शशिकांत का कबूलनामा, 'विकास दुबे के कहने पर मैंने और मेरे पिता ने गोली चलाई'

पूरे देश को हिला कर रख देने वाले कानपुर एनकाउंटर में सबसे बड़ा खुलासा हुआ है. आपको बिकरू में 8 पुलिसवालों की शहादत पर सबसे बड़ी गवाही से रूबरू करवाते हैं..  

शशिकांत का कबूलनामा, 'विकास दुबे के कहने पर मैंने और मेरे पिता ने गोली चलाई'

नई दिल्ली: जिस शख्स ने विकास दुबे के कहने पर पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई, उसने ज़ी मीडिया के सामने गवाही दी है. विकास दुबे का वो साथी क्रिमिनल जिसने कानपुर के बिकरू गांव में पुलिस वालों पर फायरिंग की, उसने ज़ी मीडिया के सामने अपना गुनाह कबूल लिया.

कानपुर एनकाउंटर पर सबसे बड़ी गवाही

उसका नाम है शशिकांत पांडेय है, जिसने बताया कि कैसे विकास दुबे के हुक्म पर बिकरू में पुलिसवालों पर गोलियां बरसाई गईं. कैसे शशिकांत और उसके पिता ने छत से पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की?

ज़ी मीडिया और विकास के साथी शशिकांत की बातचीत

रिपोर्टर- क्या घटना हुई थी उस दिन, शशिकांत?
शशिकांत-
सर, उस दिन गोली चली थी. गोली जबर्दस्ती केवल विकास दुबे के जरिए चलवाई गई थी. उसमें अमर दुबे, प्रभात मिश्रा, विकास दुबे, बउआ और अतुल दुबे और मेरे पापा शामिल थे, जो पुलिस मुठभेड़ में मारे गए. हम लोगों पर दबाव बना कर कहा गया कि अगर तुम लोग गोली नहीं चलाओगे **^^&&## तो  तुम्हें मार डालेंगे.

रिपोर्टर- किन किन लोगों ने गोली चलाई थी, ये बताओ?
शशिकांत-
सर, बहुत थे

रिपोर्ट- कौन कौन थे?
शशिकांत-
लालू थे, शिवम था, हम थे और पीहू, अखिलेश मिश्रा थे,  राजेंद्र थे, प्रभात था और अमर था और विकास..

रिपोर्टर- घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ? गोली चलने की स्थिति क्यों आ गई?
शशिकांत-
गोली चलने की स्थिति कि इन्हें मारना ही है

रिपोर्टर- क्यों मारना है? क्या सूचना आ गई थी क्या कि पुलिस आ रही है? कैसे मालूम था कि पुलिस आ गई है?
शशिकांत-
पुलिस द्वारा सूचना दी गई थी

रिपोर्टर- क्या सूचना आई थी?
शशिकांत-
पुलिस द्वारा सूचना ये आई थी कि इनको मारना है, पुलिस वालों को

रिपोर्टर- तुम्हारे आंगन में कितने लोगों की हत्या हुई थी?
शशिकांत-
हमारे आंगन में तीन लोगों की हत्या हुई

रिपोर्टर- कौन कौन?
शशिकांत-
आंगन में सीओ साहब और बाहर दरवाजे पर दो दारोगा

रिपोर्टर- तुम लोगों ने गेट क्यों नहीं खोला जब दारोगा जी वहां मदद मांग रहे थे?
शशिकांत-
सर, हम लोगों ने गेट इसलिए नहीं खोला क्योंकि अगर गेट खोलते तो (विकास) हमें मार डालता

रिपोर्टर- तुम लोग छत से गोली चला रहे थे?
शशिकांत-
जी

रिपोर्टर- तुम और तुम्हारे पिता जी छत से गोली चला रहे थे?
शशिकांत-
नहीं 

रिपोर्टर- असलहे कहां से आए थे?
शशिकांत-
असलहे सब विकास दुबे ने दिलाए थे?

रिपोर्टर- कौन कौन से असलहे थे?
शशिकांत-
बंदूक, राइफल सभी थी

रिपोर्टर- घटना शुरू कैसे हुई, ये बताओ सूचना आई विकास दुबे ने तुम लोगों को बुलाया, क्या कह कर बुलाया?
शशिकांत-
फोन कर बुलाया था

रिपोर्टर- क्या बोला
शशिकांत-
बोला कि आज गोली चलनी है. बस इतना कहा और कुछ नहीं कहा था

विकास दुबे के साथी शशिकांत पांडेय का कबूलनामा

1. विकास दुबे ने कहा था- पुलिसकर्मियों पर गोली चलाओ,नहीं तो मार डालूंगा
2. 'मैंने और मेरे पिता ने विकास के कहने पर गोली चलाई' 
3. विकास समेत करीब 10 लोगों ने पुलिस पर फायरिंग की
4. दबिश की ख़बर पुलिसवालों ने विकास को पहले ही दे दी थी
5. विकास दुबे ने फोन कर बुलाया, कहा- आज गोली चलेगी
6. विकास दुबे ने राइफल और बंदूक पहले से इकट्ठा कर रखे थे
7. 'मेरे आंगन में सीओ देवेंद्र मिश्र की हत्या हुई'
8. 'मेरे घर के दरवाजे पर दो दारोगा की हत्या की गई'
9. 'दारोगा मदद मांग रहे थे, लेकिन हमने दरवाजा नहीं खोला'
10. 'अगर हम दरवाजा खोलते तो विकास दुबे हमें मार डालता'

बिकरू गांव मुठभेड़ मामले में विकास दुबे के साथी शशिकांत पांडे ने बड़ा खुलासा किया है. उसने बताया कि विकास दुबे ने पुलिस बल पर जबरदस्ती गोली चलवाई. शशिकांत ने ये भी कहा कि विकास ने कहा था- गोली नहीं चलाओगे तो मार डालूंगा. विकास दुबे ने हर हाल में पुलिसवालों को मारने का आदेश दिया था

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शशिकांत ने बताया कि विकास दुबे समेत करीब 10 लोगों ने पुलिस वालों पर फायरिंग की थी. पुलिस बल पर हमले के लिए विकास दुबे ने सबको फोन करके बुलाया था. आपको बता दें कि 50 हज़ार के इनामी बदमाश शशिकांत पांडे को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ़्तार किया था.

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