माया ने अखिलेश को दिया 2 दिन का टाइम, अमेठी-रायबरेली से फाइनल करें SP-BSP गठबंधन का प्रत्याशी

सूत्रों के मुताबिक, सपा के घोषणा पत्र में बसपा का एजेंडा दिखाई देगा, क्योंकि बसपा ने अब तक किसी भी चुनाव में पार्टी का घोषण पत्र जारी नहीं किया है. 

माया ने अखिलेश को दिया 2 दिन का टाइम, अमेठी-रायबरेली से फाइनल करें SP-BSP गठबंधन का प्रत्याशी
दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे मुलाकात की. (फाइल फोटो)

लखनऊ: प्रियंका गांधी के मेरठ पहुंचकर भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है. इधर प्रियंका गांधी, चंद्रशेखर से मुलाकात कर रहीं थीं वहीं, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सियासी सरगर्मी तेज हुई और सपा अध्यक्ष अखिलेश, मायावती से मिलने पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के रवैये से नाराज बसपा सुप्रीमो मायावती के प्रस्ताव से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहमत नहीं हैं. इसके लिए उन्होंने अखिलेश को खरी-खरी सुना दी. बताया जा रहा है कि घोषणा पत्र को लेकर दोनों नेताओं के बीच में मुलाकात हुई. 

सूत्रों की माने तो चंद्रशेखर रावण और प्रियंका गांधी की मुलाकात से मायावती बेहद नाराज थीं. मेरठ में इस मुलाकात के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश को अपने निवास माल एवेन्यू में बुलाया और कांग्रेस के तेवरों को देश रायबरेली और अमेठी में भी गठबंधन के उम्मीदवार को उतारने की बात कही. मायावती ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से दो दिन के अंदर उम्मीदवारों के नामों को लेकर फैसला लेने को कहा है. सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने कहा है कि अमेठी और रायबरेली से भी गठबंधन चुनाव लड़ेगा.  

जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ सपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ भी मौजूद थे. करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात में होली के बाद संयुक्त चुनावी रैलियां करने पर भी विचार किया गया. इसके साथ ही घोषणा पत्र को लेकर बी चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक, सपा के मेनिफेस्टो में बसपा का एजेंडा दिखाई देगा, क्योंकि बसपा ने अब तक किसी भी चुनाव में पार्टी का घोषण पत्र जारी नहीं किया है. 

 

बैठक में कांग्रेस के तथाकथित वादों के बाद बदलती परिस्थितियों को देखते अमेठी और रायबरेली के अलावा कुछ अन्य सीटों पर भी सपा-बसपा प्रत्याशियों में बदलाव करने पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया. मुलाकात में कांग्रेस के प्रत्याशियों के उतारने से गठबंधन को होने वाले नुकसान पर भी चर्चा की गई. 

आपको दें कि मायावती पिछले दिनों ये साफ कर चुकी हैं कि बसपा कांग्रेस के साथ किसी भी राज्य में कोई गठबंधन नहीं करने वाली हैं. मायावती के इस बयान के बाद बुधवार (13 मार्च) को प्रियंका गांधी वाड्रा मेरठ पहुंची और उन्होंने भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात की.