close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

dear zindagi

डियर जिंदगी: अपने लिए जीना!

जिंदगी चलती हुई 'पटरियों' पर चलने का नाम नहीं है. समय के साथ नई पटरियां बिछाने, उन पर चलने का हौसला भी करना जरूरी है! 

Feb 7, 2019, 10:00 AM IST

डियर जिंदगी: प्रेम कीजिए, खूब कीजिए. लेकिन अपनी कीमत पर नहीं

प्रेम सहज, स्‍वाभाविक भावना है! लेकिन अगर इसमें पाइथागोरस प्रमेय की तरह दिमाग लगाया जाए, तो जिंदगी सुनामी की चपेट में आ जाती है. खतरों से सावधान करने वाली चेतावनी सुनाई ही नहीं देती!

Feb 6, 2019, 10:35 PM IST

डियर जिंदगी: प्रेम का रोग होना!

मैंने बहुत सोचा कि 'डियर जिंदगी' में इस कहानी को लिखा जाए, छोड़ दिया जाए. फिर तय किया कि कहना चाहिए, क्‍योंकि इस पर तंज अधिक कसे जाते हैं, बात सबसे कम होती हैं!

Feb 6, 2019, 08:51 AM IST

डियर जिंदगी: परिवर्तन से प्रेम!

बाहरी नहीं, भीतरी चुनौती हमें अक्‍सर डराती है. यह अपनों से ही मिलती है. ऐसे में सबसे जरूरी इरादों पर डटे रहना, हार नहीं मानना है. सपनों, परिवर्तन के प्रति आस्‍था ही असली पूंजी है!

Feb 5, 2019, 08:24 AM IST

डियर जिंदगी : रिटायरमेंट और अकेलापन!

आगरा, उत्‍तरप्रदेश से ‘डियर जिंदगी’ के बुजुर्ग ने भावुक अनुभव साझा किया है. इस संदेश में सवाल, सरोकार, चिंता के साथ अकेलेपन की पीड़ा शामिल है. सुरेश कुलश्रेष्‍ठ का अनुरोध है कि इसे इनके नाम, परिचय के साथ प्रकाशित किया जाए. सुरेश जी चाहते हैं कि जो उनके साथ हुआ उनके किसी हमउम्र के साथ न हो!

Feb 4, 2019, 09:42 AM IST

डियर जिंदगी: फैसला कौन करेगा!

इस बात को गंभीरता से समझने की जरूरत है कि जीवन किसका है. इस पर किसका अधिकार है! सपने किसके हैं, दायित्व किसका है और अंततः जिम्मेदारी किसकी!

Feb 1, 2019, 08:11 AM IST

डियर जिंदगी: बच्‍चों के साथ 'जंगल' की तरह व्‍यवहार करना है, 'सर्कस' की तरह नहीं

बच्‍चों को अपने जैसा नहीं बनाना. बात अजीब लग सकती है! बेतुकी लग सकती है. लेकिन जब हम एक पटरी पर चलने के अभ्‍यस्‍त हो जाते हैं तो अक्‍सर ऐसा ही होता है. माता-पिता का सबसे बड़ा संकट बच्‍चों पर नियंत्रण को लेकर है. हम बच्‍चों को आसमां में उड़ाने की बात तो करते हैं लेकिन ऐसा करते हुए उनकी दिशा पर अपना अधिकार रखते हैं! हम भूल जाते हैं कि बच्‍चे हमसे हैं, लेकिन हमारे लिए नहीं हैं!

Jan 31, 2019, 05:10 PM IST

डियर जिंदगी: रेगिस्तान होने से बचना!

शहर में हमारे घर आंगन एक दूसरे से इतने अलग और बंटे हुए हैं कि कब वहां सुख और दुख 'हमारे' ना होकर 'मेरे और तुम्हारे' में बदल जाते हैं, हम नहीं समझ पाते.  

Jan 31, 2019, 08:30 AM IST

डियर जिंदगी: ‘ऐसा होता आया है’ से मुक्ति!

जिंदगी में कुछ भी हासिल करने का संबंध केवल योग्‍यता से नहीं. उस योग्‍यता को साहस, डटे रहने और हिम्‍मत नहीं हारने का साथ सबसे जरूरी है!

Jan 30, 2019, 08:23 AM IST

डियर जिंदगी: कुछ धीमा हो जाए...

धीमा होना कोई खराब चीज़ नहीं. न चलना ठीक नहीं. लेकिन धीमे होने में कोई बुराई नहीं. सबसे जरूरी केवल चलते जाना है!

Jan 29, 2019, 08:17 AM IST

डियर जिंदगी: मन को मत जलाइए, कह दीजिए !

आपको जिससे भी परेशानी है , उससे बात कीजिए. अपनी बात सही तरीके से, लेकिन शांति, सौम्यता से रखिए.

Jan 28, 2019, 10:57 AM IST

Dear जिंदगी: मन को पीपल के पत्ते की तरह हल्का रखना है

Dear Zindagi: Forgive and forget, only then can we live in peace. Watch the video to know more.

