close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

अमेरिका से 50 गुना सस्ता है भारत में इंटरनेट, वहां एक 1GB की कीमत इतने रुपये

ब्रिटेन में भारत के मुकाबले इंटरनेट 25 गुना महंगा है.

अमेरिका से 50 गुना सस्ता है भारत में इंटरनेट, वहां एक 1GB की कीमत इतने रुपये
मोबाइल इंटरनेट की वैश्विक औसत कीमत 8.53 डॉलर प्रति एक जीबी है जबकि भारत में यह 0.26 डॉलर है. (प्रतिकात्मक)

नई दिल्ली: दुनिया में मोबाइल इंटरनेट की सबसे सस्ती दर देश में है. इसमें मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस जियो की अहम भूमिका है. देश में एक जीबी इंटरनेट की औसत कीमत साढ़े अठारह रुपये है जबकि दुनिया में यह औसत 600 रुपये का है. यह आंकड़े केबल डॉट को डॉट यूके ने जारी किए हैं जो कीमतों की तुलना करने वाली शोध कंपनी है. कंपनी की अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार देश में एक जीबी मोबाइल डाटा की औसत कीमत 0.26 डॉलर है. जबकि ब्रिटेन में यह औसत 6.66 डॉलर और अमेरिका में 12.37 डॉलर है. कंपनी ने यह आंकड़े 230 देशों में मोबाइल इंटरनेट की दरों का आकलन करके जारी की है. मोबाइल इंटरनेट की वैश्विक औसत कीमत 8.53 डॉलर प्रति एक जीबी है. उल्लेखनीय है कि 43 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स के साथ चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है.

2019 के अंत तक 62.70 करोड़ हो जाएगी इंटरनेट यूजर्स की संख्या
वहीं, दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक देश में इंटरनेट उपयोग करने वालों की संख्या दहाई अंक की वृद्धि के साथ बढ़कर 2019 में 62.70 करोड़ पर पहुंच जाएगी. बाजार शोध एजेंसी कंटर आईएमआरबी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है. ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने से पहली बार देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 56.60 करोड़ के पार हो गयी है. एजेंसी ने आईक्यूब 2018 रिपोर्ट में कहा कि देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में 18 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गयी और ये दिसंबर 2018 तक बढ़कर 56.60 करोड़ पर पहुंच गई. यह कुल आबादी का 40 प्रतिशत है. एजेंसी ने अनुमान किया है कि 2019 में इंटरनेट का उपयोग करने वालों की संख्या में दहाई अंकों में वृद्धि होगी और 2019 के अंत तक संख्या 62.70 करोड़ पर पहुंच जाएगी.

दिसंबर-जनवरी महीने में इस मामले में Airtel रहा सबसे आगे, Jio पांचवें स्थान पर

रिपोर्ट में कहा गया कि इनमें 87 प्रतिशत यानी 49.30 करोड़ लोग इंटरनेट का नियमित उपयोग करने वाले हैं. नियमित उपयोगकर्ता उन लोगों को कहा जाता है जिन्होंने पिछले 30 दिन में इंटरनेट का इस्तेमाल किया हो. करीब 29.30 करोड़ नियमित उपयोगकर्ता शहरी क्षेत्रों में हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 20 करोड़ नियमित इंटरनेट उपयोग करने वाले शामिल हैं. एजेंसी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 2018 में इंटरनेट उपयोग करने वालों की संख्या सात प्रतिशत की दर से बढ़कर 31.50 करोड़ पर पहुंच गयी. उसने कहा कि अब इंटरनेट अपनाने की अगुआई ग्रामीण क्षेत्र कर रहे हैं. पिछले साल ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 35 प्रतिशत बढ़ी है.

रिपोर्ट में कहा गया, अनुमान है कि ग्रामीण भारत में अभी 25.10 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं जिनके 2019 के अंत तक बढ़कर 29 करोड़ हो जाने का अनुमान है. राज्यों के मामले में शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिहार में इंटरनेट उपयोक्ताओं की संख्या सर्वाधिक 35 प्रतिशत बढ़ी है. कुल इंटरनेट उपयोक्ताओं में महिलाओं की भी 42 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

(इनपुट-भाषा)