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ବାଣ ନୁହେଁ ଆସ ଆମେ ହସ ଫୁଟାଇବା

ଆଜି ହେଉଛି ଆଲୋକର ପର୍ବ ଦୀପାବଳି। ଅନ୍ଧାର କୁ ଦୂରୀଭୂତ  କରି ଆଲୋକର ଦୀପ ଟିଏ ଜଳାଇବାର ପର୍ବ ହେଉଛି ଦୀପାବଳି। ଏହି ପର୍ବ କୁ କିଏ କେତେ ଢଙ୍ଗରେ ପାଳନ କରିଥାଏ। ସେମିତି ଦୀପାବଳି ଅବସରରେ ସମାଜକୁ ଏକ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ବାର୍ତା ଦେବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରିଛନ୍ତି ସ୍ୱାଭିମାନ ସମ୍ବଲପୁର ର ସଦସ୍ୟ ମାନେ।

Oct 27, 2019, 04:36 PM IST

ଏଥର ସବୁଜ ଦୀପାବଳି

ଏଥର ଦିଲ୍ଲୀରେ ସବୁଜ ଦୀପାବଳି । ଗ୍ରୀଣ ବାଣର ବ୍ୟବହାର କରିବାକୁ ସୁପ୍ରିମକୋର୍ଟଙ୍କ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ । ସାଧାରଣ ବାଣ ଓ ଫୋଟକା ଫୁଟାଇବା ଉପରେ କଟକଣା ।

Oct 8, 2019, 04:02 PM IST

दिवाली के मौके पर बाज़ार में रौनक, लोग जमकर खरीद रहे कपड़े और मिठाइयां

दीपावली पर त्योहारी उमंग और उत्साह में मिठाइयां अपना अहम स्थान रखती हैं। तभी कहां जाता हैं रिश्तों में मिठास जरुर होनी चाहिए। जयपुर के मिठाई विक्रेताओं ने भी इस रिश्ते की मिठास को बनाए रखने के लिए मावा, ड्राई फ्रूट्स और अन्य उत्पादों के मिश्रण से बनी मिठाई दीपोत्सव को शुभ बना रही हैं। खासतौर पर दिवाली तो मिठाईयों और रोशनी का ही त्योहार है। दिवाली पर रिश्तेदारों, परिजनों और दोस्तों को मिठाईयां बांटने और खिलाने का प्रचलन चलता आ रहा है। नए-नए फ्लेवर के विभिन्न रंगों में बनी मिठाइयां लोगों को अपनी ओर लुभा रही हैं। तरह-तरह के आकार और रंगों से सजी मिठाई की खरीदारी ज्यादा हो रही है। यही नहीं गिफ्ट पैक भी आकर्षण में बांधे हुए हैं।

Nov 7, 2018, 03:48 PM IST

दिवाली पर बाज़ार में उमड़ी भीड़ के कारण आवाजाही हो रही प्रभावित

सीकर जिले में दिवाली का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है.. बाजारों में पिछले कई दिनों से रौनक छाई हुई है मिठाई पटाखे और कपड़े और ज्वेलरी की दुकानों पर विशेष तौर से भीड़भाड़ देखी गई बाजारों में खचाखच भीड़ के चलते आवाजाही में काफी असुविधा का सामना करना पड़ा हालांकि बाजारों में रौनक के चलते व्यापारियों के भी चेहरे खिले हुए दिखे.. सबसे ज्यादा भीड़ ज्वेलरी, मिठाई, पटाखों और कपड़ों की दुकान पर देखी गई. दिवाली के चलते मंदिरों की भी भव्य सजावट की गई है. भीड़भाड़ वाले इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गये हैं.

Nov 7, 2018, 03:42 PM IST

सादुलशहर : मारवाड़ी युवा मंच ने गरीबों को कपड़े बाटकर मनाई दिवाली...