Jan 26, 2019, 09:10 PM IST

डियर जिंदगी: 'कम' नंबर वाले बच्‍चे की तरफ से!

अपने बच्‍चे को हम सबसे बेहतर बनाना चाहते हैं. हम उसे वह बनाना चाहते हैं, जो हम कभी नहीं बन पाए!

Jan 25, 2019, 08:44 AM IST

डियर जिंदगी: चलिए, माफ किया जाए!

प्रेम को बचाए, बनाए रखने के लिए हमेशा जान देने की जरूरत नहीं होती, उसे ‘शांतिकाल’ में भी स्‍नेह चाहिए. माफी की आदत जितनी जल्‍दी हमारा स्‍वभाव बनेगी, हम तनाव, कुंठा से उतनी जल्‍दी बाहर निकलेंगे.

Jan 24, 2019, 09:11 AM IST

डियर जिंदगी: शोर नहीं संकेत पर जोर!

हम असल में क्‍या चाहते हैं, उस तक बहुत कम पहुंच पाते हैं. अपनी मंजिलों से हम अक्‍सर दूसरों के आकर्षण में भटकते हैं!

Jan 23, 2019, 08:27 AM IST

Dear जिंदगी: सुसाइड के भंवर से बचे बच्‍चे की चिट्ठी!

परीक्षा का दौर आरंभ हो चुका है. प्री-बोर्ड के माध्‍यम से बोर्ड की तैयारी की बात से सहमत होना मुश्किल है. यह ऐसा है, जैसे तनाव से पहले तनाव देकर उसकी तैयारी कराना! कुछ दिन पहले हमारे मेहमान अपने दसवीं कक्षा के बच्‍चों के साथ आए. बच्‍चों के साथ मुझे संवाद का अवसर मिला. थोड़ा आश्‍चर्य हुआ कि एक सुचिंतित, सुलझे हुए दंपति के बच्‍चों पर भी तनाव के बादल मंडरा रहे थे. बच्‍चों के चेहरे पर परीक्षा का तनाव महसूस किया जा सकता था. यह दंपति न तो बच्‍चों से किसी तरह की अनावश्‍यक अपेक्षा रखते हैं, न ही उन पर कोई दबाव डालते हैं, उसके बाद भी बच्‍चों के मन पर तनाव की छाया चिंतित करने वाली है

Jan 22, 2019, 08:25 PM IST

डियर जिंदगी: विश्‍वास के भरोसे का टूटना !

जिंदगी का हिसाब ‘टुकड़े-टुकड़े’ में नहीं रखा जाता. इसके मायने हमेशा संपूर्णता में ग्रहण किए जाने चाहिए.

Jan 22, 2019, 10:12 AM IST

डियर जिंदगी: बच्‍चों से मत कहिए, मुझसे बुरा कोई न होगा!

परीक्षा के कठिन मौसम में बच्‍चे बहुत अधिक तनाव में हैं. हमें सजग, सतर्क और आत्‍मीयता से अपनी भू‍मिका निभाने की जरूरत है. हमारा कोई भी सपना बच्‍चों के जीवन से बड़ा नहीं!

Jan 21, 2019, 08:45 AM IST

Dear ज़िंदगी: "बच्‍चे को स्‍कूल में मिलने वाले नंबर उसकी सफलता, असफलता का सही पैमाना नहीं हैं"

युवा, बच्‍चे जिन चीज़ों से सबसे अधिक परेशान दिखते हैं, उनमें अतीत, आगे का डर और हमारी सीमाएं (खुद के बारे में बनाई गई धारणा) प्रमुख हैं. इस बात को बार-बार दोहराने की जरूरत है कि बच्‍चे को स्‍कूल में मिलने वाले अंक उसकी सफलता, असफलता का सही पैमाना नहीं हैं. स्‍कूल के प्रदर्शन को पैमाना बनाने का सबसे खराब परिणाम यह है कि केवल कुछ बच्‍चे ही होशियार साबित होते हैं. हर साल स्‍कूल से निकलने वाले बच्‍चों में अधिकांश बच्‍चे इस मनोदशा के साथ निकलते हैं कि वह तो पढ़ने में कमजोर थे! ठीक नहीं थे. बहुत अच्‍छे नहीं थे! यह किसी एक स्‍कूल की बात नहीं . हर साल लाखों स्‍कूलों के बच्‍चे इस मानसिक स्थिति से गुजरते हैं. स्‍कूल बच्‍चे की दुनिया बनाने, उसमें रंग भरने की जगह बच्‍चे को अपने सपनों में रंगने की कोशिश में लगे रहते हैं! इस प्रक्रिया में कला, संगीत, खेल में रुचि रखने वाले बच्‍चे निरंतर पिछड़ते रहते हैं.

Jan 18, 2019, 03:15 PM IST

डियर जिंदगी: अगर तुम न होते!

तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, सगाई के बाद शादी टूटने जैसी स्थितियों के लिए समाज अब तक तैयार नहीं है. सिनेमा में यह रंग खूब भाते हैं, लेकिन जैसे ही हमारे सामने आते हैं, हम असहज हो जाते हैं!  

Jan 18, 2019, 09:39 AM IST