जानिए शाहिद अफरीदी का वो रिकॉर्ड जो 17 साल तक नहीं टूट पाया था?

पाकिस्तान के दिग्गज आलराउंडर शाहिद अफरीदी ने अपने 21 साल के करियर पर विराम लगाते हुए आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। वह अपने फैंस के बीच 'बूम-बूम अफरीदी' के नाम से लोकप्रिय थे। उन्होंने वनडे क्रिकेट में एक रिकार्ड बनाया था जो 17 साल तक नहीं टूटा था। शाहिद अफरीदी क्रिकेट फैंस के दिलों में तब से बस गए थे जब 1996 में श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने सिर्फ 37 गेंदों पर शतक जड़ा था। यह उनका दूसरा ही मैच था। उनके इस रिकॉर्ड को 17 साल तक कोई नहीं ब्रेक कर पाया था। अपने करियर के अगले पायदान में अफरीदी बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में स्थापित हो गए।

जानिए शाहिद अफरीदी का वो रिकॉर्ड जो 17 साल तक नहीं टूट पाया था?

नई दिल्ली: पाकिस्तान के दिग्गज आलराउंडर शाहिद अफरीदी ने अपने 21 साल के करियर पर विराम लगाते हुए आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। वह अपने फैंस के बीच 'बूम-बूम अफरीदी' के नाम से लोकप्रिय थे। उन्होंने वनडे क्रिकेट में एक रिकार्ड बनाया था जो 17 साल तक नहीं टूटा था। शाहिद अफरीदी क्रिकेट फैंस के दिलों में तब से बस गए थे जब 1996 में श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने सिर्फ 37 गेंदों पर शतक जड़ा था। यह उनका दूसरा ही मैच था। उनके इस रिकॉर्ड को 17 साल तक कोई नहीं ब्रेक कर पाया था। अपने करियर के अगले पायदान में अफरीदी बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में स्थापित हो गए।

वर्ष 1996 में करियर की शुरूआत करने वाले 36 वर्षीय अफरीदी शुरूआत से ही क्रिकेट प्रशंसकों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब रहे। अपने करियर के दूसरे पड़ाव में गेंदबाजी आलराउंडर होने का तमगा हासिल करने वाले अफरीदी ने टी20 में पाकिस्तानी की शुरूआती सफलता के मुख्य सूत्रधार रहे और उन्होंने 2009 टी-20 विश्व कप में टीम की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई।

अफरीदी ने अपने करियर में केवल 27 टेस्ट मैच खेले । इसमें उन्होंने 1,176 रन बनाए जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 156 रहा। साथ ही उन्होंने 48 विकेट भी हासिल किए। उन्होंने 398 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए 8,064 रन बनाए जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 124 रहा । एक दिवसीय क्रिकेट में अपनी लेग स्पिन गेंदबाजी से उन्होंने 395 विकेट चटकाए। टी20 क्रिकेट में उन्होंने 98 मैच खेल कर 1,405 रन बनाए और 97 विकेट हासिल किए।

पाकिस्तान के इस पूर्व कप्तान ने टेस्ट क्रिकेट को 2010 में और फिर साल 2015 में वर्ल्ड कप के बाद एक दिवसीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था । उन्होंने 2016 में भारत में हुए टी20 विश्व कप में पाकिस्तानी टीम की अगुवाई की थी। अफरीदी ने विश्व टी20 के बाद टीम की कप्तानी छोड़ दी थी लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की मामूली उम्मीद के कारण उन्होंने संन्यास का फैसला नहीं किया था।

(एजेंसी इनपुट के साथ)