लोकसभा चुनाव 2019 की मतगणना के चलते यातायात पुलिस ने दिल्ली के द्वारका इलाके में कुछ मार्गों में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है. यह प्रतिबंध 23 मई की सुबह 4 बजे से लागू होगा.
लोकसभा चुनाव 2019 अपने अंतिम पड़ाव पर है. 23 मई को नतीजे सामने आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि अगले पांच साल देश की बागड़ोर किसके पास रहेगी.
लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को ढाल बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोल रहे हैं.
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने में अब महज सात दिन शेष रह गए हैं. सात दिन बाद स्पष्ट हो जाएगा कि इस चुनाव में मतदाताओं ने देश की सत्ता किस दल को सौंपी है. फिलहाल, बात उस दौर की, जब बीजेपी की इंडिया शाइनिंग मुहिम बेअसर रही और देश की सत्ता एक बार फिर कांग्रेस के हाथों में चली गई.
14 मार्च 1999 को अटल बिहारी वाजपेयी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली यह देश की पहली ऐसी गैर-कांग्रेसी सरकार थी, जिसने 5 साल का कार्यकाल सफलता पूर्वक पूरा किया था.
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अब सिर्फ दो चरणों का मतदान शेष है. 23 मई को नतीजे सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि इस बार केंद्र में किसकी सरकार. इस बीच, चुनावनामा में हम 1998 की उस बीजेपी सरकार की बात कर रहे हैं, जो महज 13 महीनों में गिर गई थी.
1996 से 1998 के बीच देश ने तीन प्रधानमंत्री देखे. इन प्रधानमंत्रियों में अटल बिहारी वाजपेयी, एचडी देवेगौड़ा और आईके गुजराल का नाम शामिल है.
लोकसभा चुनाव 2019 के छठवें चरण में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी राजनीति का केंद्र बन चुके हैं. राजीव गांधी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के छिड़ी नई जुबानी जंग छिड़ चुकी है.
23 मई को लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने के बाद यह साफ हो पाएगा कि बीजेपी पांचवी बार केंद्र में सरकार बनाने में कामयाब रहती है या कांग्रेस को देश की सत्ता का सिंघासन मिलता है.
लोकसभा चुनाव 2019 जीतकर देश की सत्ता हासिल करने के लिए विपक्षी दलों ने महागठबंधन बनाया है. कुछ ऐसा ही गठबंधन 1989 में तत्कालीन राजीव सरकार के खिलाफ वीपी सिंह ने तैयार किया था.
लोकसभा चुनाव 2019 की बात करें तो मतदाताओं को अपने पक्ष में खड़ा करने के लिए न केवल कांग्रेस, बल्कि बीजेपी भी बॉलीबुड अभिनेता-अभिनेत्रियों का सहारा ले रही हैं. चुनावनामा में आज हम उस अभिनेता-अभिनेत्रियों की चर्चा कर रहे हैं, जिसका नाम राजनीति में इंट्री करने वाले पहले बॉलीबुड अभिनेता -अभिनेत्री के तौर पर दर्ज है
लोकसभा चुनाव 2019 में बहुमत हासिल करने के लिए सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे के साथ गठबंधन कर रहे हैं. वहीं 1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अकेले दम 404 सीटें जीती थीं. इस चुनाव में देश के करीब 11.54 करोड़ मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था.
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) में बीजेपी को हराकर दोबारा अपना अस्तित्व हासिल करने के लिए कांग्रेस हर संभव कोशिश कर रही है. कांग्रेस की कुछ ऐसी ही स्थिति आपातकाल के बाद 1977 के लोकसभा चुनाव में हुई थी. चुनावनामा में आज बात उस दौर की जब 154 में सिमटने वाली कांग्रेस ने तीन सालों के भीतर संसद में अपनी सीटें 353 तक पहुंचा दी थीं.
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) के लिए चौथे चरण का मतदान पूरा हो चुका है. पांचवे चरण में अब 7 राज्यों की 51 संसदीय सीटों के लिए 6 मई को मतदान होगा. इस बीच चर्चा 1980 के उस लोकसभा चुनाव की, जिसमें देश आपातकाल को भुला इंदिरा के पीछे दोबारा आ खड़ा हुआ था.
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) में चर्चा का केंद्र बनी इंदिरा गांधी का राजनैतिक जीवन खात्मे की कगार पर आ खड़ा हुआ था. इस दौरान में, इंदिरा गांधी को कर्नाटक के एक छोटे से शहर से राजनैतिक पुनर्जीवन मिला था.
उत्तर प्रदेश के गोंडा से ग्राउंड रिपोर्ट: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) के लिए जिस दिन वोट पड़ने हैं उस दिन जमकर शादियां हैं. अब महिलाएं अपने घर की बारात विदा करेंगी या वोट डालने जाएंगी.
मतदान केंद्रों की सुरक्षा संभाल रहे आईटीबीपी के जवान अपने मूल ड्यूटी के साथ शारीरिक रूप से अक्षम मतदाताओं की मदद कर उन्हें मतदान करा रहे हैं.
लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी गुजरात की 26 में से 26 सीटें हासिल कर 2014 की तर्ज पर करिश्मा दोहराने की कोशिश में है. बीजेपी की यह कोशिश कितनी सफल होती है, इसका फैसला 23 मई को मतों की गणना के बाद ही हो सकेगा.
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) में एक बार फिर देश का विपक्ष एक जुट होकर चुनाव लड़ रहा है. कुछ इसी तरह 1977 के लोकसभा चुनाव में भी विपक्षी दलों ने गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में गठबंधन चुनाव जीतने में कामयाब रहा और देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार का गठन किया. यह बात दीगर है कि गठबंधन की यह सरकार आपसी मतभेद के चलते महज 34 महीनों में ही गिर गई थी.
उत्तर प्रदेश के उन्नाव संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा. 29 अप्रैल को 21.64 लाख मतदाता तय करेंगे कि अगले पांच साल तक उनका प्रतिनिधित्व कौन सी पार्टी का उम्मीदवार करेगा.
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) में उत्तर प्रदेश की यह सीट सभी राजनैतिक दलों के लिए बेहद खास हो गए हैं. इस सीट पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव खुद मैदान में उतर रहे हैं.
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) के लोकसभा चुनाव में ज्यादातर राजनैतिक दल गठबंधनों में बंट गए हैं. 1977 के लोकसभा चुनाव में भी देश के सभी राजनैतिक दलों ने दो गठबंधनों में बंटकर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में जनता पार्टी को जीत मिली थी और देश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ था.