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साल में दो बार प्लान करना चाहिए वेकेशन, दिल बीमारियां रहती हैं दूर

मनोविज्ञान और स्वास्थ्य पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि छुट्टियां चपापचय संबंधी लक्षणों को कम करने में मददगार है जिससे दिल की बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है.

साल में दो बार प्लान करना चाहिए वेकेशन, दिल बीमारियां रहती हैं दूर
इन छुट्टियों की मदद से आप न केवल खुद को स्ट्रेस से मुक्ति दिला सकते हैं.

नई दिल्लीः अपनी भागदौड़ भरी व्यस्त दिनचर्या से कुछ वक्त छुट्टियों के लिए भी निकालें क्योंकि इन छुट्टियों की मदद से आप न केवल खुद को स्ट्रेस से मुक्ति दिला सकते हैं बल्कि इससे दिल की बीमारियों के होने का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है. 

दिल की बीमारियों का खतरा होता है कम
मनोविज्ञान और स्वास्थ्य पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि छुट्टियां चपापचय संबंधी लक्षणों को कम करने में मददगार है जिससे दिल की बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है.

चपापचय सिंड्रोम का जोखिम होता है कम
अमेरिका में स्थित सिरैक्यूज विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक ब्रायस ह्य्रूस्का ने कहा, "हमने पाया कि जिन व्यक्तियों में पिछले 12 महीनों में अकसर ही छुट्टियां ली हैं उनमें चपापचय सिंड्रोम और चपापचय लक्षणों का जोखिम कम है."

उन्होंने आगे कहा, "चपापचय सिंड्रोम दिल की बीमारियों के लिए जोखिम कारकों का एक संग्रह हैं. यदि आपमें यह ज्यादा है तो आपको दिल की बीमारियों के होने खतरा कहीं अधिक हैं. यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हम वास्तव में यह देख रहे हैं कि जो इंसान अक्सर ही छुट्टियों पर जाता है उसमें ह्दय रोग का खतरा कम पाया गया क्योंकि चपापचय संबंधी लक्षण परिवर्तनीय हैं यानि कि वे बदल सकते हैं या फिर उन्हें मिटाया जा सकता है."

(इनपुटः IANS)