महाराष्ट्र में भाजपा के दांव से सभी दिग्गज हुए चित्त

देवेन्द्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए अजित पवार का समर्थन हासिल करके ऐसा मास्टर स्ट्रोक खेला है,  जिससे  राजनीति  के बड़े बड़े दिग्गज भौचक्के रह गए हैं. सूबे में राजनीतिक घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि कांग्रेस तो शरद पवार पर ही आरोप  लगाने लगी. लेकिन शायद उन्हें भी अपने भतीजे अजित पवार के कदम का अंदाजा नहीं था. उधर शिवसेना तो हताश होकर बेबसी में श्राप देने  पर  उतारु हो गई है.   

महाराष्ट्र में भाजपा के दांव से सभी दिग्गज हुए चित्त

मुंबई : महाराष्‍ट्र में शनिवार सुबह बड़े सियासी उलटफेर के तहत बीजेपी ने एनसीपी के अजित पवार समर्थन से अपनी सरकार बना ली और देवेंद्र फडणवीस ने मुख्‍यमंत्री और अजित पवार ने उप मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ले ली. 

शरद पवार ने कहा कि उन्हें कोई खबर नहीं
बड़ी बात ये है कि अजित पवार के इस कदम की एनसीपी प्रमुख शरद पवार को कोई जानकारी नहीं थी, यानि उनकी सहमति के बिना यह फैसला लिया गया. यह बात तब सामने आई जब शरद पवार ने खुद ट्वीट कर सार्वजनिक रूप से कह दिया कि एनसीपी अजीत पवार के राजनीतिक निर्णय का समर्थन नहीं करता है. यह उनका निजी फैसला है.

उन्‍होंने दूसरे ट्वीट में कहा कि महाराष्ट्र सरकार को भाजपा बनाने के लिए अजित पवार के फैसले का समर्थन करना उनका व्यक्तिगत निर्णय है, न कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का. हम यह कहना चाहते हैं कि हम हम उनके इस निर्णय का समर्थन नहीं करते हैं.

हालांकि भारतीय राजनीति के सबसे शातिर खिलाड़ी शरद पवार के  दिलो  दिमाग में  कौन सी योजना चल रही है इसका अंदाजा लगाना  मुश्किल होता है. वैसे ये मान पाना  बेहद मुश्किल है कि अजित पवार ने बिना अपने चाचा शरद पवार  को जानकारी दिए इतना बड़ा कदम  उठाया होगा.

एनसीपी के कई नेता हैं नाराज
शरद पवार से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता नवाब मलिक ने भी कहा कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार महाराष्ट्र में शनिवार को गठित हुई नई सरकार से नाखुश हैं. वहीं, शरद पवार के पुराने सहयोगी तारिक अनवर ने भी बयान देते हुए कहा कि अजित पवार ने बगावत की है. उधर वरिष्ठ एनसीपी  नेता प्रफुल्ल पटेल ने भी अजित पवार के फैसले पर  आपत्ति जाहिर करते हुए भाजपा के साथ जाने  के उनके  फैसले  को एनसीपी के सिद्धांतों के खिलाफ बताया. 

कांग्रेस को समझ में ही नहीं  आया कि ये हुआ क्या?
उधर कांग्रेस पार्टी को  तो यह समझ में ही नहीं आया कि महाराष्ट्र में आखिर ये हो क्या रहा है. आखिर कैसे भाजपा ने अजित पवार को अपने पाले में खींचकर सरकार बनाने में सफलता हासिल कर ली. वरिष्ठ  कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी को जब फडणवीस और अजित पवार के गठबंधन की खबर मिली तो उन्होंने इसके लिए शरद पवार को दोषी मान लिया. 

श्राप देने पर उतर आए शिवसेना के संजय राउत

देवेन्द्र फडणवीस के हाथों सत्ता  के खेल में मात खाए हुए शिवसेना  के नेता तो इतने नाराज हैं  कि वह अजित पवार पर निजी हमले करने लगे हैं. संजय राउत तो खुद को इतने  बेबस और लाचार महसूस करने  लगे हैं कि  वह अजित पवार को  श्राप  देने  लगे हैं. राउत ने कहा है कि अजित पवार ने NCP चीफ शरद पवार को धोखा दिया, वो जिंदगी भर तड़पेंगे

संजय राउत की खीज इसलिए भी समझ में  आती है. क्योंकि  वह भी खुद को मुख्यमंत्री पद की रेस में समझ रहे थे