Ingenuity Helicopter On Mars: लाल ग्रह पर चक्कर काटेगा NASA का 'हेलीकॉप्टर', लाएगा मंगल पर जीवन होने के सुबूत

मंगल ग्रह (Mars) पर नासा (NASA) का इंजीन्यूटी यान (Ingenuity Helicopter) पहुंचने वाला है. हालांकि उसे वहां काफी चुनौतियों का सामना करना होगा. ये हेलीकॉप्टर छोटे से ड्रोन जैसा दिखता है. इसमें लगे सुपर-सैनिटाइज्ड सैंपल (Super-Sanitized Samples) रिटर्न ट्यूब्स चट्टानों (Return Tubes Rocks) से नमूने इकट्ठा करेंगे जिससे मंगल पर प्राचीन काल में मानव जीवन होने का सबूत (Life On Mars) ढूंढा जाएगा. 

Ingenuity Helicopter On Mars: लाल ग्रह पर चक्कर काटेगा NASA का 'हेलीकॉप्टर', लाएगा मंगल पर जीवन होने के सुबूत
इंजीन्यूटी यान

नई दिल्ली: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) अपने दूरगामी लक्ष्य मंगल (Mars) के लिए मानव अभियान को लेकर सबसे ज्यादा सक्रिय है. पृथ्वी पर पहले संचालित उड़ान के एक दशक से अधिक का समय गुजरने के बाद नासा (NASA) दूसरी दुनिया में खुद को साबित करने की तैयारी में हुटा है. मंगल ग्रह पर नासा का इंजीन्यूटी यान ( Ingenuity Helicopter On Mars) पहुंचने वाला है. लेकिन इस यान को वहां काफी चुनौतियों का सामना करना होगा. करीब से देखने पर ये हेलीकॉप्टर छोटे ड्रोन जैसा दिखता है. मात्र 4 पौंड यानि 1.8 किलोग्राम के वजन वाले इस हेलीकॉप्टर में ऐसे ब्लेड लगे हैं जो सामान्य से पांच गुना अधिक तेजी से घूम सकता है.

मार्स पर मानव जीवन का सबूत

गौरतलब है कि नासा के मार्स 2020 मिशन (Mars Mission 2020) के तहत इस हेलीकॉप्टर (Ingenuity Helicopter On Mars) के साथ मंगल ग्रह पर भेजा गया रोवर जीवन की जानकारी एकत्रित करेगा. यह रोवर इस लाल ग्रह की सतह से पत्थर और मिट्टी को धरती पर भी लेकर आएगा. NASA ने अपने इस मिशन का उल्लेख 'टेक्नोलॉजी डेमंसट्रेशन' (Technology Demonstration) के तौर पर किया है. इस हेलीकॉप्टर के साथ भेजे गए रोवर में कई कैमरे और माइक्रोफोन लगे हैं, जो मंगल ग्रह की तस्वीरें और वहां की आवाज को रिकॉर्ड करेंगे. इसमें लगे सुपर-सैनिटाइज्ड सैंपल (Super-Sanitized Samples) रिटर्न ट्यूब्स चट्टानों (Return Tubes Rocks) से नमूने इकट्ठा करेंगे जिससे मंगल पर प्राचीन काल में मानव जीवन होने का सबूत ढूंढा जाएगा. दरअसल नासा, लगातार मंगल पर जीवन संभाविता (Life On Mars) के प्रमाण इकट्ठे करने में लगा है.

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इंजीन्यूटी का रिश्ता है भारत से 

आपको बता दें कि नासा (NASA) के इस हेलीकॉप्टर का नाता अपने देश भारत (India) से भी है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इसके नाम के लिए अमेरिका (America) में एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें भारतीय मूल की वनीजा रूपाणी (Vanija Rupani, 17) ने मंगल ग्रह के लिए बनाए गए पहले हेलिकॉप्टर का नाम दिया था. वनीजा ने नासा की प्रतियोगिता ‘नेम द रोवर’ में भी भाग लिया था और एक निबंध भी लिखा था. इसकी जानकारी नासा ने अपने ट्विटर हैंडल पर दी थी. ट्वीट में नासा ने लिखा, 'हमारे मंगल ग्रह के हेलिकॉप्टर को नया नाम मिल चुका है. मिलिए 'इंजीन्यूटी' से.'

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