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मैं एक दिन निर्मल वर्मा को पढ़ने लायक हो जाऊंगा

आज जब निर्मल वर्मा को याद करने के बहाने अपना ओछापन बांचने बैठा, तो फिर एक बार पिताजी से बात की. उन्होंने कहा, तुम समझो कि वह इस जमाने का विशुद्ध साहित्यकार है. उसने खुद को इस या उस विचारधारा में नहीं बंधने दिया. 

Apr 3, 2019, 03:58 PM IST

नामवर सिंह: हिन्दी आलोचना की वाचिक परंपरा के अंतिम शिखर

एक आलोचक के रूप में, नामवर सिंह की किताबों से अधिक उनके व्यक्तित्व का मूल्यांकन होता रहा है... उनके समूचे व्यक्तित्व में एक शैलीगत भव्यता के दर्शन होते हैं.

Feb 21, 2019, 02:20 PM IST

हिंदी के शिखर आलोचक नामवर सिंह पंचतत्व में विलीन

लोदी रोड शवदाह गृह में शाम पौने पांच बजे साहित्य , मीडिया और शिक्षा जगत की सैंकड़ों प्रमुख हस्तियों ने अश्रुपूरित नेत्रों से उन्हें अंतिम विदाई दी . 

Feb 20, 2019, 07:11 PM IST

साहित्यकार नामवर सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री ने जताया गहरा शोक

प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, 'हिन्दी साहित्य के शिखर पुरुष नामवर सिंह जी के निधन से गहरा दुख हुआ है. उन्होंने आलोचना के माध्यम से हिन्दी साहित्य को एक नई दिशा दी'

Feb 20, 2019, 03:16 PM IST

नामवर सिंह के साथ आलोचना के स्वर्णिम युग का हुआ अंत

हिंदी साहित्य का एक पुरोधा और आलोचना का एक स्तंभ गुजर गया. प्रख्यात साहित्यकार और आलोचक डॉ नामवर सिंह नहीं रहे. 93 वर्ष की उम्र में मंगलवार की रात नामवर सिंह का एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. जनवरी महीने में अपने कमरे में गिरने के बाद से वो एम्स में भर्ती थे.

Feb 20, 2019, 02:21 PM IST

दरबार में राग अभी ज़ारी हैं...

विडंबना है कि पचास बरस से हम दरबार के अन्तःपुर से वाकिफ़ हो रहे हैं लेकिन नित नए दरबारों की कैद में अपने निजी स्वार्थ पूरे कर हम दरबारों के प्रभुत्त्व के विरुद्ध मुखर नहीं हो सके. 

Jan 18, 2019, 01:36 PM IST

जयंती विशेष- उर्दू के पास मीर, गालिब, मोमिन हैं, हिंदी के पास बस दुष्यंत कुमार हैं!

जहां उम्मीद न हो, वहां उम्मीद जगाने वाले, जहां इंसान हार मानकर बैठ गया हो, वहां हौसला जगाने वाले कवि दुष्यंत कुमार का आज जन्मदिन है.

Sep 1, 2018, 04:55 PM IST

प्रेमचंद जयंती: क्या कहती हैं प्रेमचंद की कहानियां- डर और अपमान भरे जीवन से 'इस्तीफा'

इस्तीफा एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसका जीवन घर से दफ्तर तक सीमित है. लेकिन जब वह बड़े ऑफिसर के हाथों अपमानित होता है तो उसका स्वाभिमान जाग जाता है. 

Jul 31, 2018, 10:50 AM IST

प्रेमचंद जयंती: क्या कहती हैं प्रेमचंद की कहानियां- गांधी जी के आदर्शों को समझाता 'जुलूस'

अपने साहित्यिक महत्व के साथ ही जुलूस कहानी की तासीर यह है कि सिर्फ इस एक कहानी को पढ़कर आज की पीढ़ी महात्मा गांधी के नेतृत्व में लड़े गए आजादी के आंदोलन को संपूर्णता में समझ सकती है.

Jul 31, 2018, 10:49 AM IST

प्रेमचंद जयंती : गुमनामी में निकली अंतिम यात्रा, लोग बोले- कोई मास्टर था, मर गया

प्रेमचंद की आर्थिक स्थिति का जिक्र होते ही हरिशंकर परसाई का लेख 'प्रेमचंद के फटे जूते' याद आता है. ये लेख प्रेमचंद के एक चित्र पर आधारित है, जिसमें उनके जूते फटे हुए हैं.

Jul 31, 2018, 10:42 AM IST

प्रेमचंद जयंती: 'कम्बख्त प्रेमचंद का कोई प्रेम प्रसंग भी था'

शरीर त्यागने से पहले अपनी पत्नी शिवरानी देवी से क्षमायाचना करते हुए प्रेमचंद ने कहा कि वो ईमानदारी के साथ मरना चाहते हैं और उन्होंने अपनी एक प्रेमिका होने की बात स्वीकार की.

Jul 31, 2018, 10:22 AM IST

प्रेमचंद जयंती : 'जो गाय के पीछे जान देते हैं, वही अपने मां-बाप को रोटियां नहीं दे सकते'

आज देश भर में गोरक्षा पर बहुत चर्चा हो रही है. इसे लेकर वाद-विवाद भी हो रहे हैं, ऐसे में 'गोदान' का लेखक गोरक्षा के बारे में क्या सोचता था, ये सवाल मन में आना स्वाभाविक है.

Jul 31, 2018, 10:10 AM IST

प्रेमचंद जयंती: क्या कहती हैं प्रेमचंद की कहानियां- अन्याय और शोषण का 'अंधेर'

यह कहानी 1913 में पहली बार प्रकाशित हुई. इसमें ग्रामीण समाज में फैली अशिक्षा और इस अशिक्षा पर फलने-फूलने वाले सरकारी तंत्र का मार्मिक वर्णन है.

Jul 31, 2018, 08:11 AM IST

मुंशी प्रेमचंद: 'दुनिया का सबसे अनमोल रतन खून का वो कतरा है, जो देश के लिए बहता है'

कल मुंशी प्रेमचंद की जयंती है. प्रेमचंद की देशभक्ति केवल उनके किस्से कहानियों तक सीमित नहीं थी. उनका असल जीवन भी वैसा ही था.

Jul 30, 2018, 12:38 PM IST

अलविदा केदारनाथ सिंह: मेरी भाषा के लोग, मेरी सड़क के लोग हैं

हिंदी के सबसे प्रतिष्ठित कवियों में से एक केदारनाथ सिंह के साथ ही कविता के एक युग का अंत हो गया.

Mar 20, 2018, 12:36 AM IST

नहीं रहे समकालीन हिंदी कविता के प्रमुख हस्ताक्षर डॉ. केदारनाथ सिंह

डॉ केदारनाथ सिंह के प्रमुख कविता संग्रहों में 'अभी बिल्कुल अभी', 'जमीन पक रही है', 'यहां से देखो', 'बाघ', 'अकाल में सारस', 'उत्तर कबीर और अन्य कविताएं'. 'तालस्ताय और साइकिल' तथा 'सृष्टि पर पहरा' चर्चा में रहे हैं.

Mar 19, 2018, 10:57 PM IST

लेखकों की कमी से जूझ रहा हिंदी साहित्यः गोयनका

हाल ही में व्यास सम्मान से सम्मानित हुए साहित्यकार डॉक्टर कमल किशोर गोयनका का कहना है कि वर्तमान में हिंदी साहित्य नायक लेखकों की कमी से जूझ रहा है।

Sep 27, 2015, 02:25 PM IST