5 राज्य, 10 गलतियां! जानिए- क्यों सिमटी भाजपा?

केंद्र में भारी बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज रहने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी राज्यों में लगातार अपनी जमीन खोती जा रही है. भाजपा ने लगातार 5 राज्यों में बुरी तरह से पिट गई, जिसके पीछे उसकी एक या दो नहीं 10 गलतियां हैं. जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए.

5 राज्य, 10 गलतियां! जानिए- क्यों सिमटी भाजपा?

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी इस बार झारखंड के सियासी महामुकाबले में बुरी तरह पटखनी खाती दिख रही है. भाजपा लगातार कई राज्यों में सत्ता से बाहर होती जा रही है. आपको इन पांच राज्यों में भाजपा की गद्दी गंवाने वाली 10 गलतियों से रूबरू करवाते हैं. इन पांच राज्यों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र और अब झारखंड शुमार है.

5 राज्यों में BJP की 'गद्दी' गंवाने वाली 10 गलतियां

वजह नंबर 1. 

सत्ता विरोधी लहर

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार 15 साल तक सत्ता पर काबिज होने के बावजूद भाजपा ने अपनी जमीन खो दी. महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में भाजपा के शासन से लोगों की नाराजगी थी. सरकार से नाराजगी के चलते लगातार भाजपा के लिए राज्यों में सत्ता विरोधी लहर दिखाई दे रही है.

वजह नंबर 2. 

सहयोगियों को किया नजरंदाज

झारखंड में भारतीय जनता पार्टी ने अपने पुराने सहयोगी आजसू से नाता तोड़ दिया और महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ मतभेद से सत्ता गंवा दी. यानी भाजपा ने अपने सहयोगियों को नजरअंदाज किया.

वजह नंबर 3. 

स्थानीय नेतृत्व के प्रति गुस्सा

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास अपनी सीट हार रहे हैं, साथ ही छत्तीसगढ़ में रमन सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी देखी गई. यानी सीधे तौर पर इन दोनों राज्यों में लोगों का स्थानीय नेतृत्व के प्रति गुस्सा रहा. 

वजह नंबर 4. 

सत्ता का अहंकार

लोगों का कहना है कि भाजपा ने जिन राज्यों में सत्ता से बाहर हुई है वहां नेताओं ने आम जनता से दूरी बनाई और लोगों की समस्याओं को नजरंदाज किया. जिसका खामियाजा उसे नतीजों में भुगतना पड़ा.

वजह नंबर 5. 

अंदरूनी लड़ाई

भारतीय जनता पार्टी के कई स्थानीय नेताओं को महत्व नहीं दिया गया. जिसके चलते चुनाव के दौरान सरयू राय जैसे नेता बागी हो गए. ये भाजपा की हार का सबसे बड़ी वजह साबित हो रही है.

वजह नंबर 6. 

मोदी पर हद से ज्यादा निर्भरता

भाजपा सभी विधानसभा चुनाव पीएम मोदी के चेहरे पर लड़ती दिखाई देती है. स्थानीय स्तर के चुनाव में भी मोदी पर आश्रित होती है. जबकि स्थानीय नेतृत्व पर लोगों को भरोसा नहीं रह पाता है.

वजह नंबर 7. 

स्थानीय मुद्दों से ज्यादा राष्ट्रीय मुद्दों का प्रचार

भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय मुद्दों को नजरंदाज किया. रैलियों में राष्ट्रीय मुद्दों पर ज्यादा जोर दिया जाता है. चाहें वो महाराष्ट्र चुनाव हो या फिर झारखंड का चुनाव, सभी जगह राष्ट्रीय मुद्दों पर चुनाव की निर्भरता बनी रहती है.

वजह नंबर 8. 

विपक्ष की एकजुटता

राज्यों में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष एकजुट होता रहा है. विपक्ष की नीति हर बार भाजपा Vs ALL वाली रहती है. केंद्र में तो ये सफल नहीं हो पाई मगर राज्यों में इसका असर दिखने लगा है. झारखंड में JMM, कांग्रेस और RJD ने गठबंधन किया.

वजह नंबर 9. 

केंद्र को समर्थन, राज्यों को नहीं

तीन तलाक और आर्टिकल 370 पर केंद्र को समर्थन मिलता रहा है. लेकिन भाजपा शासित राज्यों में इसका फायदा नहीं हुआ. महाराष्ट्र और झारखंड में भाजपा ने अपनी मजबूत जमीन खो दीय

वजह नंबर 10. 

महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे

किसानों का मुद्दा काफी अहम है, जिसके तहत महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या नहीं रुकी. सभी राज्यों में बेरोजगारी का मुद्दा हावी रहा. युवाओं में बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दे ने काफी जोर पकड़ लिया.

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