अजिंक्य रहाणे बन पाएंगे धोनी?

जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है। इस बार टीम इंडिया की कमान दुनिया के सबसे सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी की जगह अजिंक्य रहाणे को सौंपी गई है। रहाणे पहली बार टीम इंडिया के कप्तान बने हैं। टीम इंडिया इस दौरे में तीन वनडे और दो टी20 मैच खेलेगी। बांग्लादेश के हाथों पहली बार वनडे सीरीज हारने के बाद धोनी की कप्तानी पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि अधिकांश क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों धोनी समर्थन में उतर आए। लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें आराम देकर जिम्बाब्वे दौरे के लिए रहाणे को चांस दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या रहाणे मैदान पर धोनी जैसी कप्तानी का मिसाल पेश कर पाएंगे?  

रामानुज सिंह

जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है। इस बार टीम इंडिया की कमान दुनिया के सबसे सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी की जगह अजिंक्य रहाणे को सौंपी गई है। रहाणे पहली बार टीम इंडिया के कप्तान बने हैं। टीम इंडिया इस दौरे में तीन वनडे और दो टी20 मैच खेलेगी। बांग्लादेश के हाथों पहली बार वनडे सीरीज हारने के बाद धोनी की कप्तानी पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि अधिकांश क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों धोनी समर्थन में उतर आए। लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें आराम देकर जिम्बाब्वे दौरे के लिए रहाणे को चांस दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या रहाणे मैदान पर धोनी जैसी कप्तानी का मिसाल पेश कर पाएंगे?  

महेंद्र धोनी की खासियत यह है कि किसी भी परिस्थिति में शांत रह कर फैसला लेते हैं। इतना ही नहीं मैदान पर रणनीति बनाने में दुनिया के सभी टीमों के कप्तानों से बेहतर माने जाते हैं। साथ ही साथ टीम को एकजुट रखने, किस गेंदबाज को कब इस्तेमाल करना है, ये बखूबी जानते हैं। विरोधी टीम की रणनीति को भापने में माहिर हैं। अब तक धोनी ने 181 मैचों में कप्तानी की, जिनमें वे 101 मैच जीते, 65 मैच हारे और 15 का कोई नतीजा नहीं आया। इस लिहाज से पूरे खेले गए मैचों में धोनी की जीत का प्रतिशत 60.58 रहा है। भारत की ओर जिन क्रिकेटरों ने भी 50 से ज्यादा मैचों में कप्तानी की है, उनमें धोनी का जीत प्रतिशत सबसे ज्यादा है। बल्लेबाजी में वन-डे मैचों में धोनी का औसत करीब 53 है, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज से ऊपर है। धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में आईसीसी वर्ल्ड कप दिलाया। धोनी की कप्तानी में भारत टेस्ट और वनडे दोनों में नंबर-1 रह चुका है। इसके साथ ही वे खुद भी वनडे में नंबर-1 रह चुके हैं।

धोनी के मुकाबले अजिंक्य रहाणे के प्रदर्शन पर अभी उतना गौर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वे टीम इंडिया के लिए उतना नहीं खेले हैं जिससे किसी से तुलना की जा सके। फिर भी एक कप्तान के तौर पर किसी भी खिलाड़ी के प्रदर्शन पर गौर करना लाजमी है। रहाणे ने 55 वनडे मैच में 30.63 की औसत से 1593 रन बनाए, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 111 है। 15 टेस्ट मैचों में 47 की औसत से 1175 रन बनाए हैं। टी20 की बात करें तो 11 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 236 रन बनाए हैं। लेकिन अभी हाल ही में हुए आईपीएल-2015 में रहाणे ने राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया। 14 मैचों में 49.09 की औसत से 540 रन बनाए, जिसमे 53 चौके और 13 छक्के शामिल है।

अजिंक्य रहाणे घरेलू प्रतियोगिताओं में मुंबई के लिए खेलते हैं। वह इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। रहाणे ने 2007-08 के सत्र में अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत की और 100 प्रथम श्रेणी पारी के बाद 62.04 के औसत बनाया। 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। 31 अगस्त 2011 को मैनचेस्टर में उन्होंने T20 शुरुआत की और उस मैच में 61 रन बनाए और सितंबर 2011 में अपने करियर की शुरुआत पर वनडे मैच में 40 रन बनाए। उन्होंने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की। उनकी सबसे अच्छी बात यह हमेशा एक शांत और रचनात्मक तरीके में खेलते है और पूरी तरह से अपने शॉट्स पर नियंत्रण रखते हैं। उन्हें टीम इंडिया का राहुल द्रविड़ भी माना जाता है लेकिन वे कप्तान के तौर पर कैप्टन कूल की तरह साबित होंगे...।