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B'day Special: बेमिसाल पेसर जिसने खेल भावना के लिए छोड़ दिया था विश्व कप में बड़ा मौका

Windies Cricketer: कोर्टनी वॉल्श के नाम कई बेहतरीन रिकॉर्ड हैं, लेकिन उन्हें उस खेल भावना के लिए ज्यादा याद किया जाता है जिसकी वजह से 1987 विश्व कप में एक अहम मैच जीतने का मौका छोड़ दिया था. 

B'day Special: बेमिसाल पेसर जिसने खेल भावना के लिए छोड़ दिया था विश्व कप में बड़ा मौका
कोर्नी वॉल्श हाल ही में बांग्लादेश क्रिकेट टीम को कोच भी रहे हैं. (फोटो फाइल)

नई दिल्ली: दुनिया के महान गेंदबाजों की जब भी बात होती है उनमें वेस्टइंडीज के कोर्टनी वॉल्श (Courntey Walsh) का नाम जरूर आता है. वॉल्श को सबसे लंबे समय तक तेज गेंदबाजी करने के लिए जाना जाता है. आमतौर पर एक तेज गेंदाबाज का करियर लंबा नहीं होता लेकिन वॉल्श इसका अपवाद रहे. खेल के प्रति उनका जज्बा और खेल भावना की मिसाल वेस्टइंडीज में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में आज भी दिया जाता है. 

सबसे पहले लिए 500 विकेट
जमैका के किग्सटन में 30 अक्टूबर 1962 को जन्मे कॉर्टनी एंड्रयू वॉल्श का बचपन से ही क्रिकेट की ओर रुझान हो गया था. उन्होंने 1984 से लेकर 2001 तक वेस्टइंडीज का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने लंबे समय तक कर्टनी एंब्रोस के साथ वेस्टइंडीज की गेंदबाजी की अगुआई की और दोनों ने मिलकर 49 मैचों में 421 विकेट भी झटके जो एक जोड़ी का रिकॉर्ड है. वे टेस्ट क्रिकेट में 500 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज रहे. उनके नाम टेस्ट में 43 डक (शू्न्य पर आउट) हासिल करने का अनचाहा रिकॉर्ड भी है. 

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वह 1987 के विश्व कप का पाकिस्तान के खिलाफ मैच
1987 के विश्व कप में पाकिस्तान और वेस्टइंडीज एक ही ग्रुप में थे. सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पाकिस्तान को जीत की सख्त जरूरत थी और वेस्टइंडीज की हार टूर्नामेंट में उसकी उम्मीदों को बुरी तरह तोड़ सकती थी. इस मैच में आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 14 रन की जरूरत थी और क्रीज पर अब्दुल कादिर और सलीम जाफर मौजूद थे. कादिर ने इस ओवर में छक्का लगाकर पाकिस्तान की उम्मीदों को बढ़ा दिया था.

आखिरी गेंद पर वॉल्श की दरियादिली
आखिरी गेंद पर पाकिस्तान को जीत के लिए दो रन चाहिए थे. आखिरी गेंद का सामना कादिर को करना था. जब वॉल्श इस गेंद को फेंकने ही वाले थे तब सलीम जाफर ने गेंदबाजी छोर से क्रीज छोड़ दी. वॉल्श चाहते तो आसानी से उन्हें आउट कर मैच वेस्टइंडीज टीम के नाम कर सकते थे, लेकिन वाल्श ने ऐसा नहीं किया और वे वापस गेंद फेंकने चले गए. आखिरी गेंद पर कादिर ने जरूरी दो रन बना लिए और पाकिस्तान सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब हो गया. इस मैच को वाल्श की खेल भावना के लिए ज्यादा याद रखा जाता है. एक स्थानीय पाकिस्तानी फैन ने उन्हें हाथ से बनी कालीन भी तोहफे में भेंट की थी. 

कैसा है वॉल्श का रिकॉर्ड
वॉल्श ने अपने करियर में 132 टेस्ट मैच खेले जिसमें से उन्होंने 22 में वेस्टइंडीज टीम की कप्तानी भी की. इन मैचों में उन्होंने 2.53 की इकोनॉमी और 24.44 के औसत से कुल 519 विकेट लिए थे. इनमें से 22 बार एक पारी में पांच विकेट हासिल करने उपलब्धि भी शामिल है.  205 वनडे में उन्होंने 3.83 की इकोनॉमी देते हुए कुल 227 विकेट लिए. वे अपने जमाने में सबसे ज्यादा टेस्ट गेंद (30019) फेंकने वाले पेसर रहे थे. उनका यह रिकॉर्ड जेम्स एंडरसन ने काफी समय बाद तो़ड़ा.