• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 89,995 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,82,143: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 86,984 जबकि अबतक 5,164 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • अनलॉक 1.0- कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर चरणबद्ध तरीके से गतिविधियों को फिर से शुरू करने की मंजूरी
  • अंतर-राज्यीय और राज्य के भीतर व्यक्तियों और सामान की आवाजाही पर कोई बंदिश नहीं होगी
  • देश भर में 10,541 क्वारंटीन केंद्र और 7,304 कोविड देखभाल केंद्र में 6,64,330 बेड उपलब्ध हैं
  • केंद्र ने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों / केंद्रीय संस्थानों को 119.88 लाख एन 95 मास्क और 96.14 लाख पीपीई प्रदान किए हैं
  • रेलवे ने राज्य सरकारों से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए योजना और समन्वय को बढ़ावा देने का अनुरोध किया
  • आईटी मंत्री ने राष्ट्रीय AI पोर्टल लॉन्च किया, जो AI से संबंधित विकास और संसाधन केन्द्र का एक वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म है
  • सावधान रहें: कोविड-19 जैसी बीमारी से लड़ते समय, जानकारी सबसे बड़ा हथियार है

तबलीगी जमात की 'टेरर कुंडली'! "आतंकी कनेक्शन" का सच जानिए

तबलीगी जमात... वैसे ये वही जमात है, जिसके मजहबी चेहरे के पीछे का नकाब आतंकी सोच वाला भी है. आतंकवादी संगठन अलकायदा से तबलीगी जमात के कनेक्शन सामने आ रहे हैं. ग्लास्गो एयरपोर्ट पर हमले का लिंक भी जमात से जुड़ रहा है.

तबलीगी जमात की 'टेरर कुंडली'! "आतंकी कनेक्शन" का सच जानिए

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में तबलीगी जमात के गुनहगारों ने देश की परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ा दी है. लेकिन तबलीगी जमात के आतंकी कनेक्शन की भी परतें दर-ब-दर खुल रही हैं. आपको इस जमात की टेरर कुंडली से रूबरू कराते हैं.

तबलीगी जमात का "अलकायदा कनेक्शन"

क्या आप जानते हैं कि तबलीगी जमात का अलकायदा कनेक्शन भी है? और क्या आप ये जानते हैं कि अलकायदा के आतंकी तबलीगी जमात की मदद लेते थे? ये वाकई हर उस एक व्यक्ति को हैरान करने वाला खुलासा है, जो तबलीगी जमात की मजहबी बातों पर आंख मूंदकर यकीन कर लेता था. 

एक मीडिया रिपोर्ट में 2011 में जारी विकीलीक्स के दस्तावेज़ों के हवाले से खुलासा किया गया है कि अलकायदा ने  कई यात्रा सबंधी दस्तोवेज़ और छिपने का ठिकाना हासिल करने के लिए दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित तबलीगी जमात के हेडक्वार्टर का इस्तेमाल किया था.

तबलीगी जमात का "लश्कर कनेक्शन"

तबलीगी जमात को लेकर दावे ये भी किये जा रहे हैं कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सुडानी सदस्य हामिर मोहम्मद ने तबलीगी सदस्य के तौर पर पाकिस्तान का वीज़ा लेने की कोशिश की थी.

ग्लास्गो एयरपोर्ट हमले का 'जमात कनेक्शन'

ग्लास्गो एयरपोर्ट पर हमले की कोशिश के आरोप में जिस संदिग्ध भारतीय नागरिक कफील अहमद को गिरफ्तार किया गया था. उसके तार भी निजामुद्दीन के इसी तबलीगी जमात से जुड़े बताए जाते हैं.

अजित डोवल ने कही थीं बड़ी बातें

भारत के वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और IB के पूर्व डायरेक्टर अजित डोवल ने कभी तबलीगी जमात के बारे में बड़ी बातें कही थीं कि इस संस्था में जिस तरह का रहस्य रखने की परंपरा है. उसकी वजह से शक पैदा होता है. लेकिन सरकारों ने कभी इस संस्था की तरफ नज़र टेढ़ी नहीं की. और आज जब इसी जमात की वजह से देश में कोरोना काल का खतरा मंडरा रहा है. तब हर कोई इस जमात का कच्चा चिट्ठा उजागर कर रहा है

क्या है तबलीगी जमात का 'डोवल कनेक्शन'? जानिए यहां

'तबलीगी जमात ने की साज़िश'

आरोप ये लग रहे हैं कि "इस जमात ने अपने लोगों में कोरोना वायरस को विकसित कराकर हिंदुस्तान इसलिए भेजा ताकि कोरोना से हिंदुस्तान में ज़्यादा से ज़्यादा मौतें कराई जा सकें."

तबलीगी जमात की सफाई है कि लॉकडाउन के वक्त उसके जमात में काफी संख्या में लोग फंस गए थे. बाकायदा पुलिस ने तबलीगी जमात के मैनेजमेंट से जुड़े लोगों से मरकज़ खाली करने को कहा था, लेकिन जमात इसके बाद भी अपनी ज़िद पर अड़ा रहा.

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तो सवाल ये है कि तबलीगी जमात ने क्या जानबूझकर देश में कोरोना के खतरे को बढ़ाया. क्या जमात ने जानबूझकर देश को सामुदायिक संक्रमण की ओर धकेलने की कोशिश की. क्या जमात ने बाकायदा साज़िश रचते हुए इंडिया को इटली बनाने की कोशिश की? सवाल गंभीर है और पुलिस की जांच हर एंगल से चल रही है.

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