये है कि इस लोकसभा चुनाव के दौरान भी बंगाल में एक बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई. नतीजों के बाद भी पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एक कार्यकर्ता की हत्या हुई. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार है. लेकिन ममता अपनी ज़िम्मेदारी मानने को तैयार नहीं हैं.

भारत के राजनेता अक्सर Memory Loss की समस्या से पीड़ित रहते हैं . आज हम ममता बनर्जी को Flash Back में ले जाना चाहते हैं . जब 20 मई 2011 को ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी . तब उन्होंने नंदीग्राम और सिंगूर में राजनीतिक हिंसा में मारे गए कार्यकर्ताओं के परिवार वालों को निमंत्रण दिया था . ममता बनर्जी ने इन राजनीतिक हत्याओं का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य पर लगाया था . बुद्धदेब भट्टाचार्य कड़वाहट भुलाकर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे . लेकिन ममता बनर्जी शायद अब भी चुनाव की कड़वाहट भुला नहीं पाई हैं . ))

शपथ ग्रहण में चुनावी हिंसा में मारे गए 54 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को निमंत्रण दिया गया है. ममता बनर्जी, इन परिवारों से मिलकर सहानुभूति प्रकट कर सकती थीं . लेकिन उन्होंने ये मौका गंवा दिया . ((आज हमने इन परिवारों से बात करके एक रिपोर्ट बनाई है. ममता बनर्जी भी चाहें तो इस रिपोर्ट को देखकर पीड़ित परिवारों की मदद कर सकती हैं .

((बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में 18 लोकसभा सीटें जीती हैं. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने काफी मेहनत की थी. पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी ने 17 और अमित शाह ने 14 रैलियां की थीं . ))अब बीजेपी की नज़र 2021 में होने जा रहे पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव पर है .

2016 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 10.15 प्रतिशत वोट मिले थे . 

इसके अलावा 2014 में बीजेपी को 17.02 प्रतिशत और 2019 में बीजेपी को 40.25 प्रतिशत वोट मिले . 

2016 के मुकाबले, 2019 में बीजेपी के वोट प्रतिशत में करीब 4 गुना इज़ाफा हुआ . 

चुनाव जीतने के बाद भी बीजेपी ने ममता बनर्जी पर राजनीतिक दबाव बनाकर रखा है . कल का दिन TMC के लिए काफी बुरा था . कल TMC के 50 से ज़्यादा पार्षद और 2 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए . CPM के एक विधायक भी कल बीजेपी में शामिल हुए हैं . ((इससे पश्चिम बंगाल में बीजेपी का जनाधार और बढ़ने की उम्मीद है.

आज भी TMC के एक विधायक बीजेपी में शामिल हुए हैं. ये अमित शाह की वही आक्रामक कार्यशैली है जिसके लिए वो प्रसिद्ध हैं. 

कल 30 मई को दूसरी बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे . 2014 की तरह इस बार भी शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के Forecourt में होगा . इस बार भी प्रधानमंत्री खुले आसमान के नीचे शपथ लेंगे. वैसे राष्ट्रपति भवन के दरबार Hall में शपथ ग्रहण की परंपरा रही है. नरेंद्र मोदी से पहले 2 प्रधानमंत्री Forecourt में खुले आसमान के नीचे शपथ ले चुके हैं . 

1990 में प्रधानमंत्री चंद्र शेखर ने Forecourt में शपथ ली. वर्ष 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी ने भी यहीं पर शपथ ली. और नरेंद्र मोदी कल दूसरी बार Forecourt में शपथ लेने जा रहे हैं . 

Forecourt में 5 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होती है. लेकिन मेहमानों की लंबी List देखते हुए इस बार 6 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है. 

शपथ ग्रहण समारोह के लिए राष्ट्रपति भवन से देश के सभी सांसदों, सभी मुख्यमंत्रियों और सभी राज्यपालों को निमंत्रण भेजा जाता है . ये एक प्रोटोकॉल है . 

विपक्ष के नेता भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. पिछली बार की तरह इस बार भी सोनिया और राहुल गांधी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. 

इस बार पश्चिम बंगाल और ओडिशा से बीजेपी के ज़्यादा सांसद जीतकर आये हैं...इसलिये मोदी कैबिनेट में इन दोनों राज्यों से ज़्यादा मंत्री शामिल हो सकते हैं. 

वर्ष 2014 में पश्चिम बंगाल से बीजेपी के दो सांसद जीते थे. इस बार वहां बीजेपी की सीट बढ़कर 18 हो गई हैं.
ओडिशा में बीजेपी एक सांसद से 8 सांसदों तक पहुंच गई है. 

मंत्रिमंडल में पश्चिम बंगाल और ओडिशा को ज़्यादा जगह देकर बीजेपी संदेश देना चाहेगी कि देश को बनाने में उनकी भूमिका बढ़ने वाली है.