कोटिलिंगश्वेर मंदिर: जहां मौजूद हैं 1 करोड़ से अधिक शिवलिंग
Advertisement
trendingNow1861950

कोटिलिंगश्वेर मंदिर: जहां मौजूद हैं 1 करोड़ से अधिक शिवलिंग

कर्नाटक के कोलार जिले में स्थित है कोटिलिंगश्वेर धाम मंदिर जो शिवलिंग के आकार में ही बना हुआ है और जिसके चारों तरफ करोड़ों शिवलिंग मौजूद हैं. क्या है इसका कारण, जानने के लिए यहां पढ़ें.

तस्वीर साभार: twitter

नई दिल्ली: वैसे तो भारत भर में भगवान शिव (Lord Shiv) के ऐसे कई मंदिर हैं जो अपने आप में एक दूसरे से बिल्कुल अलग और अनोखे हैं. कहीं शिवजी के अंगूठे की पूजा होती है तो किसी मंदिर में हर दिन शिवलिंग (Shivlinga) का रंग बदलता है तो कहीं शिवलिंग का आकार घटता बढ़ता है. आज हम भगवान शिव के ऐसे मंदिर (Shiva Temple) की बात कर रहे हैं जहां पर एक साथ 10, 20, 50 नहीं बल्कि 1 करोड़ से भी ज्यादा शिवलिंग मौजूद हैं. यह मंदिर दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में है और इसका नाम कोटिलिंगश्वेर मंदिर है.

  1. कोटिलिंगश्वेर धाम मंदिर के चारों तरफ हैं 1 करोड़ से अधिक शिवलिंग
  2. भक्त मनोकामना पूरी होने पर 1 से 3 फीट तक के शिवलिंग स्थापित करते हैं
  3. शिवलिंग के आकार में बने इस मंदिर की ऊंचाई 108 फीट है 

शिवलिंग के आकार में बना है यहां का मंदिर

कर्नाटक के कोलार जिले में मौजूद एक छोटे से गांव काम्मासांदरा में स्थित है कोटिलिंगश्वेर (Kotilingeshwar) धाम मंदिर जो शिवलिंग के आकार में ही बना है और यह दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग भी है. इस शिवलिंग की ऊंचाई 108 फीट है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर के चारों ओर 1 करोड़ से भी ज्यादा छोटे-छोटे शिवलिंग मौजूद हैं और रोजाना यहां पर आने वाले शिवलिंग की संख्या बढ़ती ही जा रही है. इसका कारण ये है कि यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी कोई मनोकामना मांगते हैं और जब उनकी मान्यताएं या मनोकामना पूरी हो जाती है तो वे इस मंदिर में अपनी सामर्थ्य के अनुसार 1 फीट से लेकर 3 फीट तक के शिवलिंग अपने नाम से स्थापित करते हैं. 

ये भी पढ़ें- असम का महामृत्युंजय मंदिर, यहां शिवलिंग की ऊंचाई है 126 फीट

108 फीट ऊंचा शिवलिंग और 35 फीट ऊंचे नंदी

शिवलिंग के रूप में स्थापित इस मंदिर के सामने एख भव्य नंदी और विशाल नंदी भी हैं जिसकी ऊंचाई 35 फीट है और चौड़ाई 40 फीट. 108 फीट ऊंचे विशाल शिवलिंग के चारों तरफ देवी मां, श्री गणेश, श्री कुमारस्वामी और नंदी महाराज की प्रतिमाएं इस तरह से स्थापित हैं मानो वे अपने आराध्य देव की पूजा कर रहे हों. इस पूरे मंदिर परिसर में कोटिलिंगेश्वर के मुख्य मंदिर के अलावा 11 मंदिर और भी हैं जिसमें पंचमुखी गणपति का मंदिर, राम-लक्ष्मण-सीता का मंदिर, विष्णुजी का मंदिर और अन्नपूर्णा माता का मंदिर भी शामिल है. 

ये भी पढ़ें- शिवलिंग पर भूल से भी न चढ़ाएं ये चीजें, होगा नुकसान

महाशिवरात्रि पर लगता है श्रद्धालुओं का मेला

ऐसी मान्यता है की कोटिलिंगश्वेर धाम मंदिर परिसर में मौजूद दो वृक्षों पर पीले धागे को बांधने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है, खासकर शादी-विवाह में आने वाली रुकावटें दूर हो जाती हैं. महाशिवरात्रि के मौके पर तो इस मंदिर में देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं और भोलेनाथ भगवान शंकर की पूजा अर्चना करते हैं.

धर्म से जुड़े अन्य लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

Trending news