चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम के खुले कपाट, Lockdown के कारण यात्रा पर रोक जारी

  समुद्रतल से 11808 फीट की ऊंचाई पर स्थित चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ जी के कपाट 18 मई को विधि विधान से पूजा कर ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं.

चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम के खुले कपाट, Lockdown के कारण यात्रा पर रोक जारी

पुष्कर चौधरी, चमोली: समुद्रतल से 11808 फीट की ऊंचाई पर स्थित चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ जी के कपाट 18 मई को विधि विधान से पूजा कर ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं. कपाट खुलने के मौके पर पुजारी समेत सिर्फ 20 लोगों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी.

पुजारी आचार्य वेद प्रकाश भट्ट ने धाम के बंद कपाटों को खोला. इसके बाद फिर उन्होंने गर्भगृह में प्रवेश कर बाबा रुद्रनाथ का गंगाजल व चरणामृत से स्नान कराकर उनका पुष्पों से श्रृंगार किया. जिसके बाद अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा-अर्चना और दर्शन किया. 

जानकारी के अनुसार, लॉकडाउन के चलते फिलहाल यात्रा पर रोक रहेगी. माना जा रहा है कि प्रशासन की ओर से यात्रा की अनुमति मिलने के बाद अच्छी तादाद में श्रद्धालु रुद्रनाथ धाम दर्शन के लिए पहुंचेंगे. आपको बता दें कि शीतकाल में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ जी के कपाट जब बंद किये जाते हैं, तो उन्हें हिमालयी पुष्पों से ढ़का जाता है. इसी तरह से ब्रदीनाथ धाम के भी कपाट बंद किये जाते हैं.

सोमवार की सुबह पूजा-अर्चना के बाद बाबा रुद्रनाथ की उत्सव डोली पनार बुग्याल से रुद्रनाथ धाम के लिए रवाना हो गई है. खास बात है कि रुद्रनाथ धाम देश का एकमात्र शिवालय है, जहां भगवान शिव के मुख दर्शन होते हैं.

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