आकाश मिसाइल की गड़बड़ियां दूर, दिए गए और ऑर्डर

आकाश मिसाइल में गड़बड़ियों की रिपोर्ट्स के बीच एयर फोर्स के बड़े अफसरों ने यह स्वीकार किया है कि कुछ गड़बड़ियां तो थीं, लेकिन ज्यादातर दूर हो चुकी हैं. अफसरों ने बुधवार को कहा कि हर स्वदेसी सिस्टम में शुरुआती स्तर पर इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं. अफसरों ने कहा कि ज्यादातर गड़बड़ियां दूर कर ली गई हैं जिसके बाद आकाश मिसाइल सिस्टम के और स्क्वॉड्रन के ऑर्डर दिए गए हैं.

आकाश मिसाइल की गड़बड़ियां दूर, दिए गए और ऑर्डर

नई दिल्लीः चीन-पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात होने वाली आकाश मिसाइल में गड़बड़ी की बात सामने आई थी. अब इस मामले में एयर फोर्स के उच्च अधिकारियों ने कहा कि सिस्टम में गंभीर गड़बड़ी नहीं थीं, जो भी दिक्कते थीं उन्हें दूर कर लिया गया है. गड़बड़ियों की रिपोर्ट्स के बीच एयर फोर्स के बड़े अफसरों ने यह स्वीकार किया है कि कुछ गड़बड़ियां तो थीं, लेकिन ज्यादातर दूर हो चुकी हैं. अफसरों ने बुधवार को कहा कि हर स्वदेसी सिस्टम में शुरुआती स्तर पर इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं. अफसरों ने कहा कि ज्यादातर गड़बड़ियां दूर कर ली गई हैं जिसके बाद आकाश मिसाइल सिस्टम के और स्क्वॉड्रन के ऑर्डर दिए गए हैं.

लंबे समय तक काम न करने की थी शिकायत
हालिया रिपोर्ट्स में इस तरह के संकेत मिले थे कि एयर फोर्स के आकाश मिसाइल स्क्वॉड्रनों ने मिसाइल सिस्टम में गड़बड़ियों की रिपोर्ट दी थी. इसमें लंबे समय तक सिस्टम के काम नहीं करने की भी शिकायत शामिल थी.

स्क्वॉड्रनों ने मिसाइल बनाने वाली भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड समेत कई सरकारी एजेंसियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आकाश मिसाइल सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ियों के बारे में सरकार को नहीं बताया था.

'ज्यादातर गड़बड़ियां दूर, 7 और स्क्वॉड्रन के दिए गए ऑर्डर
एयर फोर्स के अफसरों ने बताया कि फोर्स ने 'शुरुआती समस्याओं के दूर होने के बाद' ही आकाश मिसाइलों की 7 और स्क्वॉड्रनों का ऑर्डर दिया है.  कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी ने हाल ही में एयर फोर्स के लिए आकाश मिसाइल सिस्टम के 7 स्क्वॉड्रनों को मंजूरी दी है. इस पर 5,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

इंडियन एयर फोर्स के टॉप अफसरों ने बुधवार को बताया, ये गड़बड़ियां गंभीर तरह की नहीं हैं और इनमें से ज्यादातर को दूर कर लिया गया है. तकरीबन सभी स्वदेसी सिस्टमों को बनाए जाने के बाद इस तरह की गड़बड़ियां दिखती हैं.

डीआरडीओ ने तैयार की आकाश मिसाइल
आकाश मिसाइल प्रणाली को भारत में रक्षा अनुसंधान एवं विकास परिषद (डीआरडीओ) ने तैयार किया है. अब तक सेना में यह मिसाइल बहुत सफल रही है. सेना के पास इसकी दो रेजीमेंट पहले से मौजूद हैं. अब सेना नई आकाश प्राइम की दो और रेजिमेंट शामिल करना चाहती है.  सेना के लिए प्रस्तावित दोनों रेजीमेंट के लिए उपकरण सप्लाई करने का ठेका विदेशी फर्मों को दिया जाना है,

लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत आकाश मिसाइल को तरजीह देने की बात कही. इसके बाद, सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी ने वायु सेना की सात स्क्वार्डन के लिए के लिए सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल सिस्टम खरीदने को मंजूरी दी थी. 

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चीन-पाकिस्तान दोनों की सीमाएं होंगी जद में
पर्वतीय इलाकों में पाकिस्तान और चीन की तरफ से हवाई घुसपैठ रोकने के लिए भारतीय सेना आकाश मिसाइल तैनात करेगी. रक्षा मंत्रालय सेना के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है. इस रकम से 15,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में आकाश मिसाइल सिस्टम की दो रेजिमेंट तैनात की जाएंगी.

आकाश मिसाइल की नई प्रणाली पहले से ज्यादा असरदार है. इसे लद्दाख में तैनात करने की योजना है, जहां पाकिस्तान और चीन दोनों की सीमाएं इसकी जद में होंगी. 

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