जानें, अखिलेश, राहुल-प्रियंका और अमित शाह के लिए क्‍यों खास बनी यूपी की यह हॉट सीट

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) में उत्‍तर प्रदेश की यह सीट सभी राजनैतिक दलों के लिए बेहद खास हो गए हैं. इस सीट पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा अध्‍यक्ष अखिलेश सिंह यादव खुद मैदान में उतर रहे हैं.

जानें, अखिलेश, राहुल-प्रियंका और अमित शाह के लिए क्‍यों खास बनी यूपी की यह हॉट सीट
उत्‍तर प्रदेश की इस संसदीय सीट पर जुटेगी सभी दलों के आला नेता, चुनाव अपने पक्ष में करने की होगी कवायद (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) में उत्‍तर प्रदेश की एक सीट अचानक से सभी राजनैतिक दलों के लिए बेहद खास हो गई है. इस सीट पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए न केवल बीजेपी और कांग्रेस, बल्कि सपा-बसपा गठबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. आलम यह है कि इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा अध्‍यक्ष अखिलेश सिंह यादव खुद मैदान में उतर रहे हैं. दरअसल, हम बात कर रहे हैं उत्‍तर प्रदेश की उन्‍नाव संसदीय सीट की. उत्‍तर प्रदेश की उन्‍नाव संसदीय सीट पर 23 अप्रैल से 26 अप्रैल के बीच ये सभी राजनैतिक महारथी चुनाव प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं. 

उल्‍लेखनीय है कि उत्‍तर प्रदेश की उन्‍नाव संसदीय सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना है. इस सीट से बीजेपी के वर्तमान सांसद साक्षी महाराज चुनावी मैदान में हैं. वहीं, कांग्रेस से पूर्व सांसद अन्‍नू टंडन और सपा-बसपा गठबंधन से अरुण शंकर शुक्‍ला उर्फ अन्‍ना महाराज एक बार फिर अपनी किस्‍मत आजमा रहे हैं. उन्‍नाव उत्‍तर प्रदेश की उन चुनिंदा सीटों में एक सीट है, जहां पर तीनों दलों के बीच कांटे की टक्‍कर मानी जा रही है. इस सीट पर वोटों का समीकरण कुछ इस तरह फंसा है कि अभी तक कोई भी राजनैतिक दल पुख्‍ता तौर यह दावा नहीं कर पा रहा है कि नतीजे उसके पक्ष में ही होंगे. सभी दलों को मालूम है कि मतदाताओं के रुख में हल्‍का सा बदलाव उनकी जीत को हार में तब्‍दील कर सकता है. 

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23 से 26 अप्रैल के बीच उन्‍नाव होगी इन वरिष्‍ठ नेताओं की रैली
लिहाजा, मतदाताओं को अपने पक्ष में रखने के लिए सभी राजनैतिक दलों के शीर्ष नेता मतदान से ठीक पहले उन्‍नाव की तरफ अपना रुख कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, शीर्ष नेताओं द्वार उन्‍नाव में शुरू हो रहे चुनाव प्रचार की शुरुआत उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ बांगरमऊ इलाके से करेंगे. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की 23 अप्रैल को बांगरमऊ में जनसभा को संबोधित करेंगे. वहीं 24 अप्रैल को कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की उन्‍नाव में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. 25 अप्रैल को भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह और सपा प्रमुख अखिलेश सिंह यादव उन्‍नाव में होंगे. आखिर में, 26 अप्रैल को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उन्‍नाव में रोडशो करेंगी. सूत्रों के अनुसार, 26 अप्रैल को प्रियंका गांधी करीब चार घंटे से अधिक का समय उन्‍नाव में गुजारेंगी. 

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पारंपरिक वोट बैंक में सेंध रोकने की कवायद में जुटी कांग्रेस 
प्रदेश कांग्रेस समित‍ि के सदस्‍य दिनेश शुक्‍ल के अनुसार, उन्‍नाव प्रदेश की उन चुनिंदा संसदीय सीटों में शामिल हैं, जहां न केवल कांग्रेस का कैडर वोट मौजूद है, बल्कि वह चुनाव को अपने पक्ष में करने की स्थिति में है. कांग्रेस से जुड़े अन्‍य नेता ने बताया कि उन्‍नाव की सीट को कांग्रेस के पक्ष में लाने में अल्‍पसंख्‍यक बेहद अहम भूमिका अदा करने जा रहे हैं. प्रदेश की दूसरी सीटों में जहां अल्‍पसंख्‍यकों का रुझान सपा-बसपा की तरफ बढ़ा है, लेकिन उन्‍नाव संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाले अल्‍पसंख्‍यक मतदाताओं का रुझान अभी भी कांग्रेस के साथ है. इसके अलावा, इस सीट पर जातिगत समीकरण भी ऐसे हैं, जो कांग्रेस के पक्ष में जाते हैं. ऐसे में मतदाताओं से सीधा संवाद करने के लिए कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी उन्‍नाव पहुंच रही हैं.  

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'सबका साथ-सबका विकास' की नीति पर चुनाव लड़ेगी बीजेपी
उन्‍नाव की राजनीति को करीब से देखने वाले अन्‍य वरिष्‍ठ नेता ने बताया कि अरुण शंकर शुक्‍ला को गठबंधन ने अपना प्रत्‍याशी बनाया है. ऐसे में बीजेपी के सामने संकट है कि उनका ब्राहृमणों का पारंपरिक वोट कही सपा-बसपा गठबंधन के पक्ष में न चला जाए. इतना ही नहीं, इस संसदीय सीट की कुछ पिछड़ी जातियों को भी बीजेपी का पारांपरिक वोट माना जाता है. उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह अपनी रैलियों के जरिए सबका साथ-सबका विकास का संदेश देकर सभी पक्षों को अपनी तरफ लाने की कोशिश करेंगे. दोनों नेता बीते पांच साल में किए गए कार्यों का उल्‍लेख कर सभी पक्षों को अपनी तरफ लाने का प्रयास करेंगे. इसके अलावा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव की कोशिश होगी कि वे अल्‍पसंख्‍यक वोटों को कांग्रेस से जुदा कर अपने पक्ष में ले आएं.