• पूरी दुनिया में कोरोना से 1201964 लोग प्रभावित, अब तक 64727 लोगों की मौत हुई,246638 लोग रोगमुक्त हुए
  • भारत में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 3374, इसमें से 79 लोगों की मौत हुई, 267 इलाज के बाद ठीक हुए
  • महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा 490 मरीज, 24 लोगों की मौत हुई, 42 लोग ठीक हुए
  • तमिलनाडु में कोरोना से 411 लोग प्रभावित, 2 की मौत, 6 लोग ठीक हुए
  • केरल में अब तक 295 लोगों को हुआ कोरोना, 2 की मौत हो चुकी है, 41 इलाज के बाद ठीक हुए
  • दिल्ली में कोरोना के 445 मरीज, 6 की मौत, 15 लोग ठीक हुए, मध्य प्रदेश में कोरोना से 155 लोग संक्रमित, 9 लोगों की मौत
  • यूपी में कोरोना के 174 मरीज, 19 लोग ठीक हुए, 2 लोगों की मौत
  • राजस्थान में कोरोना के 200 मरीज, 21 लोग इलाज के बाद ठीक हुए, अभी तक एक भी मौत नहीं
  • तेलंगाना में कोरोना के 158 मरीज, 7 लोगों की मौत, मात्र 1 ही इलाज के बाद ठीक हुआ
  • कर्नाटक में कोरोना के 128 मरीज और आंध्र प्रदेश में 161 लोगों में कोरोना वायरस का असर

CAA विरोधः अब चेन्नई में सड़कों पर उतरे लोग, सचिवालय के बाहर प्रदर्शन

बुधवार को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सीएए, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में लोग सड़क पर उतर आए हैं. राज्य सचिवालय के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन हो रहा है.

CAA विरोधः अब चेन्नई में सड़कों पर उतरे लोग, सचिवालय के बाहर प्रदर्शन

नई दिल्लीः नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अभी रार थमी नहीं है. संसद से लेकर सड़क तक इसका विरोध जारी है. प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह साफ कर चुके हैं कि वह इस निर्णय से नहीं टलेंगे और इससे किसी भारतीय का नुकसान नहीं है. इसके बावजूद लोगों का विरोध थम नहीं रहा है. सीएए के खिलाफ उत्तर से लेकर दक्षिण तक जोरदार प्रदर्शन हो रहा है.

बुधवार को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सीएए, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में लोग सड़क पर उतर आए हैं. राज्य सचिवालय के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन हो रहा है.

महिलाओं ने संभाला है मोर्चा
चेन्नई में भी महिलाएं सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध कर रही हैं. बुधवार को प्रदर्शनकारी फोर्ट सेंट जॉर्ज में सचिवालय तक मार्च निकाल रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि तमिलनाडु विधानसभा भी सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित करे. रैली की शुरुआत कलिवानर आरंगम से हुई.

दिल्ली के शाहीन बाग की ही तरह यहां भी महिलाओं ने मोर्चा संभाला हुआ है. इधर शाहीन बाग का मामला सुप्रीम कोर्ट से हो आया है और कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है कि सार्वजनिक तौर पर बाधा पहुंचाकर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है. 

लाठीचार्ज का विरोध
सीएए के खिलाफ निकाले गए मार्च में हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल हैं. 14 फरवरी को चेन्नई के वाशरमेनपेट में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बाद शहर में महिलाओं ने पुलिस की ज्यादती के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया और लाठीचार्ज में शामिल अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

इधर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री  पलानीस्वामी ने 14 फरवरी को चेन्नई के वाशरमेनपेट में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना इजाजत विरोध प्रदर्शन करने के लिए लोगों को गिरफ्तार किया था और कहा कि सरकार को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग विरोध प्रदर्शनों को उकसा रहे हैं.

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शाहीन बाग का रास्ता खुलवाने की कवायद
शाहीन बाग में चल रहे धरने को खत्‍म कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त वार्ताकार वकील संजय हेगड़े और उनके साथी वार्ताकार आज शाहीन बाग जाएंगे. यहां वे शाहीन बाग के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे और मसले को सुलझाकर धरने को खत्‍म करवाकर रास्‍ता खुलवाने का प्रयास करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपनी सुनवाई में शाहीनबाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर चल रहे प्रदर्शन को समाप्त करवाने के लिए वातार्कारों के एक पैनल का गठन किया था. 

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