अफगानिस्‍तान में आत्‍मघाती हमलों में 40 की मौत, भारत ने की निंदा

भारत ने अफगानिस्तान में एक सैन्य अस्पताल, एक मृतक के अंतिम संस्कार और सैन्य जांच चौकी को निशाना बनाकर किए गये विभिन्न आतंकवादी हमलों की कड़ी भर्त्सना की है.

अफगानिस्‍तान में आत्‍मघाती हमलों में 40 की मौत, भारत ने की निंदा

नई दिल्‍ली: आतंकवादियों ने काबुल के एक जच्चा-बच्चा अस्पताल पर मंगलवार को हमला किया जिसमें दो नवजात शिशु और उनकी माताओं सहित 14 लोगों की जान चली गई. एक अन्य हमले में आत्मघाती हमलावर ने नानगहर प्रांत में एक मृतक के अंतिम संस्कार को निशाना बनाया जिसमें कम से कम 24 लोगों की जान चली गयी और 68 अन्य घायल हो गये. यह इस्लामिक स्टेट संगठन की सक्रियता वाला क्षेत्र है.

भारत ने अफगानिस्तान में एक सैन्य अस्पताल, एक मृतक के अंतिम संस्कार और सैन्य जांच चौकी को निशाना बनाकर किए गये विभिन्न आतंकवादी हमलों की मंगलवार को कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे महिलाओं एवं बच्चों सहित निर्दोषों के विरूद्ध ‘‘बर्बर’’ कृत्य करार दिया.

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत दश्त ए बार्ची अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड, नानगहर प्रांत में एक मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार तथा लघमान प्रांत में एक सेना जांच चौकी पर महिलाओं एवं बच्चों सहित निर्दोष नागरिकों पर किए गये बर्बर आतंकवादी हमले की कड़ी भर्त्सना करता है.’’

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि माताओं, नवजात शिशुओं तथा शोक मना रहे परिवारों पर यह ‘‘निदंनीय’’ हमला भयावह है तथा मानवता के विरूद्ध अपराध है.

बयान में कहा गया, ‘‘हम मृतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और जो लोग घायल हुए हैं उनके शीर्घ स्वस्थ होने की कामना करते हैं.’’

इसमें कहा गया कि आतंकवाद के इस प्रकार के निरंतर होने वाले कृत्यों को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता. इसमें यह भी कहा गया कि इस प्रकार के घृणित कृत्यों को अंजाम देने वालों और इसके प्रायोजकों को कानून के शिकंजे में लाकर उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में शांति एवं स्थिरता लाने के उसके प्रयासों में वहां के लोगों, सुरक्षा बल और सरकार के साथ एकजुटता से खड़ा है. बयान में कहा गया, ‘‘रमजान का पवित्र माह उपवास, प्रार्थना और विचार करने का समय होना चाहिए.’’

इसमें कहा गया,‘‘हम आह्वान करते हैं कि आतंकवादी हिंसा पर तुरंत रोक लगनी चाहिए तथा अफगानिस्तान में कोरोना वायरस के प्रसार के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए सहयोग किया जाना चाहिए.’’