लोकसभा चुनाव: प्रतापगढ़ के 'गढ़' में जनता किसको देगी 'प्रताप', क्या इस बार खिलेगा कमल!

उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़ लोकसभा सीट देश की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक रही है. एक दौर हुआ करता था, जब यहां कांग्रेस का कब्जा हुआ करता था, लेकिन मौजूदा में यहा आपना दल का कब्जा है.  

लोकसभा चुनाव: प्रतापगढ़ के 'गढ़' में जनता किसको देगी 'प्रताप', क्या इस बार खिलेगा कमल!
साल 1858 में यूपी के इस जिले की स्थापना हुई थी.

नई दिल्ली: प्रतापगढ़ राष्ट्रीय कवि हरिवंश राय बच्चन की जन्म स्थली के नाम से भी जानी जाती है. साल 1858 में यूपी के इस जिले की स्थापना हुई थी. देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था. उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़ लोकसभा सीट देश की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक रही है. एक दौर हुआ करता था, जब यहां कांग्रेस का कब्जा हुआ करता था, लेकिन मौजूदा में यहा आपना दल का कब्जा है.  

 

2014 का जनाधार
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर 52.12 फीसदी मतदान हुए थे. अपना दल के कुंवर हरिबंश सिंह ने बीएसपी के आसिफ निजामुद्दीन सिद्दीकी मात देकर संसद तक पहुंचे थे. कांग्रेस की राजकुमारी रत्ना सिंह तीसरे और सपा के प्रमोद कुमार पटेल चौथे स्थान पर रहे थे. अपना दल के कुंवर हरिबंश सिंह ने बसपा के आसिफ निजामुद्दीन सिद्दीकी को एक लाख 68 हजार 222 वोटों से मात देकर जीत हासिल की थी.

ऐसे है राजनीतिक इतिहास
साल 1952 में प्रतापगढ़ में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुनीश्वर दत्त उपाध्याय विजयी रहे थे और प्रतापगढ़ के पहले सांसद बने थे. मुनीश्वर दत्त उपाध्याय लगातार दो बार इस सीट से विजयी रहे और संसद तक पहुंचकर, प्रतापगढ़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया. साल 1962 में यहां पर भारतीय जन संघ ने अजीत प्रताप सिंह ने बाजी मारी, लेकिन साल 1967 में कांग्रेस नेता दिनेश सिंह जीतकर संसद तक पहुंचे. 

साल 1977 में भारतीय लोकदल के रूपनाथ सिंह यादव इस सीट पर विजयी रहे और इनके बाद कांग्रेस के अजित प्रताप सिंह दोबारा यहां के सांसद पद पर बैठे. साल 1991 में जनता दल और साल 1996 में कांग्रेस के टिकट पर दिनेश सिंह की बेटी राजकुमारी रत्ना सिंह प्रतापगढ़ की पहली महिला सांसद बनी थी. साल 1998 में पहली बार बीजेपी यहां जीत का खाता खोलने में कामयाब हुई. लेकिन साल 1999 में कांग्रेस ने फिर सीट पर कब्जा किया. साल 2004 में समाजवादी पार्टी के अक्षय प्रताप सिंह ने यहां की सीट पर जीत दर्ज की. साल 2014 में अपना दल के कुंवर हरिबंश सिंह यहां से चुने गए और सांसद तक पहुंचे.