मॉब लिंचिंग पर शशि थरूर का विवादास्पद लेख, 'देश में मुसलमानों से ज्यादा गाय सुरक्षित है'

शशि थरूर ने अपने एक लेख में लिखा है कि जब से बीजेपी सत्ता में आई है, हिंदुत्व का झंडा लेकर चलने वाली ताकतों की वजह से देश में कई जगह हिंसाएं हुई हैं.

मॉब लिंचिंग पर शशि थरूर का विवादास्पद लेख, 'देश में मुसलमानों से ज्यादा गाय सुरक्षित है'
शशि थरूर ने कुछ दिन पहले भारत को हिंदू पाकिस्तान बनने की बात कह कर विवाद को हवा दी थी

नई दिल्ली : अपनी बेबाक टिप्पणियों के जाने जाने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने इस बार मॉब लिंचिंग को लेकर बड़ी बात कही है. अपने एक लेख में उन्होंने लिखा है कि इस देश में कई जगहों पर तो मुसलमान होने से बेहतर गाय होना है. उनकी इस टिप्पणी पर राजनीतिक गलियारों में विवाद खड़ा हो गया है. अभी कुछ दिन पहले उन्होंने भारत को हिंदू पाकिस्तान बनने की बात कही थी. खास बात यह है कि थरूर का यह विवाद उस समय आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में नेताओं को विवादित बयानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी थी.

अंग्रेजी के एक अखबार में लिखे एक लेख में थरूर ने यह टिप्पणी की है. उन्होंने लिखा है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीजेपी शासन में मॉब लिंचिंग बढ़ने की घटनाओं से इनकार किया है. और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी कहते हैं कि देश में पिछले 4 वर्षों में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है. दोनों ही नेता गलत हैं. 

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उन्होंने लिखा है कि जब से बीजेपी सत्ता में आई है, हिंदुत्व का झंडा लेकर चलने वाली ताकतों की वजह से देश में कई जगह हिंसाएं हुई हैं. 2014 के बाद से अब तक अल्पसंख्यक विरोधी हिंसाओं में 389 लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं. 

Shashi Tharoor

शशि थरूर ने लिखा है है कि पिछले 8 वर्षों में गोहत्या से संबंधित 70 हिंसक घटनाएं हुई हैं, जिनमें से 97 फीसदी यानी 70 में से 68 घटनाएं बीजेपी के शासन में हुई हैं. इन घटनाओं में 28 लोग मारे जा चुके हैं और 136 लोग घायल हुए हैं. इन घटनाओं में 86 फीसदी शिकार लोग मुस्लिम हैं. थरूर ने लिखा है कि गोभक्तों के निशाने पर केवल मुस्लिम ही नहीं रहे हैं, दलित भी उनका शिकार बने हैं. उन्होंने लिखा है कि गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के रिकॉर्ड बताते हैं कि 2014 से 2016 के बीच देशभर में 2,885 सांप्रदायिक दंगे हुए हैं. 

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