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Ram Manohar Lohia 

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साल 1962 में आज़ाद हुए लगभग 15 साल हो चुके थे. देश तीसरे आम चुनाव की तैयारी में था. 1962 का चुनाव कई लिहाज़ से खास था. पहले चुनाव के बाद इस बार चुनावी प्रक्रिया में भी कुछ बदलाव आए. ये देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का आखिरी चुनाव था. इस चुनाव में पंडित नेहरू को टक्कर देने के लिए डॉ राम मनोहर लोहिया ने फूलपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया. पंडित नेहरू ने पिछले दोनों चुनाव फूलपुर लोकसभा सीट से जीते थे. कई लोगों ने डॉक्टर लोहिया को फूलपुर से चुनाव न लड़ने की सलाह दी. डॉ. राममनोहर लोहिया ने एक भाषण में कहा था “मैं कांग्रेस की सबसे मजबूत चट्टान से टकरा रहा हूं. मैं इसे तोड़ तो नहीं पाऊंगा लेकिन इसमें दरार जरूर डाल दूंगा.”... देखिए, कहानी तीसरे आम चुनाव की
Feb 11,2019, 12:07 PM IST

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