वीजा केस में Novak Djokovic को मिली जीत! कोर्ट ने दी ऑस्ट्रेलियन ओपन में उतरने की इजाजत
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वीजा केस में Novak Djokovic को मिली जीत! कोर्ट ने दी ऑस्ट्रेलियन ओपन में उतरने की इजाजत

ऑस्ट्रेलिया के जज एंथोनी केली ने दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकाविच का वीजा बहाल कर दिया है जो कोरोना टीका नहीं लगाने के कारण पिछले सप्ताह उनके यहां पहुंचते ही रद्द कर दिया गया था.

 

वीजा केस में Novak Djokovic को मिली जीत! कोर्ट ने दी ऑस्ट्रेलियन ओपन में उतरने की इजाजत

नई दिल्ली: दूनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक का पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ विवाद चल रहा है. दरअसल ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचे जोकोविक ने अपने कोविड टीकाकरण का सबूत ना दिखाने के चलते सरकार ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन से बाहर कर दिया था. इसके अलावा उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में डाल दिया गया था. जिसके बाद वहीं एक कोर्ट में जोकोविक ने केस लड़ने की ठानी. अब केस का फैसला आ चुका है.

जोकोविक के हित में आया फैसला

ऑस्ट्रेलिया के जज एंथोनी केली ने दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकाविच का वीजा बहाल कर दिया है जो कोरोना टीका नहीं लगाने के कारण पिछले सप्ताह उनके यहां पहुंचते ही रद्द कर दिया गया था. इसके अलावा जज ने उन्हें ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलने की इजाजत भी दे दी है. सर्किट कोर्ट के जज एंथोनी केली ने सरकार को आदेश दिया कि फैसले के 30 मिनट के भीतर जोकोविच को मेलबर्न के क्वारंटाइन होटल से बाहर किया जाए.

जोकोविच ने किया था केस

जोकोविच ने अपने निर्वासन और वीजा रद्द किए जाने को ऑस्ट्रेलिया के फेडरल सर्किंट और फैमिली कोर्ट में चुनौती दी थी. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने बुधवार को मेलबर्न पहुंचते ही उनका वीजा रद्द कर दिया था क्योंकि कोरोना टीकाकरण नियमों में मेडिकल छूट पाने के मानदंडों पर वह खरे नहीं उतरते थे. जोकोविच ने कहा कि उन्हें टीकाकरण का सबूत देने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके पास सबूत है कि वह पिछले महीने कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे. अदालत में पेश जोकोविच के दस्तावेजों में कहा गया है कि उन्होंने टीका नहीं लगवाया है. ऑस्ट्रेलिया के चिकित्सा विभाग ने छह महीने के भीतर कोरोना संक्रमण के शिकार लोगों को टीकाकरण मे अस्थायी छूट दी है.

सर्किट कोर्ट के जज केली ने पाया कि जोकोविच ने मेलबर्न हवाई अड्डे पर अधिकारियों को टेनिस ऑस्ट्रेलिया द्वारा उन्हें दी गई मेडिकल छूट के दस्तावेज सौंपे थे. जज ने जोकोविच के वकील निक वुड से पूछा, ‘सवाल यह है कि वह और क्या कर सकते थे.’ जोकोविच के वकील ने स्वीकार किया कि वह और कुछ नहीं कर सकते थे. उन्होंने कहा कि जोकोविच ने अधिकारियों की समझाने की काफी कोशिश की कि ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश के लिए वह जो कुछ कर सकते थे, उन्होंने किया.

मामले की वर्चुअल सुनवाई कई बार बाधित हुई क्योंकि दुनिया भर से हजारों लोगों ने इसे देखने की कोशिश की थी. एक समय पर तो कोर्ट लिंक हैक हो गई थी. जोकोविच 20 बार ग्रैंडस्लैम जीत चुके हैं और एक खिताब जीतकर वह रोजर फेडरर तथा रफेल नडाल से आगे निकल जाएंगे. ऑस्ट्रेलिया ओपन उन्होंने नौ बार जीता है.

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