अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हुई डील के बाद अब दोनों देशों के नेताओं ने आमने सामने बात की. यह वार्ता स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में हो रही है. इसके लिए अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल पहुंच चुके हैं. इस वार्ता के पहले चरण के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान सामने आया है.
अमेरिका-ईरान के बाद अब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर पर बात बनी है. दोनों पक्ष सीजफायर पर सहमत हुए हैं. इससे पहले इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर कई बड़े हमले किए थे.
ईरान और अमेरिका में भले ही शांति समझौता हो गया हो, लेकिन पश्चिम एशिया में मिसाइलों की बारिश लगातार जारी है. इजरायल का लेबनान पर लगातार हमला जारी है. ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर शांति समझौता का क्या होगा?
इजरायल और ईरान के बीच लगभग हवाई हमले बंद हो गए. हालांकि, इजरायल के लोगों का पूछना है कि इस युद्ध से हासिल क्या हुआ. हाल में ही इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि यरुशलम की ओर से तेहरान पर आगे हमले नहीं किए जाएंगे.
ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि वह ईरान पर हमले रोक रहे हैं, लेकिन उन्होंने भविष्य के हमलों का 'ताकत के साथ' जवाब देने का भी संकल्प लिया.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर एक जहाज पर हमला हुआ है. इस जहाज में 24 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं. इन नाविकों ने भारतीय नौसेना से मदद की गुहार लगाई है. हालांकि, ओमान की एयरफोर्स ने सभी को सुरक्षित तरीके से निकाल लिया.
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के 100 दिन पूरे हो गए हैं. इस जंग में 7,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है. हैरान करने वाली बात है कि इस जंग के कारण 146 देशों में तेल की कीमतों में बेतहासा बढ़ोतरी हुई है. वहीं, बातचीत के प्रयासों से अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया दावा कर सभी को हैरान कर दिया है. ट्रंप ने एक साक्षात्कार के दौरान दावा किया कि अगर मैं न होता तो आज इजराइल नहीं होता. हालांकि, उन्होंने उन दावों को खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा था कि बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ईरान के साथ जंग में धकेल कर फंसा दिया है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के सीजफायर पर सहमति बनी है. लेबनान और इजरायल के नेता वाशिंगटन में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की. करीब 34 साल इजरायल और लेबनान के नेता भी मिले हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के नेताओं को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया है.
ट्रंप की सभ्यता मिटा देने वाले बयान पर ईरान ने पलटवार किया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ट्रंप की धमकी के बाद सीधा जवाब दिया और कहा कि अब संयम खत्म. वहीं, जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास ने ट्रंप की धमकी पर तंज कसा है.
PM Modi on West Asia Struggle: पीएम मोदी ने कहा कि हम इसके लिए हर पक्ष से संवाद कर रहे हैं. ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं. पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्लेंडिंग पर बहुत काम हुआ है.
Naveen Patnaik: ପଶ୍ଚିମ ଏସିଆରେ ଦେଖାଦେଇଥିବା ଭୟଙ୍କର ଯୁଦ୍ଧ ପରିସ୍ଥିତି ଏବେ ସେଠାରେ ରହୁଥିବା ଓଡ଼ିଆଙ୍କ ପାଇଁ ଚିନ୍ତାର କାରଣ ପାଲଟିଛି।
USS Abraham Lincoln carrier strike group: अमेरिका, पश्चिम एशिया में अपना सबसे बड़ा जंगी बेड़ा उतार चुका है. वहीं दूसरी तरफ तेहरान की सेना समंदर में बारूद बिछा रही है. ईरान और अमेरिका की जंगी तैयारियों के बीच दावा किया जा रहा है कि तेहरान पर हमला हुआ तो अमेरिका के साथ 7 देश शामिल हो सकते हैं.
पश्चिम एशिया में व्यापक पैमाने पर युद्ध छिड़ने का खतरा बढ़ गया है और इससे गाजा में युद्ध विराम समझौते के प्रयास विफल हो सकते हैं. बता दें कि गाजा में फलस्तीनी समूह हमास के खिलाफ इजराइल का पिछले करीब 10 महीने से युद्ध जारी है.
ଇସ୍ରାଏଲ ଏବଂ ହମାସ୍ ମଧ୍ୟରେ ଚାଲିଥିବା ଯୁଦ୍ଧକୁ ସମଗ୍ର ପଶ୍ଚିମ ଏସିଆର ପ୍ରସଙ୍ଗରେ ଦେଖାଯିବା ଉଚିତ, ଏହି ଅଂଚଳରେ ଶାନ୍ତି, ସୁରକ୍ଷା ଏବଂ ସ୍ଥିରତା ଭାରତର ଜାତୀୟ ସ୍ୱାର୍ଥ ଦୃଷ୍ଟିରୁ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ । ଭାରତ ପ୍ରାୟ 70 ପ୍ରତିଶତ ତୈଳ ଏବଂ ଗ୍ୟାସ ପଶ୍ଚିମ ଏସିଆରୁ ଆମଦାନୀ କରିଥାଏ।
व्हाइट हाउस ने मंगलवार को बताया कि इस दौरे पर कुशनर के साथ अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं के लिए ट्रंप के विशेष प्रतिनिधि जेसन ग्रीनब्लेट और ईरान के लिए विशेष अमिरिकी प्रतिनिधि ब्रायन हुक भी गए हैं.
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों पर इसका विपरीत असर होना तय है.
लेबनान में हमेशा ही विभिन्य सम्प्रदाय के लोगों की लड़ाई का मैदान रहा है और यह इतिहास आज भी नहीं बदला है.
इतिहास में यमन को विदेशियों ने हमेशा महत्व तो दिया, लेकिन इस वजह से वह एक लड़ाई का मैदान बन कर रह गया जो आज गृहयुद्ध में डूबा है.
गीर्त कपिलेयर ने बेरूत में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ऐसे बच्चों की जरूरत नहीं, यह संदेश हर रोज मजबूत होता जा रहा है.
इराक के साथ वैसे तो भारत के मजबूत व्यापारिक संबंध रहे हैं, पर यह देश सबसे लंबे समय तक युद्ध में ही उलझा रहा है.
सीरिया के भारत के साथ लंबे समय तक गहरे और मजबूत संबंध रहे हैं.