पाकिस्तान में विरासतों की हुई दुर्दशा, जहांगीर और नूरजहां के मकबरों की खस्ता हालत

वॉल्ड सिटी ऑफ लाहौर अथॉरिटी के अधिकारियों ने कहा है कि दोनों स्मारकों की साफ-सफाई और उनके खस्ताहाल ढांचे का संरक्षण कर उसे पर्यटन के लिहाज से विकसित करने का प्रयास किया जाएगा

पाकिस्तान में विरासतों की हुई दुर्दशा, जहांगीर और नूरजहां के मकबरों की खस्ता हालत
फाइल फोटो

लाहौर: मुगल बादशाह जहांगीर और उनकी बेगम नूरजहां के पाकिस्तान (Pakistan) में स्थित मकबरों की हालत बेहद खराब है, और अब पंजाब (Punjab) प्रांत की सरकार ने मकबरों का प्रशासनिक नियंत्रण वॉल्ड सिटी ऑफ लाहौर अथॉरिटी को दे दिया है, जो इन मकबरों का संरक्षण करेगा. डॉन न्यूज के अनुसार, पंजाब प्रांत की सरकार ने मकबरों के संरक्षण और बेहतर पर्यटन तंत्र को लेकर यह कदम उठाया है.

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सरकार की तरफ से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री सरदार उस्मान बुजदर ने 25 अक्टूबर को इससे संबंधित एक निर्णय को मंजूरी दी थी. वॉल्ड सिटी ऑफ लाहौर अथॉरिटी के अधिकारियों ने कहा है कि दोनों स्मारकों की साफ-सफाई और उनके खस्ताहाल ढांचे का संरक्षण कर उसे पर्यटन के लिहाज से विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से पर्यटक आकर्षित हों. प्राधिकरण लाहौर (Lahore) किले और दिल्ली (Delhi) गेट के शाही हमाम की देखरेख और प्रबंधन करता है.

अधिकारियों के अनुसार, बादशाह जहांगीर का मकबरा शाहदरा में 1637 में निर्मित हुआ था, जबकि बेगम नूरजहां का मकबरा 17वीं सदी में बना था. उन्होंने कहा कि दोनों मकबरे अपनी आंतरिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. इसमें विभिन्न प्रकार की चित्रकारी और संगमरमर की आकृतियां हैं.