सीएम कमलनाथ ने मंत्रियों से लिया इस्तीफा, क्या इस तरकीब से बचेगी सरकार

कमलनाथ की मौजूदा राजनीतिक हालत को देखते हुए मध्य प्रदेश भाजपा ने मंगलवार शाम (आज) 6 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. कांग्रेस में उठापटक को देखते ही भाजपा इस चांस को नहीं जाने देना चाहती. ऐसे में सामने आ रहा है कि कल भाजपा ने अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है. 

सीएम कमलनाथ ने मंत्रियों से लिया इस्तीफा, क्या इस तरकीब से बचेगी सरकार

भोपालः सीएम कमलनाथ सरकार के संकट से अभी उबर नहीं पाए हैं. देश भर में होली के रंग-अबीर की तैयारी है लेकिन एमपी में सियासी धूल उड़ती दिख रही है और कांग्रेस के रंग उड़े हुए हैं. कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का रुख देखते हुए सीएम ने सोमवार देर शाम एक कैबिनेट मीटिंग बुलाई थी.

इस बैठक के दौरान सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया और इसे स्वीकार भी कर लिया गया. दरअसल, सिंधिया खेमे के 17 विधायक बेंगलुरु पहुंच गए हैं. ऐसे में कमलनाथ सरकार की स्थिरता संकट में पड़ गई है. 

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भाजपा ने आज बुलाई बैठक
यही नहीं, कमलनाथ की मौजूदा राजनीतिक हालत को देखते हुए मध्य प्रदेश भाजपा ने मंगलवार शाम (आज) 6 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. कांग्रेस में उठापटक को देखते ही भाजपा इस चांस को नहीं जाने देना चाहती. ऐसे में सामने आ रहा है कि कल भाजपा ने अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है.

भाजपा इस मौके को नहीं जाने देना चाहती. उधर, कमलनाथ ने कहा, 'जो लोग माफिया की मदद से सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, मैं उन्हें कामयाब नहीं होने दूंगा. मेरी सबसे बड़ी ताकत विश्वास और मध्य प्रदेश के लोगों का प्यार है. मध्य प्रदेश के लोगों ने जो सरकार बनाई है मैं उसे अस्थिर करने में जुटी शक्तियों को कतई सफल नहीं होने दूंगा. 

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पायलट ने माना, कांग्रेस नेताओं में मतभेद
राजस्थान के कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, मुझे उम्मीद है कि मध्य प्रदेश में मौजूदा संकट जल्द ही समाप्त हो जाएगा और नेता मतभेदों को हल करने में सक्षम होंगे. जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए राज्य को एक स्थिर सरकार की आवश्यकता है.

पायलट ने माना कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में नेताओं में मतभेद हैं.

बागियों की वापसी के लिए फिर से कैबिनेट गठबंधन
कमलनाथ सरकार सत्ता पर आए संकट को किसी तरह से टालने की कवायद में जुटी हुई. मंत्रिमंडल में नाराज चेहरों को जगह देकर उन्हें साधने की कोशिश की जा रही है. दरअसल मंत्रियों से इस्तीफा लेकर सीएम कमलनाथ को दोबारा मंत्री चुनने के लिए स्वतंत्रता दी गई है.

दूसरी ओर यह भी सामने आया है कि बेंगलुरु में बागी कांग्रेस विधायकों से मध्य प्रदेश भाजपा प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने मुलाकात की है. मंगलवार को बेंगलुरु में ही बागी विधायक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं.