NASA अपरच्यूनिटी रोवर से संपर्क करने का आखिरी प्रयास करेगी, 2004 में मंगल ग्रह पर गया था

पिछले साल धूल भरे एक विशाल तूफान ने सूर्य की किरणों को पहुंचने से रोक दिया जिससे नासा अपरच्यूनिटी रोवर की सौर बैटरियां रिचार्ज नहीं हो पायीं. 

NASA अपरच्यूनिटी रोवर से संपर्क करने का आखिरी प्रयास करेगी, 2004 में मंगल ग्रह पर गया था
.(फाइल फोटो)

वॉशिंगटन: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी मंगलवार को मंगल ग्रह पर अपने अपरच्युनिटी रोवर से संपर्क करने का आखिरी कोशिश करेगी. उसने आखिरी संपर्क आठ महीने पहले किया था. एजेंसी ने यह भी कहा कि वह बुधवार को एक ब्रीफिंग करेगी जिस दौरान वह इस मिशन के समापन की घोषणा कर सकती है. अपरच्युनिटी 2004 में मंगल ग्रह पर पहुंचा था. वह अब तक ग्रह पर 45 किलोमीटर की दूरी तय कर चुका है. उसने अपने प्रत्याशित 90 दिन के मिशन से अधिक समय तक रह कर इतिहास में अपने लिए एक जगह बनायी है.

बहरहाल, पिछले साल धूल भरे एक विशाल तूफान ने सूर्य की किरणों को पहुंचने से रोक दिया जिससे अपरच्युनिटी की सौर बैटरियां रिचार्ज नहीं हो पायीं. रेडियो चैनलों के मार्फत वहां से जवाब पाने की नासा अभियंताओं की यथासंभव कोशिशों के बावजूद नासा का उससे आखिरी संपर्क 10 जून, 2018 को हुआ था.

अगस्त में नासा ने अपरच्युनिटी मिशन के समापन की घोषणा करने से पहले 45 दिनों की समय सीमा तय की थी. अक्टूबर में उसने स्थिति का आकलन करने के लिए समयसीमा जनवरी तक बढ़ा दी.