धर्मेंद्र प्रधान बोले- हिंदुस्तान में 'भारत माता की जय' कहने वाले लोग ही रहेंगे

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ऐसा बयान दिया है जिस पर विवाद हो सकता है. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि ये सुनिश्चित होना चाहिये कि भारत के प्रति आस्था और 'भारत माता की जय' कहने वाले लोग ही इस हिंदुस्तान में रहें.  

 धर्मेंद्र प्रधान बोले- हिंदुस्तान में 'भारत माता की जय' कहने वाले लोग ही रहेंगे

पुणे: देश के कई हिस्सों में नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ जारी विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ऐसा बयान दिया है जिस पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया, इसलिए हमें यह चुनौती स्वीकार करनी होगी और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि केवल वे लोग ही यहां रह सकें जो ‘भारत माता की जय' कहने के लिए तैयार हैं.

धर्मशाला नहीं है हिंदुस्तान: धर्मेंद्र प्रधान 

मोदी सरकार में पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान ने सवाल किया कि क्या अब हम हमारे देश को धर्मशाला बनाने जा रहे हैं, जहां कोई भी बिना रोक-टोक के घूम सके. भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया, इसलिए हमें उन्हीं लोगों को भारत में शरण देनी होगी जो भारत माता की जय का समर्थन करते हैं.

ABVP के सम्मेलन को कर रहे थे संबोधित

प्रधान ने यह बयान पुणे में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 54 वें राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिया. यहां उन्होंने भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस के बलिदान को याद करते हुए कहा कि क्या भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस द्वारा दिया गया बलिदान व्यर्थ जाएगा? क्या लोगों ने आजादी के लिए लड़ाई इसलिए लड़ी ताकि आजादी के 70 साल बाद देश इस विषय पर विचार करेगा कि नागरिकता गिनें या नहीं ? क्या हम इस देश को धर्मशाला बनाएंगे?
 
मेरठ के सिटी एसपी ने भी कही विवादित बात

उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक वीडियो सामने आया है. ये महज 7 दिन पुराना का वीडियो है. जो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. ये वीडियो तब का है जब पूरे देश में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहे थे. उस वक्त मेरठ में भी विरोध प्रदर्शन हुए थे. तब एसपी सिटी खुद पूरी फोर्स लेकर सड़क पर उपद्रवियों को सबक सिखाने निकले थे वहां उन्होंने देखा कि कुछ लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि खाते यहां का हो और गाते पाकिस्तान का हो तो फिर पाकिस्तान ही क्यों नहीं चले जाते.

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