close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

Zee Jankari: 14 महीनों में ही पाकिस्तान की जनता इमरान से हुई त्रस्त

अब वक्त है इमरान खान की कुर्सी पर आए सबसे बड़े संकट के विश्लेषण का. पिछले वर्ष अगस्त में इमरान खान..पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे और सिर्फ 14 महीनों में ही पाकिस्तान की जनता इमरान खान से त्रस्त हो चुकी है. उ

Zee Jankari: 14 महीनों में ही पाकिस्तान की जनता इमरान से हुई त्रस्त

अब वक्त है इमरान खान की कुर्सी पर आए सबसे बड़े संकट के विश्लेषण का. पिछले वर्ष अगस्त में इमरान खान..पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे और सिर्फ 14 महीनों में ही पाकिस्तान की जनता इमरान खान से त्रस्त हो चुकी है. उनके खिलाफ इस्लामाबाद में ऐतिहासिक आंदोलन हो रहा है. आंदोलनकारियों ने इमरान खान को इस्तीफा देने के लिए 2 दिनों का वक्त दिया है.

इमरान खान के खिलाफ 27 अक्टूबर को सिंध प्रांत से आजादी मार्च का आरंभ हुआ था. जो कल रात पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा था. इस मार्च का नेतृत्व मौलाना फजलुर रहमान कर रहे हैं. जो जमीयत उलेमा ए इस्लाम-एफ के अध्यक्ष हैं. इस मार्च को पाकिस्तान की कई विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिल रहा है. जिसमें नवाज शरीफ की पार्टी PMLN और आसिफ जरदारी की पार्टी PPP शामिल है. आज इस्लामाबाद में इमरान खान के खिलाफ विशाल जनसभा का आयोजन किया गया था. दावा किया गया कि इस सभा में एक लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए. जनसभा के बाद अब आंदोलनकारी धरना पर बैठ गए हैं.

वर्ष 2018 में पाकिस्तान में आम चुनाव हुए थे. विपक्षी दलों का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना ने चुनाव में गड़बड़ी की. और गलत तरीके से इमरान खान को प्रधानमंत्री बनाया गया. आंदोलन कर रहे लोगों की मांग है कि इमरान खान दो दिनों के अंदर इस्तीफा दें. और फिर से चुनाव करवाए जाएं.

विपक्षी दलों का आरोप है कि इमरान खान की गलत नीतियों की वजह से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पाताल में पहुंच चुकी है. महंगाई ऐतिहासिक रुप से बढ़ गई है. और पाकिस्तान का युवा बेरोजगारी से परेशान है. कह सकते हैं कि एक वक्त के नामी क्रिकेटर इमरान खान...राजनीति की पिच पर आउट हो गए हैं.

और अब इस्लामाबाद में आज हुई जनसभा की कुछ अहम बातों को जान लीजिए. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ ने इमरान खान पर जादू टोना करने के आरोप लगाए. आपको याद होगा कि इमरान खान जब अमेरिका के दौरे पर गए थे. तब डोनल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान वो एक माला फेरते नजर आए थे. इस बात की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा भी हुई थी. पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो ने इमरान खान पर मीडिया पर पाबंदी लगाने के आरोप लगाए. पिछले दिनों पाकिस्तान में टीवी को नियंत्रित करने वाली संस्था PEMRA ने Tv Anchors के लिए एक आदेश दिया था. जिसमें उन्हें किसी भी दूसरे Show में विशेषज्ञ के तौर पर जाने से मना किया गया था. जिसका काफी विरोध हुआ था.

पाकिस्तान में विपक्ष इमरान खान को Selected Prime Minister कहता है. आज पूरा विपक्ष एक हो गया है. आंदोलन की अगुवाई करने वाले मौलाना फजलुर रहमान ने आज साफ कर दिया कि वो इमरान खान की सरकार को चलने नहीं देंगे. उन्होंने इमरान खान को 2 दिनों का अल्टीमेटम दिया है.

