folk dance

ହଜିଯାଉଛି ଲୋକନୃତ୍ୟ ପ୍ରହଲ୍ଲାଦ ନାଟକ

ମୁକ୍ତାକାଶ ରଙ୍ଗମଞ୍ଚରେରେ ଶୈବ ଭକ୍ତ ରାଜା ହିରଣ୍ୟ କଶ୍ୟପ ଓ ପ୍ରହଲ୍ଲାଦଙ୍କ ଲିଳା ଦର୍ଶକଙ୍କୁ ମଞ୍ଚ ସମ୍ମୁଖରେ ଘଣ୍ଟା ଘଣ୍ଟା ଧରି ବାନ୍ଧି ରଖିଥାଏ । ଆଧୁନିକ ଯୁଗରେ ଏହି କଳା ପ୍ରତି କଳାକାରଙ୍କ ସଂଖ୍ୟା ଧିରେ ଧିରେ କମିଯାଉଥିବା ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି   ତଥାପି କିଛି କଳାକାର ଏହି କଳାକୁ ପିଢି ପିଢି ଧରି ଜାବୁଡ଼ି ଧରିଛନ୍ତି ।    

Nov 21, 2019, 08:15 PM IST

उदयपुर में गवरी नृत्य के माध्यम से आदिवासी समुदाय दे रहा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

 मेवाड़ की अनूठी संस्कृति में अपना महत्वपूर्ण योगदान रखने वाला भील समाज का यह धर्मिक लोकनृत्य रक्षाबंधन के दूसरे दिन से प्रारंभ होता है.

Sep 21, 2019, 03:19 PM IST

उदयपुर में मची लोक गवरी नृत्य की धूम, जानिए इसकी दिलचस्प कहानी...

आदिवासी समाज के लोगों की मानें तो समाज में खुशहाली आए इसके लिए वह वर्षो से गवरी नृत्य करते हुए कठोर तपस्या करते है. 

Sep 10, 2019, 08:30 PM IST

Video: 5000 महिलाओं ने एक साथ डांस कर दिया मतदान का संदेश

कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में लोकनृत्य के माध्यम से पांच हजारों महिलाओं ने प्रदेश की जनता को मतदान का संदेश दिया. यह लोकनृत्य आसरा वोट आसरा अधिकार की थीम पर आयोजित की गई थी. वोटर कार्ट हाथ में लेकर कुल्लवी नृत्य करती इन महिलाओं के नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ.

मई 9, 2019, 03:40 PM IST

देखिए सत्ता के 7 रंग, 9 मई 2019

देखिए सत्ता के 7 रंग, 9 मई 2019

मई 9, 2019, 02:45 PM IST

कलर्स ऑफ इंडिया: ऐसा नृत्य जिसकी लचक और फुर्ती हैरान कर देगी

कालबेलिया नृत्य राजस्थान का बेहद प्रसिद्ध लोकनृत्य है. राजस्थान के लोकगीत और संगीत की बात हो तो सबसे पहले कालबेलिया करती हुई बलखाती नृत्यांगनाओं की छवि ज़हन में आती है. कालबेलिया राजस्थान की सपेरा बंजारा जनजाति है. ये नृत्य उसी सपेरा जनजाति के पारंपरिक जीवन का अंदाज़ बयान करता है. बंजारों का मस्त स्वच्छंद जीवन और गींत-संगीत से भरी परंपराएं होती है. देखिए, कलर्स ऑफ इंडिया में कहानी कालबेलिया नृत्य की

Feb 18, 2019, 07:28 PM IST

जैसलमेर के हरीश ने राजस्थानी लोकनृत्य का दिखाया जलवा, गुजरात में जीता खिताब

वैसे तो जैसलमेर अपनी लोक संस्कृति के लिए मशहूर है, लेकिन यहां की कला को सात समन्दर पार तक पहुंचाने में यहां के लोक कलाकारों ने अपनी खास भूमिका निभाई है. इन्हीं कलाकारों में से एक हैं हरीश कुमार, जिन्होंने नृत्य की दुनिया में क्वीन हरीश के नाम का खिताब हासिल किया है और राजस्थान का मान बढ़ाया है.

मई 21, 2018, 01:13 PM IST

लय-ताल के मन छूते रूपक

अगर क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर इन पांच तत्वों से मिलकर हमारी देह का निर्माण हुआ है, तो यही पंचभूत नाद बनकर हमारी चेतना में बार-बार घुलते-मिलते हैं. हमारे राग-विराग, संयोग-वियोग, आंसू और मुस्कुराहटों, चुप्पियों और कोलाहल, जीवन की प्रत्येक हलचल में प्रकृति का कण-कण गूंजता है.

Oct 9, 2017, 12:40 PM IST