दिग्विजय सिंह के खिलाफ BJP प्रत्याशी हो सकती हैं साध्वी प्रज्ञा, कहा, 'मैंने भोपाल की गली गली में काम किया है'

भाजपा में भोपाल लोकसभा सीट से साध्वी प्रज्ञा के नाम पर सहमति बन गई है. वहीं विदिशा सीट से रमाकांत भार्गव, सागर से राजबहादुर सिंह और गुना लोकसभा सीट से केपी यादव का नाम दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है.

दिग्विजय सिंह के खिलाफ BJP प्रत्याशी हो सकती हैं साध्वी प्रज्ञा, कहा, 'मैंने भोपाल की गली गली में काम किया है'
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर

नई दिल्लीः BJP जल्द ही मध्य प्रदेश के भोपाल, सागर, विदिशा और गुना लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर सकती है. जिसमें पार्टी भोपाल लोकसभा सीट से हिंदुत्व का चेहरा मानी जाने वाली साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ मैदान में उतार सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा में भोपाल लोकसभा सीट से साध्वी प्रज्ञा के नाम पर सहमति बन गई है. वहीं विदिशा सीट से रमाकांत भार्गव, सागर से राजबहादुर सिंह और गुना लोकसभा सीट से केपी यादव का नाम दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है. बता दें इससे पहले साध्वी प्रज्ञा ठाकुर कह चुकी हैं कि अगर संगठन उन्हें दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल से चुनाव लड़ने को कहता है तो वह इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

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अपने बयान में साध्वी प्रज्ञा ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को वह अपना दुश्मन मानती हैं और अगर संगठन ने उन्हें दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल से चुनाव लड़ने को कहा तो वह इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने कहा था कि 'दिग्विजय सिंह मेरे लिए चुनौती नहीं हैं. मैं उन्हें एहसास कराऊंगी कि देशभक्ति के सामने दुश्मन मेरे लिए कोई चुनौती नहीं है.' वहीं दिग्विजय सिंह के मंदिर जाने पर साध्वी प्रज्ञा ने कहा, 'वह ढोंगी हैं, ढोंगी ढोंग करता रहता है, लेकिन समाज उनकी सच्चाई अच्छे से जानता है.'

वहीं जब साध्वी प्रज्ञा से पूछा गया कि अगर भोपाल से टिकट मिलने पर स्थानीय नेता उन्हें बाहरी कहकर उनका विरोध करते हैं तो इस पर वह क्या करेंगी, तो उन्होंने कहा कि 'मैं बाहरी नहीं हूं. 16 साल की थी, तब से भोपाल में रह रही हूं. ABVP की संगठन मंत्री बनकर मैंने भोपाल के घर-घर गली गली जाकर काम किया है. भोपाल के परिवार-परिवार में मेरा संपर्क है. दिग्विजय सिंह के षड़यंत्र के कारण ही मैं भोपाल में 6 साल तक जेल में रही हूं.

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मैं संन्यासी हूं. भोपाल का हर व्यक्ति कह रहा है कि कांग्रेस के षड़यंत्र की पराजय मेरे द्वारा हो.' बता दें भोपाल को भाजपा की सुरक्षित सीट माना जाता है, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस का दिग्विजय सिंह को भोपाल से चुनावी मैदान में उतारने के फैसले का पार्टी पर क्या असर होता है.