इमरान खान ने क्रिकेट से संन्यास लेकर समाजसेवा के क्षेत्र में काम किया. और इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा. वर्ष 2018 में इमरान खान पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय नेता थे. लेकिन आज हालात बदल गए हैं. इसके कई कारण हैं.

पाकिस्तान की अर्थव्यस्था 2017-18 में लगभग 22 लाख करोड़ रुपए की थी. जो अब 18 लाख करोड़ रुपए की रह गई है. पिछले एक साल में पाकिस्तान ने साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लिया है. और आज की स्थिति में पाकिस्तान पर कुल कर्ज उसकी GDP यानि सकल घरेलू उत्पाद का 104 का प्रतिशत है.

पाकिस्तान के कुल कर्ज का 30.7 प्रतिशत हिस्सा कर्ज की किश्त चुकाने में चला जाता है. यानि पाकिस्तान कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज लेता है. विश्व बैंक के अनुसार पाकिस्तान दुनिया की 40वें नंबर की अर्थव्यस्था है. वर्ष 2000 के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था सबसे बुरे दौर में है. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का ये हाल है कि उसकी GDP मलेशिया, नाइजीरिया और थाईलैंड जैसे छोटे देशों से भी कम है.

और अब आप ये जान लीजिए कि पाकिस्तान में बुनियादी सुविधाओं पर क्या खर्च किया जाता है. वर्ष 2018 में शिक्षा पर कुल GDP का सिर्फ 2.4 प्रतिशत खर्च किया गया था . स्वास्थ्य पर 2.75 प्रतिशत खर्च किया गया था. और स्वास्थ्य और शिक्षा से ज्यादा रक्षा पर 4 प्रतिशत खर्च किया गया था. यानि पाकिस्तान की सरकार जनता के स्वास्थ्य की चिंता नहीं करती. बच्चों की शिक्षा की फिक्र नहीं करती.

वर्ष 2017-18 में पाकिस्तान में बेरोजगारी की दर 5.79 प्रतिशत थी. वर्ष 2017-18 में पाकिस्तान की साक्षरता दर 62.3 प्रतिशत थी . Unicef के अनुसार पाकिस्तान में 2.28 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जाते.

और अब वक्त है भारत को बर्बाद करने का महंगा सपना देखने वाले पाकिस्तान की भुखमरी और महंगाई का विश्लेषण करने का. इमरान खान सोच रहे थे कि वो कश्मीर के नाम पाकिस्तान की जनता को मूर्ख बना लेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया इसलिए अब हम पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या का DNA टेस्ट करेंगे. पाकिस्तान की संस्था Gallup & Gilani Pakistan ने एक Survey करवाया है.

ये Survey इस बात को जानने के लिए किया गया था कि पाकिस्तान की जनता के लिए सबसे बड़ी समस्या कौन सी है. Survey में पाकिस्तान के चार राज्यों के लोगों को शामिल किया गया था.

Survey के अनुसार पाकिस्तान की 53 प्रतिशत जनता के लिए सबसे बड़ी समस्या महंगाई है. पाकिस्तान की 23 प्रतिशत जनता के लिए बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है. और सिर्फ 8 प्रतिशत लोगों के लिए ही सबसे बड़ी समस्या कश्मीर है.

साफ है कि इमरान खान को जनता की सबसे बड़ी समस्या की चिंता नहीं है. पिछले महीने पाकिस्तान की महंगाई की दर में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
ये Survey इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान की अधिकांश जनता को कश्मीर पर इमरान खान के झूठ से कोई सरोकार नहीं है. इमरान खान ने पाकिस्तान की जनता से वादा किया था कि वो पाकिस्तान को स्वर्ग बना देंगे. लेकिन पाकिस्तान की जनता इमरान खान का सच जान चुकी है. और अब लगता है कि इमरान खान को कुर्सी छोड़नी होगी. क्योंकि उनके खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं.