दिल्ली की जीत में 97 पर नाबाद रहे धवन ने मैच के बाद बताया क्यों न बना सके शतक

आखिरी 8 गेंदों पर दिल्ली को जीत के लिए छह और धवन को शतक के लिए 4 रन चाहीए थे, लेकिन फिर भी धवन सेंचुरी लगाने से चूक गए. 

दिल्ली की जीत में 97 पर नाबाद रहे धवन ने मैच के बाद बताया क्यों न बना सके शतक
शिखर धवन को दिल्ली की जीत पर ज्यादा खुशी है, अपने शतक चूकने का मलाल कम. (फोटो IANS)

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता और दिल्ली के बीच हुए मैच में शिखर धवन के शतक चूकने की चर्चा जोरों पर है. इस मैच में कोलकाता ने दिल्ली को 179 रनों का लक्ष्य दिया था जिसे दिल्ली ने शिखर धवन के 97 रनों की मदद से 19वें ओवर में ही हसिल कर लिया था. इस मैच में कोलिन इंग्राम ने 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर पीयूष चावला को छक्का जड़कर दिल्ली को जीत तो दिला दी लेकिन शिखर अपना शतक पूरा नहीं कर सके, जबकि दिल्ली के पास एक ओवर भी बाकी था. 

इस मैच में जब दिल्ली 179 रनों का पीछा कर रही थी. तब दिल्ली को 18 ओवर के बाद 12 गेदों में 12 रनों की जरूरत थी. 19वां ओवर पीयूष चावला कर रहे थे. उस समय तक शिखर 95 रन बना चुके थे. पहले धवन ने एक रन लिया. उसकी अगली गेंद पर कोलिन इंग्राम में चौका लगा दिया. अगली गेंद पर इंग्राम ने एक रन ले लिया. अब शिखर के पास स्ट्राइक थी. वे 96 रन पर खेल रहे थे और टीम को जीत क लिए 8 गेंदों पर 6 रनों की जरूरत थी और टीम के हाथ में 7 विकेट बाकी थे. 

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धवन चाहते तो शतक के लिए जा सकते थे
यहां पर धवन के पास पूरा मौका था कि वे एक चौका लगाते या थोड़ा एक गेंद पर रुक भी सकते थे, लेकिन उन्होंने एक रन ले लिया. शिखर ने मैच के बाद बताया कि उनके पास पूरा मौका था, मैं जानता था कि यह मेरी पहली टी20 सेंचुरी हो सकती थी, लेकिन टीम का लक्ष्य ज्यादा अहम था, इसलिए मैंने जोखिम लेने के बजाए एक रन लेना बेहतर समझा. यहां दिल्ली के बिल्कुल उलट ही बात है.

यह हुआ मैच जीतने के तुरंत बाद
इस एक रन लेने के बाद ओवर की आखिरी गेंद पर कोलिन इंग्राम ने छक्का लगाकर मैच खत्म कर दिया और शिखर अपने पहले टी20 शतक से 3 रन से चूक गए. इस के बावजूद शिखर अपनी टीम की जीत पर खुश ही नजर आए. वहीं कोलिन ने भी शिखर से गले लग कर टीम की जीत की बधाई दी. वहीं डग आउट में कोच रिकी पोंटिंग भी खुशी से खड़े होकर ताली बजाते हुए आसमान की ओर देखते नजर आए. 

 

दिल्ली और कोलकाता के विकेट में था यह फर्क
 मैं दिनेश (कार्तिक) से यही कह रहा था. यह बल्लेबाजी करने के लिए अच्छा विकेट है. बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए बढ़िया होना इसे दिलचस्प बना देता है. दिल्ली में हमें खुद को विकेट के मुताबिक ढालना पड़ता है इसलिए हममें वह क्षमता है. मैंने पहले छह ओवर का वाकई मजा लिया, लेकन मैं जानता था कि मुझे आखिर तक टिकना होगा. मेरे दिमाग में सही विचार आ रहे थे और मुझे खेल आगे तक ले जाना था.

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ऋषभ पंत की तारीफ की धवन ने
इस मैच में शिखर के अलावा ऋषभ पंत ने भी शानदार बल्लबाजी की और टीम के लिए  31 गेंदों पर चार चौकों दो छक्कों की मदद से 46 रनों की शानदार पारी खेली लेकिन वे 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर आउट हो गए. वहीं शिखर ने अपने 97 रन 63 गेंदों पर 11 चौके और दो छक्के लगा कर बनाए. शिखर को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया. मैच के बाद शिखर ने पंत की तारीफ करते हुए कहा,  ‘ऋषभ इतना बेहतरीन हिटर है कि वह हमेशा मैदान के बाहर गेंद पहुंचा सकता है.’