पुलवामा से जुड़े सवाल पर पीठ दिखाकर चलते बने कपिल देव

कपिल देव शनिवार को महाराष्ट्र के नवी मुंबई में आयोजित मिनी मैराथन स्पर्धा के प्रेस कांफ्रेंस के लिए आए थे. यहां प्रेस कांफ्रेंस के बाद जब कपिल देव से पुलवामा के आतंकी हमले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. 

पुलवामा से जुड़े सवाल पर पीठ दिखाकर चलते बने कपिल देव
पुलवामा आतंकी हमले पर कुछ भी बोलने से मना कर गए क्रिकेटर कपिल देव.
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मुंबई : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश ए मोहम्मद के आतंकी की ओर से किए गए आत्मघाती कार विस्फोट में CRPF के 40 जवानों की शहादत से पूरा देश दुखी है. देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग आतंकवाद और पाकिस्तान के प्रति गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. क्या आम क्या खास, बॉलीवुड से लेकर क्रिकेट जगत के लोग आतंकियों के इस कायराना हरकत पर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं. ऐसे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव से जब पुलवामा आतंकी हमले पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने पीछ फेर ली और गाड़ी में बैठकर चलते बने. 

कपिल देव शनिवार को महाराष्ट्र के नवी मुंबई में आयोजित मिनी मैराथन स्पर्धा के प्रेस कांफ्रेंस के लिए आए थे. यहां प्रेस कांफ्रेंस के बाद जब कपिल देव से पुलवामा के आतंकी हमले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. पत्रकार बार-बार उनसे पूछते रहे कि पाकिस्तान के इस कायराना हरकत पर आपकी क्या राय है. दुख की इस घड़ी में आप देशवासियों के लिए क्या कहना चाहेंगे, लेकिन कपिल बिना कुछ कहे आगे बढ़ गए.

मालूम हो कि पुलवामा अटैक पर गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर सहित कई दिग्गज क्रिकेटर शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट कर चुके हैं. वहीं कपिल देव पुलवामा का सवाल आते ही बचकर निकल गए. हालांकि इस मामले में कपिल देव की तरफ से अब तक स्पष्ट नहीं किया जा सका है कि आखिर उन्होंने पुलवामा पर कुछ भी क्यों नहीं बोला. यहां आपको बताते चलें कि कपिल देव की कप्तानी में ही भारत ने पहला क्रिकेट विश्वकप जीता था. साथ ही कपिल हमेशा से सार्वजनिक बातचीत में देशहित की बातें करते रहे हैं.

इससे पहले पिछले साल क्रिकेटर और प्रधानमंत्री इमरान खान ने शपथ ग्रहण समारोह में कपिल देव को बुलाया था, लेकिन उन्होंने जाने से मना कर दिया था. साथ ही कपिल देव शपथ ग्रहण कार्यक्रम में नवजोत सिंह सिद्धू के जाने के सवाल पर भी बचते दिखे थे. वहीं पंजाब सरकार में मंत्री और पूर्व क्रिकेटर सिद्धू ने पुलवामा हमले के बाद भी पाकिस्तान से बातचीत जारी रखने की बात कही है. सिद्धू को अपने इस बयान के चलते देशभर में विरोध का सामना करना पड़ रहा है.