• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 6,28,747 और अबतक कुल केस- 21,53,010: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 14,80,884 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 43,379 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 68.32% से बेहतर होकर 68.78% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 53,878 मरीज ठीक हुए
  • सरकार ने 500 करोड़ का आवंटन आत्म निर्भर अभियान के तहत मधुमक्खी पालन बढ़ाने के लिए किया
  • शहद का उत्पादन 242% बढ़ा और निर्यात 265% बढ़ा
  • 115 जिलों में एमएसएमई पदचिह्न बढ़ाने के लिए पहल
  • ₹50 करोड़ तक का सेक्टर निवेश और MSME की नई परिभाषा में 250 करोड़ तक का कारोबार
  • ₹50 करोड़ तक का सेक्टर निवेश और MSME की नई परिभाषा में 250 करोड़ तक का कारोबार
  • यह डिजिटल और आउटडोर इंस्टॉलेशन से सुसज्जित है, जो स्वछता पर जानकारी और शिक्षा प्रदान करता है
  • अगले पांच वर्षों में पीएलआई योजना के तहत ₹11.5 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन और इसके पुर्जे तैयार किए जाएंगे

सुशांत मर्डर मिस्ट्री: तीन तरह से जांच 'कातिलों' तक ले जा सकती है

हमेशा ऊँगली टेढ़ी करना जरूरी नहीं बल्कि ऊँगली सही जगह पर रख कर पड़ताल करने से अक्सर अनपेक्षित रूप से बड़ी सफलताएं मिल जाती हैं..

सुशांत मर्डर मिस्ट्री: तीन तरह से जांच 'कातिलों' तक ले जा सकती है

नई दिल्ली.   सुशांत मर्डर मिस्ट्री पर जो तथाकथित जांच मुंबई पुलिस ने की है, उस पर बात करना व्यर्थ है. अब बिहार पुलिस पूरी गंभीरता से मुंबई में मामले की जांच कर रही है और इस टीम में बिहार से एक और आईपीएस अधिकारी को मुंबई भेजा जा रहा है. उधर महिला पुलिस भी मुंबई प्रस्थान के लिए तैयार है. किन्तु उसके पहले अब बिहार पुलिस को सीधे घटना-स्थल पर ध्यान केंद्रित करके तीन तरह से 'कातिलों' की पहचान करनी होगी.  

 

माउंट ब्लैंक के अंदर-बाहर दुबारा जांच हो 

बिहार पुलिस को माउंट ब्लेंक अपार्टमेंट्स आ कर एक बार बाहर-बाहर से अर्थात सुशांत के फ्लैट के बाहर से लेकर बिल्डिंग के गेट तक फिर से गहन तफ्तीश करनी होगी. इस बिल्डिंग के सामने वाली बिल्डिंग में भी तेरह जून की रात को लेकर गंभीर जांच करनी होगी. इस आवश्यक जांच प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद फ्लैट के अंदर आ कर बारीक जांच करनी होगी. यद्यपि अब वहां हत्या के समय और हत्या के बाद सारे सबूत मिटा दिए गए हैं, तदापि कोई न कोई अहम सूत्र वहां मिल सकता है. वहां सुशांत के साथ रह रहे नौकरों और परिजनों से अलग अलग पूछताछ करनी होगी.

मुंबई पुलिस से पूछताछ हो 

ये थोड़ा दुष्कर कार्य है. जिस मुंबई पुलिस ने 'बाहर वालों' की जांच में कोई मदद नहीं की वो पूछताछ में क्या सहयोग करेगी. किन्तु यदि यह सम्भव हो सके तो हो सकता है कोई बड़ा राज़-फाश हो जाए. जो मुंबई पुलिस की टीम सबसे पहले घटना-स्थल पर पहुंची थी उस टीम के हर सदस्य से अलग-अलग पूछताछ की जाए तो कोई बड़ा 'सुराग' हाथ लग सकता है.     

 

जांच रिपोर्ट्स की दुबारा जांच की जाए 

ये कार्य बहुत दुष्कर नहीं है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट पर फिर से ध्यान देना होगा बिहार पुलिस को. और इसके लिए उसे अपने पोस्टमार्टम विशेषज्ञ, फोरेंसिक इन्वेस्टीगेशन एक्सपर्ट और विसरा रिपोर्ट विशेषज्ञ को मुंबई बुलाना होगा.  इसके बाद बिहार पुलिस को सुशांत सिंह राजपूत की संदेहास्पद मृत्यु के बाद उनका पोस्टमार्टम करने वाले, फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने वाले और विसरा रिपोर्ट के इंचार्ज से दुबारा अलग-अलग और नए सवालों के साथ बारीकी से पूछताछ करनी होगी. इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद इन तीनों तरह से की गई जांच का कार्यालय में बैठ कर गहराई से विश्लेषण करना होगा. उसके बाद एक दो नहीं बल्कि कई बड़े सुराग सामने न आएं, ऐसा हो ही नहीं सकता - क्योंकि किसी भी कोल्ड ब्लडेड मर्डर के मास्टर माइंड्स का होमवर्क इतना परफेक्ट  हो ही नहीं सकता! 

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