भारत के डर से पाकिस्तान ने PoK में लोगों को बंकरों में रहने के दिए निर्देश, LoC के पास न जाने को कहा

पाकिस्तान की डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने जारी किया आदेश. लोगों को रात में बाहर नहीं निकलने को कहा. 

भारत के डर से पाकिस्तान ने PoK में लोगों को बंकरों में रहने के दिए निर्देश, LoC के पास न जाने को कहा
फाइल फोटो

नई दिल्लीः पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सेना को एक और सर्जिकल स्ट्राइक का डर सताने लगा है. पाकिस्तानी सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के लोगों को रात के समय बंकरों में रहने के लिए कहा है. पाकिस्तान सरकार की डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने पीओके के पास रहने वाले लोगों को कहा है कि वह लाइन ऑफ कंट्रोल से दूर रहें. पाक सरकार ने पीओके के लोगों को सुरक्षित जगह रहने के साथ-साथ यातायात के लिए भी सुरक्षित मार्गों का इस्तेमाल करने को कहा है. इसके साथ लोगों से रात के समय घूमने और समूह में निकलने से भी रोका है.

राज्य डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने डिप्टी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन के हवाले से नीलम, झेलम, रावलकोट, हवेली, कोटली और भींभर के डीसी को जारी किए गए आदेश में लिखा है, 'ताजा हालात को देखते हुए एलओसी के पास रहने वाले हर शख्स को सूचित किया जाता है कि भारतीय सेना कभी भी कोई हिंसक कार्रवाई कर सकती है. इसलिए जो लोग भी एलओसी के पास रह रहे हैं उन्हें सूचित किया जाता है कि वह सुरक्षा का ध्यान रखें और आने जाने के लिए सुरक्षित मार्गों का इस्तेमाल करें. नागरिक किसी भी एक स्थान पर इकट्ठा ना हों. जो लोग एलओसी के पास रह रहे हैं और उनके पास बंकर नहीं है तो वह तुरंत बंकर तैयार कर लें. रात के समय आवश्यकता न हो तो लाइट ना जलाएं. एलओसी के पास बिना मतलब आवाजाही बंद कर दें. पशुओं को भी एलओसी के पास चराने के लिए न ले जाएं. '

इस आदेश में आगे लिखा है, 'इसके अलावा, आपके (डीसी) निवासियों और उनके प्रियजनों की सुरक्षा के लिए सभी सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए. किसी व्यक्ति पर किसी तरह का संदेह होने पर, संबंधित प्रशासन को तुरंत सूचित करें. इस संदेश को आपके द्वारा निर्दिष्ट क्षेत्रों में रह रहे लोगों तक पहुंचा दिया जाए.'

कश्मीर में सैनिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब हवाई मार्ग से श्रीनगर जाएंगे जवान
पुलवामा आंतकी हमले के बाद श्रीनगर में अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक अब बीएसएफ, असम राइफल्स, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी और आईटीबीपी के जवानों को कश्मीर घाटी में तैनाती के लिए हवाई मार्ग से ही श्रीनगर ले जाया जाएगा. सैनिकों की सुरक्षा को देखते हुए अब सभी अर्धसैनिक बलों के जवान विमान से ही श्रीनगर जाएंगे. इस फैसले के मुताबिक अब हर जवान और हर अफसर को हवाई जहाज से ही जम्मू से श्रीनगर भेजा जाएगा. 

सभी अर्धसैनिक बलों के लिए जारी किया गया यह आदेश आज (21 फरवरी) से प्रभावी हो गया है.  गृह मंत्रालय ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को अब दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के रास्ते पर हवाई मार्ग से भेजे जाने की स्वीकृत देते हुए आदेश जारी किया है.

गृह मंत्रालय के इस निर्णय से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 7 लाख 80 हजार जवानों को सीधा फायदा मिलेगा. इससे पहले कॉन्सटेबल, हेड कॉन्सटेबल और एएसआई रैंक के जवान इस सुविधा के हकदार नहीं थे. जवानों को यह सुविधा जम्मू कश्मीर में ड्यूटी के दौरान यात्रा के साथ ही छुट्टी पर जाने (जम्मू कश्मीर से घर और वहां से वापसी) के लिए भी मिलेगी.