उत्तर प्रदेश में 879 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, तृणमूल कांग्रेस के नेता नहीं घुस पाएंगे

यूपी में नागरिकता क़ानून के विरुद्ध हिंसक प्रदर्शनों में लिप्त 879 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और इसी नीयत से यहां आने की योजना वाले तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का भी प्रदेश में प्रवेश निषेध कर दिया गया है..  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 22, 2019, 05:13 PM IST
    • यूपी में 879 हिंसक प्रदर्शनकारी हिरासत में
    • तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का प्रवेश निषेध
    • हिंसक आंदोलनकारियों के विरुद्ध योगी-फार्मूला कारगर
    • अराजकता में लगे लोगों के विरुद्ध 135 मामले दर्ज
उत्तर प्रदेश में 879 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, तृणमूल कांग्रेस के नेता नहीं घुस पाएंगे

लखनऊ. देश भर में नागरिकता क़ानून का विरोध करने वालों ने पिछले कुछ दिनों में जम कर उत्पात मचाया है. प्रदर्शन की आड़ में ये उपद्रवी तत्व न केवल सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाते रहे बल्कि वे पुलिस के खिलाफ भी हिंसा करने से नहीं चूके. ऐसे 879 हिंसक आंदोलनकारियों को प्रदेश की पुलिस ने हिरासत में लिया है.

हिंसक आंदोलनकारियों के विरुद्ध योगी-फार्मूला कारगर 

प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले प्रदर्शनकारियों पर सख्ती करने के आदेश दिए हैं. साथ ही सीएम योगी ने ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी सम्पत्ति की कुर्की का फैसला भी लिया है. कुर्की से प्राप्त धनराशि से इन नुकसानों की भरपाई की जायेगी. इस योगी फार्मूला पर काम शुरू होते ही प्रदर्शनकारियों और उनके द्वारा की जाने वाली हिंसा - दोनों में ही कमी दिखाई दी है. 

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अराजकता में लगे लोगों के विरुद्ध 135 मामले दर्ज 

प्रदेश में उत्पाती तत्वों की गिरफ्तारी लगातार जारी है. प्रदर्शन के दौरान उपद्रव कर रहे लोगों की गिरफ्तारी में उत्तरप्रदेश पुलिस ने कोई कोताही नहीं बरती है और अब तक कुल 879 ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है. यह जानकारी उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने दी. उनके अनुसार प्रदेश में हर जगह पुलिस तैनाती की गई है जिसमें पीएसई और रैपिड एक्शन फोर्स की भी मदद ली गई है.

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का फिलहाल लखनऊ प्रवेश निषेध

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता लखनऊ पहुंचना चाह रहे हैं और चूँकि यहां धारा 144 लागू है और इसलिए माहौल को तनावपूर्ण होने से बचाने के लिए ये कदम उठाया गया है. 

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