सचिन पायलट, अशोक गहलोत के बीच सब ठीक है या कांग्रेस की सियासी रणनीति?

भाजपा ने ये दावा किया है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट का एकजुटता दिखाना कांग्रेस के अंदरूनी कलह का राजनीतिक विराम है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Nov 30, 2022, 01:03 PM IST
  • गहलोत और पायलट के बीच थम गया विवाद?
  • कांग्रेस पर भाजपा ने लगाए ये गंभीर आरोप

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सचिन पायलट, अशोक गहलोत के बीच सब ठीक है या कांग्रेस की सियासी रणनीति?

नई दिल्ली: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में मंगलवार को एकजुटता के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि यह फिलहाल के लिए एक राजनीतिक विराम है और लोगों को फिर से ‘गद्दार’ जैसे शब्द सुनने को मिलेंगे.

कांग्रेस में अंदरूनी कलह से जनता परेशान
भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता राम लाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में अंदरूनी कलह से जनता परेशान है. शर्मा ने एक वीडियो बयान में कहा, 'कांग्रेस की अंदरूनी सियासत का नजारा मंगलवार को एक बार फिर दिखा जब हाथ खड़ा करके राज्य की अवाम को यह विश्वास दिलाया गया कि कांग्रेस के अंदर सबकुछ ठीक है लेकिन मुझे लगता है कि यह एक राजनीतिक विराम है जो कुछ समय के लिये थमा है और एक बार फिर राज्य की जनता को वही सब सुनने को मिलेगा... नकारा, निकम्मा, गद्दार....'

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी कलह का नुकसान राजस्थान की जनता को हो रहा है... ना कांग्रेस के नेताओं और ना कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को कोई फिक्र है. राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में आंदोलनों का दबाया जाता है.

गहलोत के खिलाफ विधायकों ने किया था विद्रोह
गहलोत ने जुलाई 2020 में राजनीतिक संकट के दौरान पायलट के खिलाफ ‘नकारा’, ‘निकम्मा’ और ‘गद्दार’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया था. उस समय तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और 18 अन्य कांग्रेस विधायकों ने उनके (गहलोत) के खिलाफ विद्रोह कर दिया था.

पिछले सप्ताह भी गहलोत ने एक टीवी चैनल को दिये साक्षात्कार में कहा था कि पायलट ‘गद्दार’ हैं और उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सकता क्योंकि उन्होंने 2020 में कांग्रेस के खिलाफ बगावत की थी और राज्य सरकार को गिराने की कोशिश की थी.

पायलट ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि इस तरह 'कीचड़ उछालने' से मदद नहीं मिलेगी. दोनों नेताओं ने मंगलवार को एकता का प्रदर्शन किया जब केसी वेणुगोपाल ने जयपुर में 'भारत जोड़ो यात्रा' की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की. उन्होंने बैठक के बाद संयुक्त रूप से मीडिया को जानकारी दी और मीडिया के सामने वेणुगोपाल ने दोनों नेताओं का हाथ पकड़कर कहा, 'यह राजस्थान कांग्रेस है.' कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यहां पार्टी में सभी एकजुट हैं.

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