Hypersomnia: ज्यादा नींद आने की वजह से भी हो सकता है डिप्रेशन, बचें इन बीमारियों से

बदलती लाइफस्टाइल (Lifestyle) की वजह से नींद न आने की समस्या बेहद आम हो गई है. इससे लोग कई तरह की बीमारियों के शिकार भी होने लगे हैं. नींद कम आना तो बीमारी की वजह है ही, जरूरत से ज्यादा नींद आना भी हमारे सेहत के लिए हानिकारक है. 

Hypersomnia: ज्यादा नींद आने की वजह से भी हो सकता है डिप्रेशन, बचें इन बीमारियों से
ज्यादा नींद आना हाइपरसोमनिया के होते हैं लक्षण

नई दिल्ली: अच्छी नींद हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी है, इससे हमारा दिमाग तरोताजा होता है और एनर्जी भी रीस्टोर (Restore) होती है. नींद न आना आज-कल के लोगों के लिए आम बात हो गई है. इससे हमारा शरीर कई तरह की बीमारियों की गिरफ्त में जाने लगता है. नींद कम आना तो बीमारी का घर है ही, साथ ही जरूरत से ज्यादा नींद आना भी हमारी सेहत के लिए हानिकारक है. नींद कम आने की बीमारी को इनसोमनिया (Insomnia) कहते हैं. इसी तरह नींद ज्यादा आने की बीमारी को हाइपरसोमनिया (Hypersomnia) कहते हैं. अगर आप जान कर सोते हैं तो आप इस बीमारी का शिकार नहीं है. हालांकि अगर आपको हर वक्त ज्यादा नींद आती है तो ये आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है.

कितनी नींद है जरूरी
अच्छी सेहत और ताजगी के लिए 8 से 9 घंटे की नींद काफी है. शहरों में लोग 6-7 घंटे ही सोते हैं, लेकिन कुछ लोगों को ज्यादा सोने की आदत होती है. उन्हें जब भी समय मिलता है, वे बिस्तर पर पड़े रहते हैं. ज्यादा सोना मोटापे का शिकार बना रहा है. जरूरत से ज्यादा नींद लेने के कारण लोग कई बीमारियों का शिकार हो रहे है. वे नींद के आगे खाना-पीना और फिजिकल एक्सरसाइज (Physical Exercise) को स्किप तक कर रहे हैं. इसकी वजह से शरीर कई बीमारियों की गिरफ्त में जाता जा रहा है. लॉकडाउन (Lockdown) के कारण घर पर बैठे-बैठे लोगों को बीमारियों ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है.

इन बीमारियों से कैसे बचा जाए
कब्ज एक ऐसी परेशानी है जो आपके पूरे बॉडी सिस्टम को प्रभावित करती है. गैस (Gas) और एसिडिटी (Acidity) कब्ज की वजह से होती है. पेट के सिस्टम को दुरुस्त रखने के लिए समय पर जागना और सोना जरूरी है. सही समय पर बॉडी मूवमेंट आपको कब्ज से निजात दिलाता है. आपके मोटापे का सीधा असर आपके खान-पान और नींद से है. जो लोग ज्यादा सोते हैं, उनकी कैलोरी बर्न (Calorie Burn) नहीं हो पाती है, जिसकी वजह से उनका मोटापा बढ़ जाता है. कई शोध में ये बात सामने आई है कि ज्यादा सोने से कई तरह की मनोवैज्ञानिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहता है.

ज्यादा सोने से भी बढ़ता है सिरदर्द
ज्यादा सोने वाले लोगों को अक्सर सिर में दर्द (Headache) की शिकायत रहती है. सिर दर्द मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmeter) में उतार-चढ़ाव के कारण हो सकता है. इसमें नींद के दौरान सेरोटोनिन (Serotonin) बढ़ सकता है, जिससे सिरदर्द होता है.

कमर दर्द का बड़ा कारण
आप 8 घंटे से अधिक समय तक बिस्तर पर सोते रहते हैं तो आपके शरीर में खून के बहाव पर बुरा असर पड़ता है. लंबे समय तक बिस्तर पर रहने से पीठ अकड़ जाती है और कमर में दर्द की शिकायत बनी रहती है. जरूरी है कि आप 7-8 घंटे ही सोएं और सुबह व्यायाम जरूर करें.

डिप्रेशन का शिकार
ज्यादा सोने से आप डिप्रेशन (Depression) का शिकार हो सकते हैं. ज्यादा देर तक सोने से दिमाग में डोपामाइन (Dopamine) और सेरोटोनिन (Serotonin) हॉर्मोंस का लेवल कम हो जाता है. ये हॉर्मोंस आपको खुशी महसूस कराते हैं.आप ज्यादा सोते हैं तो आपका मूड पूरे दिन चिड़चिड़ा बना रहता है.

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