मारवाड़ी युवा मंच ने दीवाली का त्यौहार शहर से बाहर कच्ची बस्ती में बेसहारा लोगो के साथ मनाया... मंच के सदस्यों ने छोटे छोटे बच्चो को नए कपडे उपहार में दिए... मंच की मानें तो सर्दी के दौरान गरीबों में बांटे गये गर्म कपड़े इनका त्योहार तो सजाएंगे ही साथ ही इन्हें सर्दी से भी सुरक्षित रखेंगे..

Nov 7, 2018, 03:30 PM IST

बीकानेर में कला का अनोखा संगम, देश-दुनिया के कलाकार देंगे दुनिया को संदेश

रेगिस्तान के रेतीले धोरो पर बीकानेर में एक ऐसे अनोखा संगम होने जा रहा हैं... जहां देश ओर दुनिया के कलाकार अपनी कला के ज़रिए दुनिया को नया संदेश देंगे... बीकानेर में 9 से 13 नवम्बर तक कला का संगम बीकानेर आर्ट फ़ेस्टिवल होने जा रहा हैं... जिसमें यूरोप और भारत के कलाकार आर्ट इक्स्चेंज कर रेत के टीलों पर अपनी पेंटिंग ओर सैंड कला को नए आयाम देंगे.. इस दौरान गोरक्षा का संदेश देने वाले संत श्रीदुलाराम कुलरिया का सैंड आर्ट के ज़रिए 20 फ़ीट की प्रतिमा बनाकर उन्हें याद भी किया जाएगा. आयोजन के दौरान राजस्थान के पारम्परिक लोक गीतों की प्रस्तुति भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी

Nov 7, 2018, 03:30 PM IST

बारां : दिवाली के मौके पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

बारां जिले के अंता में दीपावली के मौके पर एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम आयोजित हुआ...जिसमें ढाई हजार दीप जलाकर सभी समुदाय के लोगो ने शहीदों को श्रदांजली अर्पित की...सीएडी तिराहे पर आयोजित शहीदों के नाम इस कार्यक्रम में लोगो ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हुए शहीदों को याद किया...इस दौरान महिलाओ ने भी अपनी भागीदारी दिखाते हुए शहीदों को श्रदांजली अर्पित की । मंगलवार शाम 6 बजे से शुरू हुआ यह कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा...इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला....

Nov 7, 2018, 03:24 PM IST

बानसूर के सरकारी अस्पताल परिसर मे दीपावली की पूर्व संध्या पर एक दीया शहीदो के नाम कार्यक्रम आयोजित किया गया

बानसूर के सरकारी अस्पताल परिसर मे दीपावली की पूर्व संध्या पर एक दीया शहीदो की याद कार्यक्रम आयोजन किया गया ।इस मौके पर शहीदो की याद मे 101 दीये जलाये गये । कार्यक्रम मे बानसूर एसडीएम दीनानाथ बब्बल सहित कई सामाजिक लोगो ने कार्यक्रम में शहीदों की याद मे दिये जलाये गये । यहां मौजूद लोगों ने जमकर भारत माता के जयकारे लगाये...इस मौके पर आयोजनकर्ताओं ने बताया कि जिन जवानो की वजह से लोग दीपावली मना पा रहे हैं...

Nov 7, 2018, 03:18 PM IST

झाड़ोल उपखण्ड में दिवाली पर नहीं जलते पटाखे

झाड़ोल उपखण्ड में दिवाली नहीं मनाए जाने की पड़ताल की गई.. तो इसका कारण बड़ा दिलचस्प निकला... दरअसल गांव के लोग दिवाली इसलिए नहीं मनाते हैं क्योंकि दीपावली पर्व के दौरान खेतों में मक्का, उडद, सोयाबीन आदि फसल खलिहानों में सुखी हुई या फसलों का भूसा पड़ा हुआ होता है... ऐसे में अगर आतिशबाजी की जाए तो आगजनी की घटना की संभावना रहती है । इस वजह से झाड़ोल उपखण्ड क्षेत्र में आतिशबाजी का प्रचलन सदियों से नही है. ज्यो राजस्थान को ही नही पूरे देश को एक संदेश है.

Nov 7, 2018, 03:06 PM IST