close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

वाईएसआर कांग्रेस ने 2014 में कुरनूल में पहली बार खोला था खाता, टीडीपी से मुकाबला

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कुरनूल में पहले चरण में मतदान 11 अप्रैल को हो चुका है. आंध्रप्रदेश की इस अहम सीट पर 2014 के चुनाव में वाईएसआर ने खाता खोला था. सीट की बचाए रखने की चुनौती वाईएसआर कांग्रेस के सामने है.

वाईएसआर कांग्रेस ने 2014 में कुरनूल में पहली बार खोला था खाता, टीडीपी से मुकाबला

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कुरनूल में पहले चरण में मतदान 11 अप्रैल को हो चुका है. आंध्रप्रदेश की इस अहम सीट पर 2014 के चुनाव में वाईएसआर ने खाता खोला था. सीट की बचाए रखने की चुनौती वाईएसआर कांग्रेस के सामने है. टीडीपी कड़ी टक्कर दे सकती है. पिछले चुनाव में टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस के बीच मुकाबला हुआ था.

वाईएसआर कांग्रेस ने अपने मौजूदा सांसद बुत्ता रेणुका का टिकट काटकर नए चेहरे संजीव कुमार पर दांव लगाया है. टीडीपी ने कोटला सूर्यप्रकाश रेड्डी को मैदान में उतारा है. कोटला पिछली बार कांग्रेस से चुनाव लड़े थे. लेकिन अब पाला बदलकर टीडीपी में शामिल हो गए हैं.  कांग्रेस ने अहमद अली खान जबकि बीजेपी ने डॉ. पीव्ही पार्थसारथी को चुनावी मैदान में उतारा है. 

कुरनूल में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने जीता था पहला लोकसभा चुनाव
आजाद भारत में हुए पहले लोकसभा चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने यहां अपना खाता खोला था. 1957-1967 तक कांग्रेस लगातार दो बार यहां से जीती लेकिन 1967 में स्वतंत्र पार्टी ने इस सीट पर कब्जा जमाया. 1971 से 1984 तक कांग्रेस ने वापसी की लेकिन 1984 में टीडीपी की लहर में कांग्रेस बह गई. पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. हालांकि 1989 के लोकसभा चुनाव में फिर से कांग्रेस ने वापसी की. 1999 तक लगातार पांच बार जीत दर्ज की. 1999 के चुनाव में तेलगु देशम पार्टी ने एक बार फिर से अपना दम दिखाया. 2004 और 2009 में कांग्रेस ने दस साल तक अपने कब्जे में पार्टी रखी.  

 

2014 में वाईएसआर कांग्रेस की जीत से बदले समीकरण
कुरनूल में 2014 के लोकसभा चुनाव में समीकरण बदल गए. टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस में मुकाबला हुआ लेकिन कांग्रेस जनाधार के लिए तरस गई और मुकाबले से बाहर होकर तीसरे स्थान पर खिसक गई. इस चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के बुटा रेणुका ने टीडीपी बी.टी. नायडू को 44 हजार 131 वोट से जीत दर्ज की थी. कांग्रेस के उम्मीदवार कोटला जयसूर्यप्रकाश रेड्डी को 1 लाख 16 हजार 603 वोट मिले थे.