Bhima Koregaon Case: सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की बेंच ने अक्टूबर 2023 में रिहाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी. इसके बाद से ये अंतरिम रोक लगातार बढ़ाई जा रही है. आपको बता दें कि भीमा कोरेगांव हिंसा के आरोपी महेश पिछले 7 सालों से जेल में बंद हैं.
सुधा भारद्वाज की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए बांबे हाईकोर्ट ने एक दिसंबर को उन्हें रिहा किए जाने का आदेश दिया था.
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट (Human Rights Activist) फादर स्टेन स्वामी (Father Stan Swamy) का सोमवार को मुंबई के होली फैमिली हॉस्पिटल में निधन हो गया.
स्वामी को एनआईए ने पिछले गुरुवार को रांची से गिरफ्तार किया था और शुक्रवार को मुंबई की अदालत में पेश किया गया था.
वंदे मातरम: इस रिपोर्ट में जानिए कैसे देश के खिलाफ Urban Naxal ने रक्तरंजित साजिश रची थी - Hathras में अर्बन नक्सल का 'हिंसक खेल'
भीमा कोरोगांव केस में NIA की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. मोदी सरकार के खिलाफ दलित-मुस्लिमों को मिलाकर हथियारबंद लड़ाकों का संगठन खड़ा करने की साजिश थी. देखिए ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट.
भीमा कोरेगांव मामले में NIA ने कहा है कि हिंदू संगठनों के खिलाफ दलित-मुस्लिम संगठन खड़ा करने की तैयारी की जा रही थी.
भीमा कोरेगांव एल्गार परिषद मामला 2 जनवरी 2018 को सामने आया था. तब से इस केस में कई बड़े षड्यंत्र सामने आ चुके हैं. इसके साथ ही इस मामले की जांच में कई बुद्धिजीवी माने जाने वाले लोगों, प्रमुख व्यक्तियों, प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और उच्च पदों पर आसीन कई अधिकारियों के नाम भी षड्यंत्र में आ चुके हैं.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 1 जनवरी 2018 को भीमा-कोरेगांव में भीड़ को कथित तौर पर हिंसा के लिए उकसाने के मामले में शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा और 82 वर्षीय स्टेन स्वामी समेत आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है.
ये तलाशी करीब एक घंटे तक चली जिसके बाद सभी अधिकारी वहां से वापस चले गए. बता दें कि NIA का आरोप है कि हनी बाबू भी दूसरे आरोपियों के साथ भीमा कोरेगांव हिंसा में शामिल था.
पुणे (pune) के भीमा- कोरेगांव (bhima koregaon) हिंसा मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए NIA ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी के एसोसिएट प्रोफेसर हनी बाबू एमटी को गिरफ्तार कर लिया.
आरोपी को दिल्ली से मुंबई ले जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की दखलअंदाजी के खिलाफ NIA ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी.
पिछले दिनों महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार से एनसीपी प्रमुख शरद पवार बेहद नाराज हो गए थे. क्योंकि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भीमा कोरेगांव मामले की जांच केन्द्र सरकार की एजेन्सी NIA को सौंप दी थी. इस मुद्दे पर पवार और ठाकरे के बीच की तल्खी बहुत ज्यादा बढ़ गई थी. अब भीमा कोरेगांव मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने शरद पवार को तलब किया है. जिससे पता चलता है कि इस मामले में पवार की भूमिका संदिग्ध है.
भीमा-कोरेगांव मामले की जांच पर महाराष्ट्र में खींचतान तेज होने के आसार दिखने लगे हैं. शरद पवार के दबाव के बाद महाराष्ट्र के सीएम ने हफ्ते भर में यू-टर्न मार लिया है. उद्धव ठाकरे बोले, यलगार परिषद की जांच केंद्र को सौंपी गई, भीमा कोरेगांव हिंसा केस की नहीं.
ନାସିକ ଗସ୍ତ ବାତିଲ କରି ଦଳୀୟ ମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ବୈଠକ ଡାକିଲେ ଶରଦ ପାୱାର
शरद पवार ने को सोमवार को नासिक दौरे पर जाना था लेकिन उन्होंने दौरा रद्द कर अपने घर पर मंत्रियों की बैठक बुला ली.
न्यूज़ 50: देखिये आज की बड़ी 50 खबरे, Jan 24, 2020
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य सरकार की सहमति के बिना भीमा कोरेगांव मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को हस्तांतरित कर दी है।
पवार ने इस मामले को लेकर पिछली फडणवीस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
गुरुवार को उप मुख्यमंत्री अजित पवार और गृहमंत्री अनिल देशमुख ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की.
इस साल 10 हजार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया गया है.
कोर्ट ने FIR रद्द करने की नवलखा की मांग पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया